Homeउत्तराखंडएक्शन में पुलिस डिपार्टमेंट: गोरापड़ाव डकैती के बाद अब पत्नी के हत्यारे...

एक्शन में पुलिस डिपार्टमेंट: गोरापड़ाव डकैती के बाद अब पत्नी के हत्यारे का भी काम तमाम, SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. की अगुवाई में बैक-टू-बैक बड़े क्रिमिनल केस क्रैक

एक्शन में पुलिस डिपार्टमेंट: खनस्यूं पुलिस ने पत्नी की हत्या करने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जिससे नैनीताल जिले के पर्वतीय और ग्रामीण अंचल में गहरा सन्नाटा और भारी आक्रोश फैल गया है। ओखलकांडा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम तल्ला ओखलकांडा में घटी यह जघन्य वारदात न केवल पारिवारिक रिश्तों के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करती है, बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार करती है। एक शक्की और सिरफिरे पति ने मामूली कहासुनी और अवैध संबंधों के निराधार संदेह में अपनी ही जीवनसंगिनी को दर्दनाक मौत के घाट उतार दिया।

सबसे अधिक हृदयविदारक और खौफनाक पहलू यह रहा कि इस पूरी खूनी दास्तान को अंजाम देते वक्त आरोपी के चार मासूम बच्चे वहीं खड़े होकर अपनी मां की जिंदगी की भीख मांगते रहे। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस को चकमा देकर रफूचक्कर हो गया था, जिसे स्थानीय थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए काठगोदाम क्षेत्र के पास से धर दबोचा और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

पारिवारिक कलह, वहम और नशे का जानलेवा मिश्रण
तल्ला ओखलकांडा गांव में घटी यह घटना घरेलू हिंसा और मानसिक हैवानियत की पराकाष्ठा को दर्शाती है। आरोपी भीम सिंह, जो मानसिंह का पुत्र है, अपने परिवार के साथ गांव में ही निवास करता था। उसकी शादी डिक्री देवी के साथ हुई थी और दोनों के चार बच्चे हैं। शुरुआती जानकारियों और पुलिस पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी शराब का अत्यधिक लती था। नशे की हालत में वह अक्सर घर में झगड़ा करता था और उसकी पत्नी को बिना वजह मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था।

घटना वाले दिन आरोपी अत्यधिक नशे में धुत होकर अपने घर पहुंचा था। उसके दिमाग में अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर तरह-तरह की शंकाएं और वहम घर कर चुके थे। उसने अपनी पत्नी पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ अनुचित संबंध होने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। मृतका ने जब इन बेबुनियाद आरोपों का विरोध किया और खुद को बेकसूर बताया, तो आरोपी का आपा बाहर हो गया। नशे और बेबुनियाद शक के इस भयानक मेल ने आरोपी के भीतर छिपे हैवान को पूरी तरह जगा दिया और उसने घरेलू विवाद को खूनी अंजाम तक पहुंचाने का मन बना लिया।

मासूमों की चीखों के बीच खेला गया खूनी खेल
इस दिल दहला देने वाली वारदात का सबसे संवेदनशील और भयावह पहलू यह है कि जब आरोपी अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला कर रहा था, तब घर के चारों मासूम बच्चे वहीं मौजूद थे। आरोपी ने अपने गुस्से पर से पूरी तरह नियंत्रण खो दिया था। उसने घर में रखे लकड़ी के भारी डंडों, लोहे और स्टील के बर्तनों तथा चम्मच आदि से अपनी पत्नी पर हमला करना शुरू कर दिया। महिला जान बचाने के लिए गिड़गिड़ाती रही और बच्चे रोते-बिलखते अपने पिता के हाथ जोड़कर मां को छोड़ देने की गुहार लगाते रहे।

परंतु, वहम और शराब के नशे में अंधे हो चुके पति पर न तो पत्नी की दर्दभरी पुकार का कोई असर हुआ और न ही अपने ही खून यानी मासूम बच्चों के आंसुओं ने उसके दिल को पिघलाया। वह लगातार महिला के संवेदनशील अंगों और सिर पर प्रहार करता रहा। कुछ ही देर में महिला खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ी और तड़प-तड़पकर उसने अपने बच्चों के सामने ही दम तोड़ दिया।

वारदात के बाद बेखौफ नींद और बच्चों को धमकाकर फरार
हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी के सिर पर जरा सा भी पछतावा या डर नजर नहीं आया। उसकी निष्ठुरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस कमरे में उसकी पत्नी का शव खून से लथपथ पड़ा था, वह आरोपी उसी कमरे में बेफिक्र होकर सो गया। रातभर मासूम बच्चे अपनी मृत मां के शव के पास खौफ के साये में सिसकते रहे।

अगली सुबह जब आरोपी सोकर उठा, तो उसे अहसास हुआ कि कानून का शिकंजा उस पर कस सकता है। अपनी इस खौफनाक करतूत पर पर्दा डालने और खुद को बचाने के लिए उसने एक और घिनौनी साजिश रची। उसने चारों डरे-सहमे बच्चों को एक कमरे में बंद करने की धमकी दी और साफ शब्दों में कहा कि यदि उन्होंने इस घटना की भनक गांव के किसी भी व्यक्ति, रिश्तेदार या पुलिस को दी, तो वह उन्हें भी जान से मार डालेगा। अपने ही पिता की हैवानियत देख चुके बच्चे दहशत के मारे मौन रहने पर मजबूर हो गए। इसके बाद आरोपी मौका पाकर चुपचाप घर से फरार हो गया।

