
अजय सिंह
देहरादून/मेरठ: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के एक हिस्से में सड़क धंसने की गंभीर घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रोजेक्ट के टीम लीडर और प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, निर्माण कार्य से जुड़ी चैतन्य प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कैसे हुआ हादसा?
यह घटना गुरुवार को मेरठ-करनाल हाईवे पर खेड़ा मस्तान गांव के समीप तड़के हुई। हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण नवनिर्मित एक्सप्रेस-वे की सड़क का एक बड़ा हिस्सा बीच से धंस गया। इस दौरान वहां से गुजर रही एक कार अनियंत्रित होकर बने गहरे गड्ढे में फंस गई, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। कार सवार पीड़ित ने इस पूरी घटना और बदहाल सड़क का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
NHAI का त्वरित एक्शन और वर्तमान स्थिति
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और मामला संज्ञान में आते ही NHAI मुख्यालय ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। तकनीकी टीम ने युद्धस्तर पर कार्य कर धंसे हुए हिस्से की मरम्मत की, जिसके बाद मार्ग को यातायात के लिए सुचारू रूप से दोबारा खोल दिया गया है। हालांकि, क्षेत्र में जल निकासी की समस्या को दूर करने का काम अभी भी जारी है, जिसके लिए फिलहाल एक अस्थायी नाली का निर्माण किया गया है।
गाज गिरी इन अधिकारियों पर
प्राधिकरण ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए टीम लीडर कुलदीप राजदान और प्रोजेक्ट मैनेजर नागेंद्र पाल सिंह को सस्पेंड कर दिया है।
“इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। निर्माण की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा से समझौता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।” – नरेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर (NHAI)