आर्यन सिंह, देहरादून: सेवा संकल्प अभियान उत्तराखंड में 15 सितंबर से 18 अक्टूबर तक आयोजित किया जाने वाला एक अत्यंत व्यापक और महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यक्रम है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन के इस संयुक्त प्रयास का मुख्य उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार करना नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण जैसे बुनियादी विषयों से सीधे जोड़ना है।
जब कोई सरकारी योजना केवल कागजों तक सीमित न रहकर आम आदमी के दैनिक जीवन का हिस्सा बन जाती है, तभी वह वास्तव में एक सफल आंदोलन का रूप लेती है। इसी सोच के साथ देहरादून के जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस पूरे महीने भर चलने वाले कार्यक्रम की विस्तृत रणनीति तैयार की गई है। इस बैठक में जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया और विभिन्न विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आपसी तालमेल के साथ काम करें ताकि यह आयोजन जन-सामान्यता तक पहुँच सके और हर नागरिक इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करा सके।
सेवा संकल्प अभियान के तहत तय की गई मुख्य गतिविधियाँ और उनके सामाजिक लक्ष्य
सेवा संकल्प अभियान की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने इसे केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर बहुआयामी थीम में विभाजित किया है। इन अलग-अलग थीमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से युवाओं, छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को जोड़ने का खाका खींचा गया है।
‘विकसित भारत और हमारी भूमिका’ थीम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना जगाना है, जिसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ‘सांस्कृतिक और प्रेरणादायी मंचन’ थीम के जरिए देश के गौरवशाली इतिहास और जनसेवा के प्रति जागरूकता फैलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत स्थानीय भाषाओं में नाटकों का आयोजन होगा और प्रेरणादायी पुस्तकों का वितरण किया जाएगा।
‘स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण’ का ध्येय सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों का कायाकल्प करना है, जिसके लिए सभी निकायों, ग्राम पंचायतों और सरकारी परिसरों में सघन सफाई अभियान चलाया जाएगा। ‘नवाचार और डिजिटल क्रांति’ थीम के माध्यम से युवाओं में तकनीकी सोच को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके अंतर्गत लघु फिल्म निर्माण और तकनीकी प्रतियोगिताएं होंगी। इसके अतिरिक्त, ‘प्रगति के 25 स्तंभ’ थीम का उद्देश्य राज्य की बड़ी विकास परियोजनाओं का प्रदर्शन करना है, जिसे विशेष प्रकाश शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और सांस्कृतिक प्रदर्शनियों के जरिए जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।
स्वच्छता, पर्यावरण और जन-स्वास्थ्य पर केंद्रित प्रशासनिक प्रयास
अभियान के शुरुआती दौर में सबसे अधिक ध्यान स्वच्छता और पर्यावरण सुधार पर दिया जाएगा। हमारे दैनिक जीवन में आसपास की स्वच्छता का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, नगर निकायों, अस्पतालों, धार्मिक परिसरों और दूर-दराज की ग्राम पंचायतों में बड़े स्तर पर सफाई का काम शुरू किया जाएगा। केवल कचरा हटाना ही इस पहल का उद्देश्य नहीं है, बल्कि लोगों को यह समझाना भी है कि अपने आसपास के वातावरण को साफ रखना हम सबकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। इसके साथ ही पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए पौधरोपण और जन-जागरूकता के संदेशों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिले भर में विशेष बहुद्देशीय और चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा रक्तदान शिविरों का आयोजन होगा और अस्पतालों में भर्ती मरीजों को फल बांटे जाएंगे ताकि उन्हें यह अहसास हो सके कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।
युवा ऊर्जा, नवाचार और खेलकूद के माध्यम से सहभागिता