पीड़ित पिता की तहरीर पर दर्ज हुआ संगीन मामला
घटना का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसियों और परिजनों को घर के भीतर अनहोनी का शक हुआ। जब ग्रामीण भीतर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। महिला का शव जमीन पर बेजान पड़ा था और बच्चे सदमे की स्थिति में रो रहे थे।

घटना की खबर तुरंत मृतका के मायके पहुंचाई गई। सूचना मिलते ही मृतका के पिता गुमान सिंह रोते-बिलखते तल्ला ओखलकांडा पहुंचे। बेटी की ऐसी नृशंस हत्या को देखकर पिता का कलेजा छलनी हो गया। उन्होंने बिना समय गंवाए हिम्मत जुटाई और खनस्यूं थाने में पहुंचकर दामाद भीम सिंह के खिलाफ नामजद लिखित तहरीर दी। पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिक दर्ज की और आरोपी की तलाश में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।

फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी और साक्ष्यों का संकलन
पहाड़ी अंचल में हुई इस निर्मम हत्या की खबर फैलते ही उच्च पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामला एक महिला की निर्मम हत्या से जुड़ा था, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कदम उठाए गए। भवाली के क्षेत्राधिकारी के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में खनस्यूं पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची।

अपराध की प्रकृति अत्यंत गंभीर होने के कारण साक्ष्यों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। घटनास्थल को तुरंत सील कर दिया गया और हल्द्वानी से विशेषज्ञ फॉरेंसिक साइंस टीम को मौके पर बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों और पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से घटनास्थल का चप्पा-चप्पा छाना। वहां मौजूद भौतिक साक्ष्य, जैसे कि खून के नमूने, हत्या में प्रयुक्त डंडे, बर्तन, चम्मच तथा फिंगरप्रिंट्स को वैज्ञानिक पद्धतियों से एकत्र कर सुरक्षित किया गया, ताकि न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोपी के खिलाफ अकाट्य और मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

पुलिस कप्तानी के कड़े निर्देश और विशेष टीम की घेराबंदी
नैनीताल जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने इस आपराधिक घटना का कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने मातहत अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले इस अभियुक्त को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तुरंत जाल बिछाया जाए।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक (अपराध/यातायात) डॉ. जगदीश चन्द्र और भवाली के क्षेत्राधिकारी रविकांत सेमवाल के मार्गदर्शन में खनस्यूं थाना प्रभारी अनीस अहमद के नेतृत्व में एक अनुशासित और पेशेवर पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम का प्राथमिक उद्देश्य आरोपी के भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करना और उसे जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा करना था।

लगातार दबिश और काठगोदाम से आरोपी की गिरफ्तारी
विशेष पुलिस टीम ने अपना सुरागरसी और पतारसी का अभियान तेज कर दिया। आरोपी भीम सिंह के संभावित छिपने के ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और जंगलों के आसपास लगातार दबिश दी जाने लगी। पुलिस की अलग-अलग टीमें मुखबिरों से संपर्क साधकर आरोपी की पल-पल की लोकेशन का पता लगाने में जुटी हुई थीं। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी संसाधनों का भी सहारा लिया गया।

पुलिस की यह कड़ी मशक्कत और चौतरफा घेराबंदी आखिरकार रंग लाई। पुलिस टीम को सूचना मिली कि आरोपी वडियाड लूगड़, काठगोदाम के समीप देखा गया है और वह मैदानी इलाकों की ओर भागने की योजना बना रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत काठगोदाम क्षेत्र के पास घेराबंदी की। पुलिस को अपनी ओर आता देख आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर धर दबोचा।

जुर्म का इकबाल और आरोपी का बयान
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी भीम सिंह को थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपने जुर्म की पूरी दास्तान उगल दी। पुलिस के सामने आरोपी ने स्वीकार किया कि घटना वाली रात उसने अत्यधिक मात्रा में शराब पी रखी थी।

आरोपी ने बताया कि उसके दिल में काफी समय से यह शंका बैठी हुई थी कि उसकी पत्नी के किसी अन्य पुरुष के साथ संबंध हैं। इसी वहम और नशे की झोंक में उसका दिमाग पूरी तरह संतुलित नहीं रहा और उसने आपा खो दिया। उसने कबूल किया कि गुस्से में आकर उसने अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला किया और डंडों व घर में मौजूद बर्तनों से पीट-पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल
आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया। आरोपी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और तत्पश्चात उसे सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।

मामले की गंभीरता, फॉरेंसिक साक्ष्यों और मासूम बच्चों के बयानों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी भीम सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है, जबकि पुलिस इस मामले में अग्रिम विवेचना कर रही है ताकि जल्द से जल्द न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर मृतका को न्याय दिलाया जा सके।

त्वरित पर्दाफाश करने वाली बहादुर पुलिस टीम
इस खौफनाक और संवेदनशील हत्याकांड का महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश करने और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में खनस्यूं पुलिस की टीम ने बेहद सराहनीय और पेशेवर काम किया है।

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में निम्नलिखित अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे:
अनीस अहमद (थानाध्यक्ष, खनस्यूं – टीम नेतृत्वकर्ता)
कृष्णा गिरी (उपनिरीक्षक / चौकी प्रभारी, ओखलकांडा)
नरेश कुमार (सहायक उपनिरीक्षक)
महेश मर्तोलिया (हेड कांस्टेबल)
भूजेंद्र सिंह (हेड कांस्टेबल)
राम सिंह राणा (कांस्टेबल)
जय किशन (कांस्टेबल)

स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। इस घटना से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि कानून के हाथ बहुत लंबे हैं और घरेलू हिंसा या संगीन अपराध करने वाला कोई भी व्यक्ति सजा से बच नहीं सकता।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments