कैप्टन अजय पंत मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गंभीर; उत्तराखंड सरकार और विदेश मंत्रालय लगातार संपर्क में

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अजय सिंह
देहरादून: उत्तराखंड के रामनगर निवासी मर्चेंट नेवी के कैप्टन अजय पंत की ब्रिटेन में हुई गिरफ्तारी के मामले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के माध्यम से लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग से लगातार संपर्क बनाए हुए है।
सांसद अजय भट्ट को मिले भारतीय उच्चायोग के पत्र के बाद यह साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री धामी की चिंता और राज्य सरकार के प्रयासों के चलते कैप्टन अजय को ब्रिटेन की विनचेस्टर जेल में हर संभव मदद (कांसुलर सहायता) पहुंचाई जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी के फोकस के बाद एक्शन में एजेंसियां
कैप्टन अजय पंत के परिवार की चिंता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में त्वरित पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में हो रहे प्रयास इस प्रकार हैं:
स्वास्थ्य की जानकारी: भारतीय उच्चायोग ने जेल में कैप्टन अजय से सीधा संपर्क किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को मिली जानकारी के अनुसार, कैप्टन पूरी तरह स्वस्थ हैं।
सुरक्षा की गारंटी: राज्य सरकार के अनुरोध पर भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के सामने कैप्टन पंत के अधिकारों और सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाया है।
परिवार को पूरा भरोसा: कैप्टन पंत की पत्नी ने हाल ही में सांसद अजय भट्ट के माध्यम से सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री धामी ने भरोसा दिलाया है कि उत्तराखंड का हर नागरिक हमारे परिवार का हिस्सा है और कैप्टन की सुरक्षित रिहाई के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर खड़ी है।
क्या है पूरा मामला?
रामनगर के 38 वर्षीय कैप्टन अजय पंत एक बड़े तेल टैंकर जहाज ‘एमवी स्मिर्टोस’ के कप्तान थे। यह जहाज रूस से कच्चा तेल लेकर गुजरात आ रहा था।
ब्रिटेन की कार्रवाई: 14 जून को इंग्लिश चैनल (समुद्र) में ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों और मरीन कमांडोज ने हेलीकॉप्टर के जरिए इस जहाज को अपने कब्जे में ले लिया।
आरोप क्या है?: ब्रिटेन का आरोप है कि यह जहाज रूस की उस ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त जहाजी बेड़े) का हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल को बेचने के लिए किया जा रहा है।
कानूनी स्थिति: ब्रिटिश नियमों के उल्लंघन के आरोप में कैप्टन अजय इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को होनी है, जिस पर उत्तराखंड सरकार और विदेश मंत्रालय पूरी नजर बनाए हुए हैं।

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