
अजय सिंह
देहरादून/मुंबई: रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को अपना शिकार बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का मुंबई पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में छापेमारी कर एक फर्जी कॉल सेंटर को सील किया है, जहाँ से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह नामी एयरलाइंस में नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपये ऐंठ रहा था।
ऐसे जाल में फंसाते थे शिकार
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा मुंबई के मानखुर्द पुलिस स्टेशन में दर्ज एक शिकायत के बाद हुआ। दरअसल, एक महिला ने पुलिस को बताया कि इस साल जनवरी-फरवरी के बीच कुछ लोगों ने उसे एक प्राइवेट एयरलाइन में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसके बाद:
रजिस्ट्रेशन और डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर महिला से ₹2.50 लाख ट्रांसफर करवा लिए गए।
पैसे ऐंठने के बाद आरोपियों ने बातचीत बंद कर दी और पीड़िता को न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस।
जांच का सिरा: मुंबई पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की डिटेल खंगाली, तो इस साइबर ठगी के तार सीधे देहरादून से जुड़े मिले।
छापेमारी में मिला इलेक्ट्रॉनिक सामानों का जखीरा
देहरादून में दी गई दबिश के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था: जिसमें 09 लैपटॉप, 13 मोबाइल फोन और भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज व सामग्री थे।
देशव्यापी हो सकता है नेटवर्क
पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह ने सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों के युवाओं को भी अपना शिकार बनाया है। फिलहाल गिरफ्तार किए गए सभी 11 आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य चेहरों और बैंक खातों का पता लगाया जा सके।




