NEET-PG परीक्षा सुरक्षा नैनीताल पुलिस के लिए इस समय सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुकी है और जिले के प्रशासनिक तथा पुलिस तंत्र ने इसे पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
चिकित्सा क्षेत्र की स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा जैसी देश की सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रतियोगिताओं में शुचिता बनाए रखना हमेशा से एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती रहा है। इस विशाल परीक्षा प्रक्रिया को बिना किसी बाधा या धांधली के पूरा कराने के लिए नैनीताल जनपद के शीर्ष अधिकारियों से लेकर मैदानी स्तर पर तैनात जवानों तक ने जमीन से लेकर डिजिटल दुनिया तक सुरक्षा का ऐसा अभेद्य ताना-बाना बुना है, जिससे किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या सेंधमारी की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाए।
जनपद में परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर पुलिस प्रशासन की तैयारियों का मुख्य केंद्र हल्द्वानी कोतवाली स्थित सभागार बना, जहां आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों के क्रम में पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी ने परीक्षा ड्यूटी में तैनात सभी स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की विस्तृत बैठक ली।
इस बैठक में जोनल अधिकारियों, सेक्टर प्रभारियों, थाना अध्यक्षों तथा गश्ती दलों को उनकी जिम्मेदारियों का बारीक हिसाब समझाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट संदेश था कि परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ करने की कोशिश करने वाले किसी भी तत्व से पूरी कड़ाई से निपटा जाएगा और ड्यूटी के दौरान किसी भी स्तर पर पाई जाने वाली लापरवाही अक्षम्य होगी।
चार प्रमुख केंद्रों पर 1041 अभ्यर्थियों की मौजूदगी और समय सारणी
राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली इस प्रतिष्ठित चिकित्सा परीक्षा के लिए नैनीताल जिले के अंतर्गत कुल चार प्रमुख परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र जिले के सबसे महत्वपूर्ण और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं, जिनमें काठगोदाम, हल्द्वानी, चोरगलिया और लालकुआं शामिल हैं। इस बार जनपद के इन चारों परीक्षा केंद्रों पर कुल 1041 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जो देश के इस कठिन परीक्षा चक्र में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा का समय प्रातः नौ बजे से दोपहर बारह बजकर तीस मिनट तक निर्धारित किया गया है।
इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की एक साथ आवाजाही और परीक्षा की अत्यंत संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने समय से बहुत पहले ही अपनी पूरी रणनीति तैयार कर ली थी। परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और अभ्यर्थियों की निर्बाध आवाजाही के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई, ताकि अंतिम क्षणों में परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
3 लेयर सुरक्षा घेरा, अत्याधुनिक जांच उपकरण और डिजिटल रोकथाम
परीक्षा को पूरी तरह धांधली मुक्त और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। केंद्रों के भीतर और बाहरी परिसरों में मजबूत त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। हर परीक्षा केंद्र की सीधी जिम्मेदारी वरिष्ठ जोनल और सेक्टर पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है, जो लगातार मौके पर मौजूद रहकर हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं। इसके साथ ही सहायक सेक्टर पुलिस अधिकारियों और बाहरी सुरक्षा घेरे में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर प्रवेश करने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी की अत्यंत कड़ाई और बारीकी से शारीरिक जांच की जा रही है। किसी भी तरह की धातु या संदिग्ध वस्तु को भीतर जाने से रोकने के लिए आधुनिक धातु पहचान यंत्रों का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जा रहा है। आधुनिक दौर में तकनीक के माध्यम से होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। सभी परीक्षा कक्षों और गलियारों में उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनका सीधा संपर्क केंद्रीय निगरानी कक्ष से है। इसके अलावा किसी भी प्रकार के वायरलेस या इंटरनेट सिग्नल को ठप्प करने के लिए परीक्षा केंद्रों पर उच्च क्षमता वाले सिग्नल अवरोधक यंत्र पूरी तरह सक्रिय कर दिए गए हैं।
इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में सबसे अभिनव प्रयोग जांच में तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष प्रकाश उपकरणों से लैस करना है। इन बारीक प्रकाश यंत्रों की सहायता से अभ्यर्थियों के कान के भीतर छुपाए जाने वाले अत्यंत सूक्ष्म ब्लूटूथ उपकरण या अन्य छोटे इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों की पहचान आसानी से की जा सकती है। हाल के वर्षों में अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले गिरोहों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले नए हथकंडों को नाकाम करने के लिए यह व्यवस्था अत्यंत कारगर सिद्ध हो रही है।
