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उत्तराखंड विकास की मजबूत नींव: सतपाल महाराज ने पोखड़ा में श्रमिकों के कल्याण और अधिकारों के लिए खोला योजनाओं का पिटारा

उत्तराखंड विकास में श्रमिकों का योगदान ही राज्य की वास्तविक प्रगति और आर्थिक सुदृढ़ता का सबसे बड़ा आधार माना जाता है। इसी सोच को धरातल पर उतारने और अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की सीधी पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पौड़ी गढ़वाल जिले के विकासखंड पोखड़ा मुख्यालय पर एक अत्यंत विशाल और महत्वपूर्ण श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर का आयोजन किया गया। चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक और प्रदेश सरकार में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने अपने विस्तृत क्षेत्र भ्रमण के दूसरे दिन इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।

ब्लॉक सभागार पोखड़ा में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने न केवल श्रमिक वर्ग के अथक परिश्रम को नमन किया, बल्कि वहाँ मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अमले और दूर-दराज़ के गाँवों से पहुँचे आम नागरिकों की समस्याओं को बेहद आत्मीयता और गंभीरता के साथ सुना। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की अपनी कार्यशैली का परिचय देते हुए उन्होंने मौके पर ही मौजूद विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों को जनहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करने और समस्याओं का तुरंत निस्तारण करने के कड़े निर्देश जारी किए।

प्रदेश की प्रगति यात्रा में श्रमशक्ति की ऐतिहासिक और केंद्रीय भूमिका
पोखड़ा विकासखंड मुख्यालय पर सोमवार को श्रम विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस पंजीकरण शिविर में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के दूरदर्शी विज़न के अनुरूप उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के कुशल और ऊर्जावान नेतृत्व में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि श्रम विभाग द्वारा दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह के शिविर आयोजित करने का मुख्य ध्येय यही है कि सरकारी तंत्र को केवल बड़े शहरों या जिला मुख्यालयों के कार्यालयों तक सीमित न रखकर सीधे जनता के द्वार तक पहुँचाया जाए।

उत्तराखंड विकास में श्रमिकों का योगदान विषय पर बोलते हुए उन्होंने बहुत ही भावुक और विचारणीय अंदाज़ में कहा कि हमारे श्रमिक भाई-बहन राज्य और पूरे देश के नवनिर्माण की सबसे मजबूत और अटूट कड़ी हैं। चाहे पहाड़ों की विषम और कठिन परिस्थितियों में सर्पिलाकार सड़कों का जाल बिछाना हो, गगनचुंबी भवनों और बुनियादी ढांचों का निर्माण करना हो, औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन के पहिए को गति देनी हो या फिर अन्य तमाम श्रम आधारित कार्य हों—श्रमिकों के कठोर परिश्रम, त्याग और अमूल्य योगदान के बिना किसी भी आधुनिक और समृद्ध राज्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि एक श्रमिक केवल शारीरिक श्रम ही नहीं करता, बल्कि वह दिन-रात अपने पसीने की हर एक बूंद से प्रदेश की तरक्की और खुशहाली की एक नई गाथा लिखता है। ऐसे में राज्य सरकार का यह परम कर्तव्य और स्पष्ट उद्देश्य है कि इन मेहनती श्रमिकों को उनके तमाम कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता, सरलता और समयबद्ध तरीके से प्राप्त हो। इसी दूरगामी सोच को साकार करने के लिए श्रमिकों का औपचारिक पंजीकरण और उनके पुराने कार्डों का समय पर नवीनीकरण अत्यंत आवश्यक और निर्णायक कदम है।

पंजीकृत श्रमिकों को मिलने वाले सामाजिक और आर्थिक लाभ
शिविर में उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों और कामगारों को संबोधित करते हुए मंत्री सतपाल महाराज ने पंजीकरण के व्यावहारिक और दूरगामी लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब कोई श्रमिक श्रम विभाग के अंतर्गत अपना औपचारिक पंजीकरण करवाता है, तो उसके और उसके पूरे परिवार के लिए सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं के दरवाजे स्वतः खुल जाते हैं।

इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य श्रमिक वर्ग को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और संकट के समय उन्हें मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करना है:
शिक्षा के क्षेत्र में सहायता: पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में कोई रुकावट न आए, इसके लिए सरकार द्वारा प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च और व्यावसायिक शिक्षा तक विशेष छात्रवृत्ति तथा आर्थिक मदद दी जाती है। इससे गरीब से गरीब श्रमिक का बच्चा भी डॉक्टर, इंजीनियर या उच्च अधिकारी बनने का सपना पूरा कर सकता है।
उत्कृष्ट स्वास्थ्य और चिकित्सीय सुरक्षा: निर्माण कार्यों या अन्य श्रम के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना, बीमारी या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर श्रमिक और उसके आश्रितों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है।
सामाजिक सुरक्षा और वृद्धावस्था सहायता: जीवन के उत्तरार्ध में श्रमिकों को किसी पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए विभाग द्वारा पेंशन योजनाओं और अन्य सामाजिक सुरक्षा मदों के माध्यम से आर्थिक मदद का प्रावधान किया गया है।
पारिवारिक एवं कन्या विवाह सहायता: श्रमिक परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए बेटियों के विवाह के अवसर पर भी राज्य सरकार की ओर से सम्मानजनक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
सुरक्षा उपकरण और टूलकिट वितरण: श्रमिकों को उनके कार्यक्षेत्र में सुरक्षित रखने और उनकी कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए आवश्यक सुरक्षा सामग्री और टूलकिट भी विभाग द्वारा समय-समय पर रियायती या निःशुल्क दरों पर उपलब्ध कराए जाते हैं।

