आपदा प्रबंधन की कसौटी: सहस्त्रधारा में जिला प्रशासन ने परखी राहत और बचाव कार्यों की तैयारी

अजय सिंह
देहरादून। आगामी मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की अपनी तैयारियों को परखने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने गुरुवार को सहस्त्रधारा क्षेत्र में एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसी आपातकालीन स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता और प्रशासनिक तत्परता को जांचना था।

संयुक्त विभागों का दिखा तालमेल
इस मॉक ड्रिल में ज़िला प्रशासन के साथ पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन दल सहित कई अन्य संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय और क्विक रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही, आपदा क्षेत्र से घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, उन्हें तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने और सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की पूरी प्रक्रिया का लाइव अभ्यास किया गया।

संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मानसून के मद्देनजर जिले के कुल सात संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहाँ इस प्रकार के अभ्यास किए जा रहे हैं। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक आपदा की स्थिति में सभी टीमें बिना किसी देरी के, पूरी तत्परता और बेहतर तालमेल के साथ बचाव कार्य शुरू कर सकें।

जिलाधिकारी का संदेश: “इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासनिक तंत्र को हर समय अलर्ट मोड पर रखना है। सभी अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया को अत्यंत गंभीरता से लें। इसके साथ ही, आम जनता से अपील है कि वे मॉक ड्रिल के दौरान किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।”

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