उत्तराखंड में खिलाड़ियों के लिए ‘गोल्डन एरा’: पदक लाओ, तय समय में सरकारी नौकरी पाओ

अजय सिंह
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य सेवक पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के खिलाड़ियों को एक बड़ी सौगात दी है। अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले मेडल विजेताओं को सरकारी नौकरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम धामी ने साफ कर दिया है कि ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया को एक तय समय सीमा के भीतर निपटाया जाए। सरकार की प्राथमिकता है कि ज्यादातर खिलाड़ियों को खुद खेल विभाग में ही नियुक्तियां दी जाएं।

खेल नीति और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की तैयारी
बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के खेल परिदृश्य को बदलने के लिए कई अहम फैसले लिए:
नई खेल नीति: केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खेल नीति-2025 की तर्ज पर उत्तराखंड भी अपनी नई और आधुनिक खेल नीति तैयार करेगा।
क्रीड़ा विश्वविद्यालय का शंखनाद: उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय में अगले महीने से ही नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके लिए एडमिशन प्रोसेस से लेकर कोच और स्टाफ की भर्ती में तेजी लाने को कहा गया है।
एक ब्लॉक, एक मिनी स्टेडियम: हर ब्लॉक में खेल सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से चल रहे मिनी स्टेडियमों के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

राष्ट्रीय खेलों की विरासतों का होगा पूरा इस्तेमाल: 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए जो विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया था, उसके रख-रखाव के लिए एक मजबूत कार्ययोजना बनेगी। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, गोलापार स्टेडियम, टिहरी झील और हरिद्वार-पिथौरागढ़ के खेल परिसरों का इस्तेमाल खिलाड़ियों को तराशने के लिए लगातार किया जाएगा।

मिशन 2027: अगले राष्ट्रीय खेलों पर नजर
उत्तराखंड सरकार अभी से वर्ष 2027 में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों में जुट गई है। मुख्यमंत्री ने टैलेंट हंट (प्रतिभा खोज) तेज करने और खिलाड़ियों के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप शुरू करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही ‘एक जिला-एक खेल’ योजना को ज़मीनी स्तर पर उतारने के लिए कोचिंग और प्रतियोगिताओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

अब तक की ज़मीनी प्रगति और सरकारी आंकड़े
समीक्षा बैठक के दौरान खेल विभाग द्वारा अब तक की उपलब्धियों और चल रहे प्रोजेक्ट्स का ब्यौरा भी साझा किया गया:
रोजगार के मोर्चे पर सरकार ने अब तक 29 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देकर मुख्यधारा से जोड़ा है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए चलाई जा रही ‘एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम’ योजना के तहत प्रदेश में 48 मिनी स्टेडियम पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 10 अन्य स्टेडियमों का निर्माण कार्य अभी जारी है।
इसके साथ ही, महिला खिलाड़ियों के लिए ‘महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज’ का निर्माण कार्य बेहद तेज गति से चल रहा है। उच्च शिक्षा और आधुनिक ट्रेनिंग के लिए बन रहे ‘उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय’ में भी बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, जहाँ वर्तमान में 39 आधुनिक खेल एवं शैक्षणिक अवसंरचनाएं (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकसित की जा रही हैं।

बैठक में मौजूद रहे ये मुख्य चेहरे
इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, प्रमुख सचिव ए.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा और खेल निदेशक दीप्ति सिंह सहित विभाग के कई आला अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!