जनता के द्वार तक पहुँचती पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड की भौगोलिक संरचना अत्यंत जटिल और दुर्गम है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले आम श्रमिकों के लिए अपने दैनिक काम-काज को छोड़कर पंजीकरण या नवीनीकरण जैसे कार्यों के लिए बार-बार जिला मुख्यालय या विभागीय दफ्तरों के चक्कर लगाना काफी कष्टदायक और खर्चीला होता है। इसमें उनका न केवल दिहाड़ी का नुकसान होता है, बल्कि समय और धन भी व्यर्थ होता है।

सतपाल महाराज ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पोखड़ा में आयोजित इस प्रकार के शिविरों का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ यही है कि श्रमिकों को अपनी ही ग्राम पंचायत के पास एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की विभागीय सुविधाएं प्राप्त हो जाती हैं। उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने की अनावश्यक परेशानी से मुक्ति मिलती है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र को केवल एक नारा नहीं मानती, बल्कि इसे अपनी कार्यशैली का मुख्य आधार मानकर काम कर रही है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का कल्याण करना और उसे मुख्यधारा से जोड़ना हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। श्रमिकों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और उनका सर्वांगीण विकास ही राज्य की वास्तविक प्रगति की असली कसौटी है।

प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत और कार्यसंस्कृति में सुधार के निर्देश
शिविर के दौरान कैबिनेट मंत्री ने मंच से ही श्रम विभाग और स्थानीय ब्लॉक व तहसील प्रशासन के तमाम अधिकारियों को बेहद स्पष्ट और सख्त लहजे में निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि शिविर में पहुँचने वाले प्रत्येक श्रमिक को पंजीकरण और नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया के बारे में अत्यंत सरल, सुलभ और स्थानीय भाषा में जानकारी दी जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर कड़ाई से अमल करने के निर्देश दिए:
प्रक्रिया का सरलीकरण: कागजी औपचारिकताओं को इतना सरल बनाया जाए कि कोई भी अनपढ़ या कम पढ़ा-लिखा श्रमिक आसानी से अपना आवेदन जमा कर सके।
अनावश्यक देरी पर रोक: किसी भी पात्र श्रमिक को अपना कार्ड बनवाने या नवीनीकृत कराने के लिए बार-बार परेशान न किया जाए। यदि कागजात पूरे हैं तो तय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
पारदर्शिता और जवाबदेही: सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए या भ्रष्टाचार के सीधे पात्र व्यक्ति के बैंक खाते में पहुँचे, यह सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।
व्यापक जागरूकता अभियान: ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार के माध्यम से श्रमिकों को उनके अधिकारों और अद्यतन योजनाओं के प्रति निरंतर जागरूक किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित श्रमिक भाइयों और बहनों से भी यह विशेष आग्रह किया कि वे अपनी पात्रता के प्रति सतर्क रहें, अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों को समय पर अपडेट रखें और सरकार द्वारा चलाई जा रही इन जनहितैषी योजनाओं का अधिक से अधिक संख्या में लाभ उठाएं।

क्षेत्रीय समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान
क्षेत्र भ्रमण के इस कार्यक्रम के दौरान पोखड़ा और आसपास के दूर-दराज़ के गाँवों से आए दर्जनों ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय समस्याओं, जैसे पेयजल की किल्लत, जर्जर सड़कों की मरम्मत, बिजली की आपूर्ति, सिंचाई नहरों का रख-रखाव और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े विषयों को सीधे कैबिनेट मंत्री के समक्ष रखा।

सतपाल महाराज ने जनता की एक-एक बात को बहुत ध्यान से सुना और मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी और संबंधित विभागीय अभियंताओं को तलब करके अधिकांश शिकायतों का समाधान ऑन-द-स्पॉट कराया। जिन समस्याओं में तकनीकी या वित्तीय स्वीकृतियों की आवश्यकता थी, उनके लिए उन्होंने समयबद्ध समय-सीमा तय करते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के कड़े निर्देश दिए।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
पोखड़ा ब्लॉक सभागार में आयोजित इस भव्य और सफल कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों का एक बड़ा अमला मौजूद रहा। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का पारंपरिक पहाड़ी रीति-रिवाज के अनुसार पुष्पगुच्छ भेंट कर और अंगवस्त्रम (शॉल) ओढ़ाकर भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया।

इस अवसर पर पोखड़ा के भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र दर्शन, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य सुयश रावत, जिला महामंत्री महिपाल सिंह नेगी, स्थानीय ब्लॉक प्रमुख संजय गुसाईं, उपजिलाधिकारी (SDM) रेखा आर्य, खंड विकास अधिकारी (BDO) एस०पी० शाह, विधायक प्रतिनिधि प्रभुशरण बुड़ाकोटी, जिला पंचायत के सम्मानित सदस्य बलवंत नेगी, मंडल महामंत्री सुनील, विकास, वरिष्ठ कार्यकर्ता पुष्कर जोशी, भगत सिंह रावत, राजपाल सिंह रावत, जिला महामंत्री महिला मोर्चा मधुबाला, जिला मंत्री महिला मोर्चा नीमा रामेश्वरी जोशी तथा राजपाल सहित अनेक क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व श्रमिक भाई-बहन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एक स्वर में सरकार की इस पहल की सराहना की और पोखड़ा मुख्यालय पर इतने बड़े स्तर के शिविर के सफल आयोजन के लिए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का आभार व्यक्त किया।

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