राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से लोक भवन में कोर विश्वविद्यालय, रुड़की की कुलपति प्रो. (डॉ.) अनुभा सिंह ने शिष्टाचार भेंट कर उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर एक महत्वपूर्ण प्रस्तुतीकरण दिया। इस विशेष मुलाकात के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में चलाए जा रहे नए कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई। इस प्रस्तुतीकरण का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा के स्तर को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से बेहतर बनाना और छात्रों को नई तकनीक से जोड़ना है।
लोक भवन में कोर विश्वविद्यालय की विशेष प्रस्तुतीकरण
लोक भवन में आयोजित इस बैठक में कुलपति प्रो. (डॉ.) अनुभा सिंह ने राज्यपाल के सामने विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे नए तकनीकी कार्यक्रमों का विवरण रखा। प्रस्तुतीकरण के माध्यम से यह दिखाया गया कि किस प्रकार कोर विश्वविद्यालय एआई तकनीक को अपने पाठ्यक्रम और दैनिक शिक्षण गतिविधियों में शामिल कर रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने राज्यपाल को जानकारी दी कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का महत्व हर क्षेत्र में बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए संस्थान अपने विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध करा रहा है।
शिक्षा में एआई और आधुनिक तकनीक का बढ़ता प्रभाव
प्रस्तुतीकरण के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से एआई के क्षेत्र में किए जा रहे वर्तमान कार्यों और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा साझा की गई। विश्वविद्यालय का मानना है कि आने वाले समय में वही संस्थान आगे रहेंगे जो समय रहते आधुनिक तकनीकों को अपनाएंगे।
कोर विश्वविद्यालय एआई तकनीक के सही इस्तेमाल से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार ला रहा है। बैठक में बताया गया कि विश्वविद्यालय में शोध और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए नए लैब और प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इससे छात्रों को उद्योग जगत की मांग के अनुसार तैयार होने में मदद मिलेगी।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का मार्गदर्शन
विश्वविद्यालय के प्रयासों को सुनने और देखने के बाद राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने संस्थान की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी बहुत बढ़ गई है। केवल पारंपरिक शिक्षा देना ही काफी नहीं है, बल्कि छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी जरूरी है।
राज्यपाल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में नए विचारों, अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी कॉलेज से बाहर निकलें, तो उनके पास आधुनिक तकनीकी कौशल होना चाहिए ताकि वे देश और समाज के विकास में अपना योगदान दे सकें।
छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की सलाह
राज्यपाल ने कोर विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को सुझाव दिया कि उच्च शिक्षण संस्थानों को निरंतर अपने शिक्षण स्तर को सुधारने का प्रयास करना चाहिए। कोर विश्वविद्यालय एआई तकनीक जैसी पहलों के जरिए छात्रों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर सकता है।
उन्होंने कहा कि तकनीक के सही और सकारात्मक उपयोग से न केवल पठन-पाठन आसान होता है, बल्कि छात्रों में नया सोचने और नया करने की क्षमता भी विकसित होती है। इसलिए संस्थानों को तकनीक और मानवीय मूल्यों के बीच सही संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
बैठक में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति
लोक भवन में हुई इस शिष्टाचार भेंट के दौरान कोर विश्वविद्यालय का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा। कुलपति प्रो. (डॉ.) अनुभा सिंह के साथ विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. राजेश कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
इसके अलावा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक पैन्यूली ने भी इस बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी प्रतिनिधियों ने मिलकर राज्यपाल को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप के बारे में विस्तार से बताया।
उच्च शिक्षा में शोध और अनुसंधान की आवश्यकता
इस मुलाकात का एक प्रमुख पहलू यह भी रहा कि इसमें शोध कार्य को प्राथमिकता देने पर विचार-विमर्श किया गया। कोर विश्वविद्यालय एआई तकनीक के माध्यम से नए शोध कार्यों को प्रोत्साहित कर रहा है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि अनुसंधान ही किसी भी शिक्षण संस्थान की असली पहचान होता है। जब तक विश्वविद्यालय नए-नए विषयों पर शोध नहीं करेंगे, तब तक शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने कोर विश्वविद्यालय को सलाह दी कि वे अपने शोध कार्यों को सीधे तौर पर सामाजिक और औद्योगिक समस्याओं के समाधान से जोड़ें।
भविष्य की योजनाएं और तकनीकी रोडमैप
बैठक के अंतिम चरण में विश्वविद्यालय की भावी योजनाओं पर चर्चा की गई। कोर विश्वविद्यालय आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों से जुड़े कई नए पाठ्यक्रम और कार्यशालाएं शुरू करने की योजना बना रहा है।
विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि रुड़की और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा अपने ही क्षेत्र में मिल सके। इसके लिए संस्थान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अपने ढांचे और शिक्षण पद्धति को अपडेट कर रहा है।
लोक भवन में हुई यह बैठक उत्तराखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। कोर विश्वविद्यालय एआई तकनीक के माध्यम से शिक्षा में जो नया बदलाव लाने का प्रयास कर रहा है, उसकी सराहना स्वयं राज्यपाल ने की है।
राज्यपाल के मार्गदर्शन और सुझावों के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि कोर विश्वविद्यालय अपने तकनीकी अभियानों को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाएगा। इससे न केवल विश्वविद्यालय के छात्रों को लाभ होगा, बल्कि राज्य की उच्च शिक्षा को भी एक नई दिशा मिलेगी।


