Dehradun Traffic Updates: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को ध्वनि प्रदूषण से मुक्त कराने और यातायात व्यवस्था को अधिक अनुशासित बनाने के लिए आरटीओ प्रशासन ने कमर कस ली है। अब शहर की सड़कों पर बेवजह और लगातार हॉर्न बजाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
रेड लाइट पर हॉर्न बजाने वालों पर होगी पैनी नजर
आरटीओ प्रशासन के अधिकारी संदीप सैनी के मुताबिक, अक्सर देखा जाता है कि ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती होने के बावजूद वाहन चालक लगातार और अनावश्यक रूप से हॉर्न बजाते रहते हैं। यह आदत न केवल मानसिक तनाव पैदा करती है, बल्कि शहर में ध्वनि प्रदूषण के स्तर को भी खतरनाक रूप से बढ़ाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब ऐसे वाहन चालकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रवर्तन टीमों के जरिए सख्त अभियान चलाया जाएगा।
अस्पतालों और स्कूलों के पास बने विशेष ‘साइलेंस जोन’
प्रशासन ने शहर के भीतर कुछ संवेदनशील इलाकों को विशेष साइलेंस जोन के रूप में चिन्हित किया है, जहां हॉर्न बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
बड़े और रिहायशी अस्पतालों के आसपास के क्षेत्र
प्रमुख शैक्षणिक संस्थान और स्कूल-कॉलेज परिसर
घनी आबादी वाले मुख्य रिहायशी इलाके
रोड सेफ्टी बैठक में लिया गया फैसला: जिला प्रशासन के साथ हाल ही में आयोजित रोड सेफ्टी की उच्च स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ की संयुक्त टीमें शहर के विभिन्न चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाएंगी।
जनता से सहयोग की अपील
प्रशासन का मानना है कि इस कड़े कदम से खासकर अस्पतालों में भर्ती मरीजों और आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों व बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी। आरटीओ प्रशासन ने देहरादून के सभी नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें। सड़क पर संयमित व्यवहार करें और केवल आपातकालीन स्थिति में ही हॉर्न का उपयोग करें, ताकि देहरादून को एक शांत और सुरक्षित शहर बनाया जा सके।


