
अजय सिंह
देहरादून, 3 जुलाई। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) से आज राजभवन (लोक भवन) में सिख समाज के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में प्रदेश में उपजी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा अपनाए गए संवेदनशील, संतुलित और परिपक्व दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशासन के प्रभावी कदमों के कारण ही राज्य में सामाजिक सौहार्द, शांति और आपसी भाईचारा अक्षुण्ण बना रहा।
‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘सरबत दा भला’ ही सिख पंथ का आधार: राज्यपाल
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि सिख पंथ का इतिहास हमेशा से “राष्ट्र प्रथम” और “सरबत दा भला” (सबका कल्याण) की गौरवशाली भावना से प्रेरित रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि उत्तराखंड की देवभूमि संस्कृति सभी धर्मों, पंथों और समुदायों के प्रति गहरे सम्मान तथा “अतिथि देवो भवः” के आदर्शों पर टिकी है। यहां आने वाले देश-विदेश के हर श्रद्धालु और पर्यटक का स्वागत पूरे खुले दिल से किया जाता है।
सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित यात्रा के लिए प्रशासन सतर्क
राज्यपाल ने बैठक में जानकारी दी कि राज्य में पवित्र चारधाम यात्रा और श्री हेमकुण्ड साहिब यात्रा पूरी तरह से शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ रही है। शासन और प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुचारू व्यवस्थाओं को लेकर निरंतर मुस्तैद है और जमीनी स्तर पर सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।
इस दौरान सिख समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि समाज भविष्य में भी देश की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करने में अपनी सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा।
बैठक में ये गणमान्य रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण अवसर पर सिख समाज के प्रमुख संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा (अध्यक्ष, गुरुद्वारा श्री हेमकुण्ड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट)
गुरदीप सिंह (अध्यक्ष, सिंह सभा डोईवाला)
गुरबक्स सिंह राजन (अध्यक्ष, सिंह सभा देहरादून)
बलबीर सिंह साहनी (अध्यक्ष, गुरुद्वारा रेसकोर्स)
ओंकार सिंह (अध्यक्ष, सिंह सभा नूनावाला)
इस बैठक में समाज के कई अन्य गणमान्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे और सभी ने प्रदेश की प्रगति में साझा सहयोग का संकल्प दोहराया।