उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति उपाध्यक्ष ध्रुव रौतेला ने सोमवार को भीमताल स्थित विकास भवन के सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान उन्होंने प्रशासन और विभिन्न विभागों के प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि सरकारी तंत्र और जनता के बीच की दूरी को कम करने के लिए अधिकारियों को स्वयं धरातल पर उतरना होगा।
वरिष्ठ प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखी गई इस बैठक में ग्रामीण विकास, पेयजल आपूर्ति, उद्यान और बिजली जैसे सीधे जनहित से जुड़े विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि केवल कागजों पर योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका समयबद्ध कार्यान्वयन और आम जनता के जीवन में उनका सकारात्मक प्रभाव दिखना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।
जनसमस्याओं का त्वरित समाधान और विभागीय समन्वय पर जोर
बैठक के दौरान ध्रुव रौतेला ने जनपद के प्रशासनिक ढांचे को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों से कहा कि जब नागरिक अपनी फरियाद लेकर दफ्तरों में आते हैं, तो उनकी सुनवाई सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर होनी चाहिए। जनता की शिकायतों के निवारण में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली या देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही, उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर आपसी तालमेल स्थापित करने पर विशेष बल दिया। अक्सर देखा जाता है कि अंतर-विभागीय समन्वय की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं बीच में अटक जाती हैं या उनमें बेवजह देरी होती है। इस समस्या से निपटने के लिए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग एक-दूसरे के साथ निरंतर संपर्क में रहें और साझा लक्ष्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करें।
प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई: नागरिकों की दैनिक समस्याओं और शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
समयबद्ध कार्यशैली: निर्माणाधीन और प्रस्तावित विकास कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने की कार्ययोजना बनाई जाए।
आपसी समन्वय: विभागों के बीच खींचतान खत्म कर जनहित के प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही: हर योजना में पारदर्शिता बनी रहे और आम जनता को इसका सीधा लाभ बिना किसी बाधा के मिले।
विकास कार्यों और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार
उपाध्यक्ष ने समीक्षा बैठक में इस बात को रेखांकित किया कि प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण आबादी के लिए कई अनूठी और महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही हैं। हालांकि, कई बार सही जानकारी और जागरूकता के अभाव में पात्र व्यक्ति इन सुविधाओं का लाभ उठाने से वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों द्वारा किए जा रहे अभिनव प्रयासों, नई पहलों और विकास कार्यों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करें। सूचना और जनसंचार के विभिन्न माध्यमों का उपयोग करते हुए योजनाओं की जानकारी गांव-गांव और घर-घर तक पहुँचाई जानी चाहिए। जब जनता को अपने अधिकारों और सरकारी सुविधाओं की सही जानकारी होगी, तभी वे उनका पूरा लाभ उठा सकेंगे।
प्रदेश के युवा नेतृत्व की सोच को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में चौतरफा विकास का माहौल तैयार हो रहा है। इस प्रशासनिक विजन को धरातल पर उतारने की पूरी जिम्मेदारी जिला स्तर के अधिकारियों पर है। इसलिए, हर विभाग का यह कर्तव्य है कि वह अपनी शत-प्रतिशत क्षमता के साथ काम करे और सुनिश्चित करे कि कोई भी पात्र नागरिक योजनाओं के लाभ से अछूता न रहे।
जल जीवन मिशन और प्रमुख विभागीय समीक्षाएं
बैठक का एक बड़ा हिस्सा जिले में चल रही बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं की स्थिति जांचने में बीता। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता पर गहराई से चर्चा हुई। ‘जल जीवन मिशन’ के तहत जनपद में पेयजल निगम और जल संस्थान द्वारा चलाए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली गई।
उपाध्यक्ष ध्रुव रौतेला ने स्पष्ट किया कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता से जुड़ा कोई भी काम अटका नहीं रहना चाहिए। हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुँचाने के सपने को पूरा करने के लिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों का ध्यान रखना अनिवार्य है। इसके अलावा, बिजली आपूर्ति व्यवस्था, ग्रामीण रास्तों के सुधार और कृषि-उद्यान से जुड़ी योजनाओं की भी बिंदुवार समीक्षा की गई।
पेयजल आपूर्ति की समीक्षा: जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक निर्माण और घरेलू नल कनेक्शन की वर्तमान स्थिति की जांच की गई।
उद्यान एवं कृषि प्रोत्साहन: क्षेत्र के किसानों और बागवानों को दी जाने वाली सरकारी सब्सिडी और आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी ली गई।
बिजली और आधारभूत ढांचा: ग्रामीण इलाकों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति और बिजली से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश: भीमताल झील परिक्षेत्र में पौधारोपण
समीक्षा बैठक के समापन के पश्चात, उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश देने के लिए एक प्रतीकात्मक पहल भी की। उन्होंने भीमताल के प्रसिद्ध झील परिक्षेत्र में बोगनवेलिया का एक सुंदर पौधा रोपा।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए बेहद जरूरी है। भीमताल न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी है। ऐसे में यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता को निखारने और हरी-भरी वनस्पतियों को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण जैसे अभियान लगातार चलाए जाने चाहिए। उन्होंने स्थानीय नागरिकों और अधिकारियों से भी अपील की कि वे अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने में अपना योगदान दें।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी और प्रशासनिक उपस्थिति
विकास भवन भीमताल में आयोजित इस समीक्षा बैठक में जिले के तमाम उच्च प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुख उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने उपाध्यक्ष को अपने-अपने विभागों की वर्तमान प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराया और दिए गए निर्देशों का तत्परता से पालन करने का आश्वासन दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, मुख्य उद्यान अधिकारी प्रेमा राना और सहायक परियोजना अधिकारी चंदा फर्त्याल विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा विद्युत विभाग, पेयजल निगम, जल संस्थान और अन्य संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए।


