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विकास भवन समीक्षा बैठक: डीएम ललित मोहन रयाल ने हेल्पलाइन शिकायतों पर त्वरित निस्तारण का दिया आदेश

विकास भवन समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने विभागीय कामकाज को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। जनपद में चल रही विकास परियोजनाओं, वित्तीय बजट के उपयोग और जनसमस्याओं के निस्तारण को लेकर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक ढिलाई पर सख्त नाराजगी जताई गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी है कि चालू वित्तीय वर्ष का आवंटित बजट हर हाल में 31 अक्टूबर तक नियमानुसार खर्च किया जाए ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ जनता तक समय पर पहुँच सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने शासन की प्राथमिकताओं और आम जनता से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष बल दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायत निवारण तंत्र की गाइडलाइन के दायरे में आने वाले सभी मामलों को अधिकारी तत्काल हल करें।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
किसी भी स्तर पर शिकायतों को लंबित न रखा जाए और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो।
शिकायत का समाधान करने के बाद संबंधित अधिकारी खुद शिकायतकर्ता से फोन पर बातचीत कर उसे स्थिति की जानकारी दें।

प्रत्येक जिम्मेदार अधिकारी प्रतिदिन अपने विभाग से जुड़ी शिकायतों का स्टेटस चेक करेगा और पोर्टल को अपडेट रखेगा।

उन्होंने दोटूक कहा कि सीएम हेल्पलाइन के संचालन और निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या उदासीनता पाई गई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सीधे अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री घोषणाओं की सुस्त चाल पर नाराजगी, समयसीमा तय
जिले में चल रही मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट देखते हुए जिलाधिकारी ने कुछ विभागों की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पेयजल, युवा कल्याण और नलकूप विभाग में बड़ी संख्या में घोषणाएं लंबित पाई गईं।

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जनपद में कुल 237 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 227 का निस्तारण पूरा हो चुका है, जबकि 16 घोषणाएं नियमानुसार विलोपित की जा चुकी हैं। वर्तमान में 94 योजनाओं पर काम जारी है। जिलाधिकारी ने लंबित घोषणाओं में तेजी लाते हुए तय समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।

सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए चलेगा विशेष अभियान
मानसून काल के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने सभी सड़क निर्माण एजेंसियों को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने के आदेश दिए।
मानसून के बाद सड़कों को सुदृढ़ बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:
अपने-अपने कार्यक्षेत्र की सड़कों में बने गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल भरा जाएगा।
ग्रामीण संपर्क मार्गों (विलेज रोड्स) और व्यस्त मुख्य सड़कों (ओडीआर) को गड्ढामुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अभी से पूरी कार्ययोजना तैयार कर लें, सड़कों की मरम्मत के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त, वर्षा ऋतु को देखते हुए आपदा प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति और विद्युत व्यवस्था से जुड़े कार्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बजट खर्च न करने वाले अफसरों को कारण बताओ नोटिस
जिला योजना के तहत स्वीकृत बजट को समय पर खर्च न करने वाले विभागों पर जिलाधिकारी की गाज गिरी है। समाज कल्याण, वन विभाग, ऊरेडा, सहकारिता, बाल विकास, प्राथमिक शिक्षा, लघु सिंचाई और राजकीय सिंचाई विभाग द्वारा निर्धारित मानकों से काफी कम बजट खर्च किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई गई।

जिलाधिकारी ने इन सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने और उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगने के आदेश जारी किए। इसके अलावा, बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए भेषज एवं रेशम विभाग के सक्षम अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने और शासन को संस्तुति पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।

जिला पंचायत द्वारा संचालित योजनाओं में धीमी प्रगति और कम धनराशि व्यय होने पर अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। साथ ही, नैनीताल में स्थाई अपर मुख्य अधिकारी की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजने का फैसला लिया गया।

कृषि, पेयजल और विकास योजनाओं के लिए कड़े निर्देश
मानसून के बाद किसानों को खेती-किसानी के लिए पानी की आवश्यकता को देखते हुए सिंचाई विभाग को सभी नहरे और गूलें तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सिंचाई व्यवस्था निर्बाध रूप से चल सके।

पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए:
आमजन को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना पेयजल विभाग और जल संस्थान की नैतिक जिम्मेदारी है।
जिले के सभी पेयजल स्रोतों, जल भंडारण टैंकों की नियमित सफाई की जाए।

पानी की टंकियों में नियमपूर्वक क्लोरीनेशन किया जाए और जिस तारीख को क्लोरीनेशन हुआ है, उसे टंकी के बाहर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए।

विधायक एवं सांसद निधि के कार्यों में उम्मीद के मुताबिक प्रगति न होने पर ग्राम्य विकास विभाग को समन्वय बनाकर तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए कि वे समय-समय पर कार्यदायी संस्थाओं के साथ समीक्षा कर विकास कार्यों की प्रगति सुनिश्चित कराएं।

सहकारिता विभाग के कार्यों की होगी विशेष जांच
सहकारिता विभाग के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि सहकारिता विभाग द्वारा बीते तीन वर्षों में जिले के भीतर जितने भी विकास कार्य कराए गए हैं, उनकी स्थलीय जांच (फील्ड वेरिफिकेशन) कराई जाए। इसके लिए एक विशेष जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।

20 करोड़ से अधिक की बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में जिले में 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रही भव्य और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

इन प्रमुख बड़ी परियोजनाओं में शामिल हैं:
मानस खंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत किए जा रहे सौंदर्यीकरण और बुनियादी विकास कार्य।
काला आगर पंपिंग पेयजल योजना।
इंदिरा नगर नाला ट्रीटमेंट और सीवरेज सुधार कार्य।
हल्द्वानी-काठगोदाम वृहद पेयजल योजना।
बलिया नाला ट्रीटमेंट और भू-कटाव रोकधाम कार्य।
जिले के विभिन्न शहरों में बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण।
हल्द्वानी में आधुनिक रोडवेज बस अड्डा निर्माण।
उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (यूयूएसडीए) द्वारा संचालित विभिन्न विकास कार्य।

जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि इन सभी बड़े प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र, अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी समेत जनपद के सभी प्रमुख विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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