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उत्तराखंड के दूरस्थ गाँवों तक पहुँचेगा पानी और सड़क: पोखड़ा में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने किया कई योजनाओं का लोकार्पण

उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और सटीक योजनाबद्ध नीति के बल पर अब पहाड़ का जीवन सुगम बनता जा रहा है। पौड़ी गढ़वाल जिले के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला पोखड़ा विकासखंड इसका जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ बुनियादी ढांचे का कायाकल्प हो रहा है।

उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक सतपाल महाराज के हालिया दौरे ने यह साबित कर दिया है कि जब दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याणकारी नीतियों का संगम होता है, तो सबसे दूरस्थ और दुर्गम गाँव भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ जाते हैं। पोखड़ा में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर, आधारभूत सुविधाओं का लोकार्पण और करोड़ों रुपये की पेयजल तथा सड़क परियोजनाओं की मंजूरी इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, रोजगार और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

चौबट्टाखाल का समग्र विकास: नीति और संकल्प
उत्तराखंड के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास की एक व्यापक और सुसंगत नीति लागू की जा रही है। इस नीति का मुख्य केंद्र बिंदु सड़क नेटवर्क का विस्तार, निर्बाध पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था में सुधार, पर्यटन की नई संभावनाओं की तलाश, पंचायती राज संस्थाओं को आर्थिक एवं प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियाँ अक्सर विकास कार्यों के मार्ग में बाधा बनती हैं, लेकिन सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से अब प्रशासनिक अमला सीधे जनता के द्वार तक पहुँच रहा है।

अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने पोखड़ा विकासखंड में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में भाग लेते हुए इस बात पर जोर दिया कि सरकार का प्राथमिक ध्येय अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। विकास केवल कागजों पर या घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर उसकी स्पष्ट छाप दिखे, इसी सोच के साथ बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में जहाँ एक ओर जनसमस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाता है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न विभागों के स्टालों के माध्यम से आम नागरिक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठा सकते हैं।

पेयजल संकट का ऐतिहासिक समाधान: बरसूण्ड देवता पम्पिंग योजना
पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल संकट हमेशा से एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा रहा है। प्राकृतिक स्रोतों के सूखने और भौगोलिक विषमताओं के कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को पानी की एक-एक बूंद के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता था। पोखड़ा विकासखंड के सुदूर कोला क्षेत्र की जनता भी लंबे समय से इस पेयजल समस्या से जूझ रही थी। वर्षों से लंबित पड़ी बरसूण्ड देवता ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना को अब पंख लग चुके हैं। इस अत्यंत महत्वपूर्ण योजना के लिए 29 करोड़ 83 लाख रुपये की भारी-भरकम धनराशि स्वीकृत कराई गई है।

यह पेयजल परियोजना केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक जीवन में बदलाव लाने वाली एक जीवन रेखा साबित होगी। इस बृहद पम्पिंग योजना के पूरा होने से पोखड़ा और आसपास के चालीस छोटे-बड़े गाँव तथा उनके तोक (मजरे) सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से जल पहुँचाने के संकल्प को गति देने के लिए पोखड़ा विकासखंड की हर ग्राम सभा में दस करोड़ रुपये से अधिक के पेयजल कार्य संपन्न कराए जा चुके हैं। स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति से न केवल लोगों के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि पलायन जैसी बड़ी समस्या पर भी काफी हद तक अंकुश लगेगा।

सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार: सुगम और सुरक्षित सफर
पहाड़ में सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं होती, बल्कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार की कुंजी होती है। जब तक हर गाँव पक्की सड़क से नहीं जुड़ता, तब तक विकास की गति अधूरी मानी जाती है। पोखड़ा विकासखंड में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने 2 करोड़ 75 लाख 63 हजार रुपये की लागत से निर्मित बिजोरापानी-कुंजखाल-कोलाखाल-जयकोट मार्ग के 8 किलोमीटर से चिनवाड़ी तक के ग्रामीण मोटर मार्ग का औपचारिक लोकार्पण किया।

इसके अतिरिक्त, दूरस्थ कोला-1 और कोला-2 गाँवों को मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए 31 लाख 51 हजार रुपये की लागत से निर्माण कार्य पूरा कराया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो चुकी है। साथ ही बिजोरापानी से कुंजखाल तक के अत्यंत आवश्यक स्थानों पर 56 लाख रुपये की लागत से मोटर मार्ग का सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण कराया गया है। सड़कों के इस मजबूत जाल से न केवल मरीजों को आपात स्थिति में अस्पतालों तक पहुँचाना आसान होगा, बल्कि स्थानीय किसानों और बागवानों को अपने उत्पाद नजदीकी मंडियों तक पहुँचाने में भी सीधी मदद मिलेगी।

बुनियादी ढांचा, शिक्षा और पर्यावरण: पंचायती राज का सशक्तिकरण
ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाए बिना ग्रामीण भारत का विकास संभव नहीं है। चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि के माध्यम से एक करोड़ रुपये की लागत से हर ग्राम पंचायत में जनहित के अनेकों बुनियादी कार्य कराए गए हैं। इन कार्यों में सामुदायिक भवनों का निर्माण, रास्तों की मरम्मत, सुरक्षा दीवारों का निर्माण और सार्वजनिक परिसंपत्तियों का रखरखाव शामिल है।

शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकारी स्कूलों के भवनों का जीर्णोद्धार कराया गया है, ताकि ग्रामीण बच्चों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके। वहीं दूसरी ओर, पर्वतीय क्षेत्रों में ऊर्जा की बढ़ती माँग और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन को बनाए रखने के लिए सौर ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर स्ट्रीट लाइटों और सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना से दूरदराज़ के इलाके जगमगा रहे हैं, जिससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम हुई है और पर्यावरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

सेवा संकल्प अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन: कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कई विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

विकासखंड पोखड़ा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर के दौरान प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने विभिन्न विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों की जनसमस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके त्वरित निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण एवं स्वीकृत विकास कार्य:

सड़क मार्ग का लोकार्पण: पोखड़ा विकासखंड के अंतर्गत ₹2 करोड़ 75 लाख 63 हजार की लागत से निर्मित ‘बिजोरापानी-कुंजखाल-कोलाखाल-जयकोट मार्ग’ (8 किमी) से चिनवाड़ी तक ग्रामीण मोटर मार्ग का औपचारिक लोकार्पण किया गया।

विकास कार्यों का शिलान्यास:

विकासखंड जयहरीखाल के तहत ₹70.75 लाख की लागत से ‘तसीला लिंक मोटर मार्ग’ के सुधारीकरण कार्य का शिलान्यास।

₹93.17 लाख की स्वीकृत धनराशि से ‘घेरुवा से गुजरखण्ड मलाणा मोटर मार्ग’ के द्वितीय चरण (स्टेज-1) का शिलान्यास।

इसके अतिरिक्त, अपने निवास स्थान (सेड़ियाखाल, विकासखंड पोखड़ा) में आयोजित कार्यक्रम में श्री महाराज ने मुख्यमंत्री राहत कोष से पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए। साथ ही समाज सेवा एवं रचनात्मक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान हेतु अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया।

सेवा संकल्प अभियान: जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण और सम्मान
सेवा संकल्प अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनता और सरकार के बीच सीधे संवाद का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। पोखड़ा में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन करते हुए कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली न बरती जाए। शिविर के दौरान स्वास्थ्य, समाज कल्याण, राजस्व, कृषि और पशुपालन विभागों के माध्यम से सैकड़ों लोगों ने अपनी समस्याओं को पंजीकृत कराया, जिनमें से अधिकतर का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।

अभियान के तहत अपने निवास स्थान सेड़ियाखाल (विकासखंड पोखड़ा) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री राहत कोष से पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के युवाओं को भी सम्मानित किया गया। यह इस बात का प्रतीक है कि सरकार न केवल बुजुर्गों और जरूरतमंदों का सहारा बन रही है, बल्कि युवा शक्ति को भी राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित कर रही है। इस भव्य कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे, जो इस बात का प्रमाण है कि विकास कार्यों को लेकर जनता में भारी उत्साह है।

रिवर्स पलायन और पर्यटन की नई दिशा
पौड़ी गढ़वाल और विशेष रूप से चौबट्टाखाल का इलाका लंबे समय से पलायन की दंश झेलता रहा है। लेकिन जब किसी क्षेत्र में पक्की सड़कें, निर्बाध पेयजल, बेहतर स्कूल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं, तो पलायन की गति धीमी होने लगती है। पोखड़ा विकासखंड में 29 करोड़ से अधिक की पेयजल योजना और करोड़ों रुपये की सड़क परियोजनाएं इसी दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

सड़क संपर्क बेहतर होने से चौबट्टाखाल और पोखड़ा के प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थल होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन के केंद्र के रूप में उभर सकते हैं। जब बाहरी पर्यटक इन खूबसूरत वादियों का रुख करेंगे, तो स्थानीय युवाओं को अपने ही गाँव में स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। कृषि और बागवानी के क्षेत्र में भी नई तकनीक का इस्तेमाल करके स्थानीय उपज को बड़े बाजारों से जोड़ा जा सकता है। सरकार की ये नीतियाँ आने वाले समय में पहाड़ के युवाओं को वापस अपनी जड़ों की ओर लौटने के लिए प्रेरित करेंगी।

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में पोखड़ा का यह विकास मॉडल स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि दूरदर्शी सोच, मजबूत प्रशासनिक समन्वय और जनभागीदारी से पहाड़ों की कठिन परिस्थितियों को भी अवसर में बदला जा सकता है। पोखड़ा को मिली करोड़ों रुपये की सौगातें केवल वित्तीय आंकड़े नहीं हैं, बल्कि ये हजारों ग्रामीणों के जीवन स्तर में आने वाले उस सकारात्मक बदलाव का प्रतीक हैं, जिसका सपना उन्होंने वर्षों पहले देखा था। 29.83 करोड़ रुपये की बरसूण्ड देवता पम्पिंग योजना से चालीस गाँवों का तृप्त होना और 2.75 करोड़ की लागत से सड़कों का नेटवर्क तैयार होना इस बात का पुख्ता सबूत है कि धामी सरकार के नेतृत्व में उत्तराखंड का हर कोना विकास की रोशनी से सराबोर हो रहा है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनता और सरकार का यह जुड़ाव निश्चित रूप से चौबट्टाखाल को एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र के रूप में स्थापित करेगा।

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