किसी भी जन-आंदोलन की वास्तविक शक्ति उस देश या राज्य के युवा होते हैं। इस तथ्य को स्वीकार करते हुए प्रशासन ने युवाओं को इस कार्यक्रम का केंद्र बिंदु बनाया है। तकनीकी और नए विचारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से युवाओं के लिए नवाचार से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जहाँ वे सामाजिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके साथ ही लघु फिल्म निर्माण के माध्यम से युवाओं को अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिलेगा। खेल और शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से युवा कल्याण विभाग की देखरेख में अक्टूबर माह की शुरुआत में एक भव्य रिले मैराथन का आयोजन किया जाएगा। सेवा ज्योति यात्रा के अवसर पर निकलने वाली यह मैराथन केवल एक दौड़ नहीं होगी, बल्कि यह समाज में एकजुटता, स्वास्थ्य और निरंतर आगे बढ़ने का संदेश देगी। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले नागरिक, खिलाड़ी और छात्र एक साथ भाग लेंगे।
राज्य की विकास यात्रा और सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन
उत्तराखंड ने पिछले कुछ वर्षों में बुनियादी ढांचे और विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। इस प्रगति गाथा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए विशेष सांस्कृतिक और दृश्य-श्रव्य कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। सितंबर के मध्य में आयोजित होने वाले रंगोली उत्सव के दौरान विशाल और आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से देश और राज्य की विकास यात्रा तथा लोक संस्कृति को दर्शाया जाएगा। वहीं अक्टूबर के प्रथम और द्वितीय सप्ताह में आधुनिक तकनीक जैसे प्रोजेक्शन मैपिंग और विशेष लाइट शो के माध्यम से उत्तराखंड की जीवनरेखा मानी जाने वाली बड़ी परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें केदारनाथ और बदरीनाथ धाम का पुनर्निर्माण, मानसखंड मंदिर श्रृंखला का विकास, दुर्गम पहाड़ियों के बीच बन रही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, दिल्ली-देहरादून के बीच यात्रा के समय को घटाने वाला नया मार्ग, तथा लखवाड़ और जमरानी जैसे विशाल बांध शामिल हैं। इन प्रदर्शनियों का उद्देश्य नागरिकों को यह बताना है कि बुनियादी ढांचे का यह विकास उनके आने वाले कल को कितना सुरक्षित और सुगम बनाने वाला है।
दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए नागरिक संकल्प
सेवा संकल्प अभियान केवल आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति के दैनिक व्यवहार में बदलाव लाने का एक प्रयास है। इसके लिए एक विशेष पहल की शुरुआत की जा रही है, जिसके अंतर्गत हर नागरिक से यह उम्मीद की जाती है कि वह अपने दिन का कम से कम 25 मिनट देश और समाज के नाम समर्पित करे। इन 25 मिनटों का उपयोग किसी भी रचनात्मक काम में किया जा सकता है—जैसे अपने घर या गली की सफाई करना, एक पौधा लगाना, उसकी देखभाल करना या किसी अशिक्षित अथवा बुजुर्ग व्यक्ति को डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल सिखाना। छोटे-छोटे ये प्रयास जब लाखों लोगों द्वारा एक साथ किए जाते हैं, तो एक बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। इसके अतिरिक्त, गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सभी नागरिकों और विद्यार्थियों को स्वदेशी अपनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की शपथ दिलाई जाएगी। स्कूलों में शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए विभिन्न खेल गतिविधियां होंगी, जिससे बच्चे बचपन से ही स्वास्थ्य के प्रति सचेत रह सकें।
प्रशासनिक समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन
देहरादून कलेक्ट्रेट में हुई इस बैठक में जिलाधिकारी ने सभी रेखीय विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करें। किसी भी बड़े अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि योजना को जमीन पर कितनी सटीकता से लागू किया जाता है। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने कार्यों की समय-सीमा तय करें और समय से सभी तैयारियां पूरी करें। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, जिला सूचना अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का मानना है कि यदि सभी विभाग और नागरिक मिलकर एक दिशा में प्रयास करेंगे, तो यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर उत्तराखंड के विकास और जन-कल्याण का एक नया अध्याय लिखेगा।