परीक्षा केंद्रों के आसपास सख्त पाबंदियाँ और होटलों की जांच
परीक्षा की गरिमा और शुचिता बनाए रखने के लिए केवल केंद्रों के भीतर ही नहीं, बल्कि उनके आसपास के दो सौ मीटर के पूरे परिधि क्षेत्र में कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि परीक्षा संचालन की अवधि के दौरान केंद्रों के दो सौ मीटर दायरे में स्थित सभी इंटरनेट कैफे, फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर केंद्र या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहेंगे। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों या संस्थाओं के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही जनपद में किसी भी बाहरी या संदिग्ध तत्व के प्रवेश पर नजर रखने के लिए बड़े पैमाने पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में आने वाले सभी होटलों, ढाबों, मुसाफिरखानों और ठहराव स्थलों की गहन जांच करें। बाहर से आकर रुकने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूर्ण विवरण दर्ज किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की आपराधिक साजिश को समय रहते विफल किया जा सके।
परीक्षा केंद्रों के भीतर केवल वैध प्रवेश पत्र और आधिकारिक पहचान पत्र धारक अभ्यर्थियों तथा अधिकृत कर्मचारियों को ही प्रवेश की अनुमति है। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को केंद्र के समीप भटकने की भी अनुमति नहीं दी जा रही है। किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से तुरंत निपटने के लिए आपातकालीन पुलिस वाहन और त्वरित प्रतिक्रिया दल लगातार क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं।
निर्बाध यातायात व्यवस्था और सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी
परीक्षा वाले दिन शहरों में लगने वाले जाम और उसके कारण अभ्यर्थियों को होने वाली मानसिक परेशानी को दूर करने के लिए यातायात पुलिस को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। यातायात प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मुख्य मार्गों, चौराहों और परीक्षा केंद्रों को जोड़ने वाले रास्तों पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह सुचारू रहे। अभ्यर्थियों की गाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर रास्ता देने और भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त यातायात कर्मी तैनात करने के इंतजाम किए गए हैं ताकि कोई भी परीक्षार्थी समय से अपने केंद्र तक पहुँच सके।
जमीनी सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल दुनिया में फैलने वाली अफवाहों पर रोक लगाना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी प्राथमिकता है। अक्सर बड़ी परीक्षाओं के दौरान इंटरनेट पर प्रश्नपत्र लीक होने की झूठी खबरें, भ्रामक दावे और अफवाहें फैलाकर परीक्षार्थियों में भ्रम उत्पन्न करने की कोशिश की जाती है। इस प्रकार की आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए जिले की सोशल मीडिया निगरानी टीम और साइबर सुरक्षा प्रकोष्ठ को चौबीसों घंटे के लिए सतर्क कर दिया गया है।
साइबर विशेषज्ञ इंटरनेट के तमाम माध्यमों और संदेश आदान-प्रदान करने वाले मंचों पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं। यदि कोई भी व्यक्ति या समूह अफवाह फैलाने या परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध कठोरतम धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की पूरी तैयारी है। इसके अतिरिक्त, विशेष अपराध शाखा की टीमों को भी सादे कपड़ों में परीक्षा केंद्रों के आसपास तैनात किया गया है ताकि वे संदिग्ध गतिविधियों पर गुप्त रूप से नजर रख सकें।
केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से पल-पल की निगरानी और प्रशासनिक समन्वय
संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो चौबीसों घंटे कार्यरत है। यह नियंत्रण कक्ष जिले के सभी चार परीक्षा केंद्रों से सीधे जुड़ा हुआ है और वहां से आ रही हर छोटी-बड़ी सूचना को एकत्र कर वरिष्ठ अधिकारियों तक तुरंत पहुँचा रहा है। किसी भी केंद्र पर किसी भी प्रकार की तकनीकी, चिकित्सीय या सुरक्षा संबंधी आवश्यकता उत्पन्न होने पर तुरंत बैकअप टीम को मौके पर भेजने की व्यवस्था की गई है।
तैयारियों का जायजा लेने और पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के लिए आयोजित ब्रीफिंग बैठकों में क्षेत्राधिकारी लालकुआं ने भी जवानों को संबोधित किया। उन्होंने ड्यूटी के दौरान अत्यंत संयम, नम्रता लेकिन सुरक्षा मानकों के मामले में अभूतपूर्व कड़ाई बरतने का आह्वान किया। इन समीक्षा बैठकों में हल्द्वानी के प्रभारी निरीक्षक, लालकुआं के प्रभारी निरीक्षक, चोरगलिया के थाना अध्यक्ष सहित ड्यूटी में तैनात सैकड़ों पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
नैनीताल पुलिस द्वारा किए गए ये व्यापक और ठोस इंतजाम इस बात का स्पष्ट संदेश देते हैं कि अभ्यर्थियों के भविष्य की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। एक पारदर्शी, भयमुक्त और शांत वातावरण में परीक्षा संपन्न कराना ही इस पूरी विशाल व्यवस्था का एकमात्र उद्देश्य है।


