
अजय सिंह
उत्तराखंड की राजनीति में 4 जुलाई 2026 का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। सूबे के वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक ऐसा नया रिकॉर्ड अपने नाम करने जा रहे हैं, जिसे अब तक राज्य के इतिहास में कोई दूसरा नेता नहीं छू सका। मुख्यमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे कार्यकाल का जो रिकॉर्ड अब तक पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के नाम था, वह आगामी 4 जुलाई को टूट जाएगा।
जश्न का मेगा प्लान: ‘सेवा सप्ताह’ से जनता के बीच जाएगी सरकार
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को सरकार सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि इसे एक बड़े उत्सव और जन-सरोकार के रूप में मनाने की तैयारी है।
4 से 10 जुलाई तक ‘सेवा सप्ताह’ मुख्यमंत्री के इस रिकॉर्ड कार्यकाल को यादगार बनाने के लिए पूरे उत्तराखंड में एक हफ्ते का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत सरकार अपनी योजनाओं को सीधे जनता के द्वार तक ले जाएगी।
इन क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस:
रोजगार और युवाओं के अवसर
स्वास्थ्य एवं शिक्षा में सुधार
कृषि और ग्रामीण विकास
महिला सशक्तीकरण और जनकल्याणकारी योजनाएं
प्रशासनिक मुस्तैदी: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और विभागों को इस ‘सेवा सप्ताह’ की तैयारियों को लेकर कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर इसका लाभ लोगों को दिखे।
भाजपा की रणनीति: रिकॉर्ड को भुनाने की तैयारी
एक तरफ जहां प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्तानशीं भाजपा संगठन इस मौके को एक बड़े राजनीतिक संदेश में बदलने की रणनीति बना चुका है।
प्रदेशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है।
धामी सरकार की पिछले 5 वर्षों की बड़ी उपलब्धियों और विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने का खाका तैयार है।
संगठन इस रिकॉर्ड के जरिए जनता के बीच ‘स्थिर और मजबूत नेतृत्व’ का नैरेटिव सेट करना चाहता है।
उत्तराखंड की राजनीति में अब तक स्वर्गीय एनडी तिवारी के कार्यकाल को सबसे स्थिर और लंबा माना जाता था। लेकिन 4 जुलाई को यह पुराना रिकॉर्ड इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा और सूबे की सत्ता पर सबसे लंबे समय तक लगातार काबिज रहने का एक नया अध्याय पुष्कर सिंह धामी के नाम से शुरू होगा। अब हर किसी की नजरें 4 जुलाई के उस ऐतिहासिक पल पर टिकी हैं।



