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नशा तस्करों के खिलाफ एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के कड़े रुख से महकमे में मचा हड़कंप और अवैध नशीले पदार्थों का काला कारोबार करने वाले अपराधी पहुंचे सलाखों के पीछे

नशा तस्करों पर नैनीताल पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि देवभूमि में मादक पदार्थों के काले कारोबार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के संकल्प और जिला पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के चलते अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसता ही जा रहा है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए नैनीताल जनपद के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र से पुलिस की एक विशेष टीम ने गश्त और चेकिंग अभियान के दौरान एक नशा तस्कर को रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से व्यावसायिक मात्रा में अवैध स्मैक बरामद की गई है। इस कार्रवाई से यह संदेश साफ हो गया है कि युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

उत्तराखंड के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी जिलों तक नशे की घुसपैठ को रोकना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। खासकर हल्द्वानी और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की छोटी-मोटी खेप पहुंचाकर युवाओं को दलदल में धकेलने की साजिशें अक्सर सामने आती रहती हैं। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस प्रमुखों द्वारा पूरे जनपद में सघन सघन चेकिंग अभियान और धरपकड़ मुहिम चलाई जा रही है। बनभूलपुरा पुलिस की हालिया सफलता उसी रणनीतिक सतर्कता का परिणाम है, जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों और संदिग्ध आवाजाही वाले इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

नशे का यह काला कारोबार न केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार को तबाह करता है, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा और ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर देता है। यही वजह है कि जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए स्थानीय पुलिस थाने दिन-रात गश्त बढ़ा रहे हैं। इस ताजा मामले में भी मुखबिरों की सूचना और पुलिस की सतर्कता ने एक बार फिर तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। बनभूलपुरा के गौला पार्किंग क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए आरोपी की धरपकड़ केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क के लिए एक कड़ा चेतावनी संदेश है जो चोरी-छिपे युवाओं तक जहर पहुंचाने का काम कर रहा है।

अभियान प्रहार और देवभूमि को नशा मुक्त बनाने की प्रशासनिक प्रतिबद्धता
प्रदेश भर में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियानों को धरातल पर उतारने के लिए नैनीताल पुलिस बेहद सख्त और आक्रामक रुख अपनाए हुए है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के तहत जिले के प्रत्येक थाने को यह सख्त हिदायत दी गई है कि नशे की खरीद-फरोख्त में शामिल किसी भी छोटे या बड़े गिरोह को बख्शा न जाए। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत बनभूलपुरा पुलिस लगातार गश्त कर रही थी।

क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण और कोतवाली प्रभारी के कुशल नेतृत्व में गठित पुलिस टीम जब इलाके की नाकाबंदी और संदिग्धों की तलाशी ले रही थी, तब यह महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी। बनभूलपुरा पुलिस की इस अनुशासित और त्वरित कार्रवाई ने यह दिखाया है कि यदि स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनी रहे, तो अपराधियों के हौसले पस्त होने में देर नहीं लगती।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नशीले पदार्थों के प्रसार को रोकने के लिए सिर्फ बड़ी खेप पकड़ना ही काफी नहीं है, बल्कि गलियों और मोहल्ला स्तर पर फुटकर बिक्री करने वाले छोटे तस्करों पर भी नकेल कसना उतना ही जरूरी है। यही छोटे तस्कर आसानी से सुलभ होकर स्थानीय युवाओं को नशे की लत का शिकार बनाते हैं। इसलिए प्रशासन ने इस पूरे तंत्र की कड़ियों को तोड़ने का मन बना लिया है।

गौला पार्किंग क्षेत्र से आरोपी की गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गौला पार्किंग का इलाका हमेशा से ही पुलिस की विशेष निगरानी सूची में रहा है। इस स्थान पर गाड़ियों की आवाजाही और लोगों की भीड़ का फायदा उठाकर अक्सर संदिग्ध तत्व शरण लेने या अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम को एक युवक की गतिविधियां बेहद संदेहास्पद लगीं।

पुलिस कर्मियों को अपनी ओर आते देख युवक ने घबराकर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी करके उसे मौके पर ही दबोच लिया। जब नियमानुसार उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से तीन दशमलव तीन नौ ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। बरामद की गई स्मैक की बाजार में अच्छी-खासी कीमत बताई जा रही है।

तस्करी के इस मामले में पकड़े गए अभियुक्त की पहचान नसीम के पुत्र फूलबाबू के रूप में हुई है, जिसकी उम्र मात्र इक्कीस वर्ष है। आरोपी बनभूलपुरा के ही चिराग अली मजार के पास बनी झोपड़पट्टी क्षेत्र का निवासी है। इतनी कम उम्र में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी जैसे संगीन अपराध में संलिप्त होना बेहद चिंताजनक पहलू है। पुलिस अब आरोपी से यह भी पूछताछ कर रही है कि वह यह नशीला पदार्थ कहां से खरीदकर लाया था और इसे किसे बेचने की फिराक में था।

कानूनी प्रक्रिया, मामला दर्ज और पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
स्मैक की बरामदगी के तुरंत बाद पुलिस ने तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी के मामले में कोतवाली बनभूलपुरा में आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम की कठोर धाराओं के अंतर्गत मामला पंजीकृत कर आरोपी को अदालत में पेश करने की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस पूरी धरपकड़ और सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जगवीर सिंह, मुख्य आरक्षी गुरमेज सिंह और आरक्षी दिलशाद अहमद शामिल रहे। इन पुलिसकर्मियों ने पूरी मुस्तैदी और सूझबूझ का परिचय देते हुए नशा तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की है और टीम के जवानों को प्रोत्साहित किया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सख्त कानूनी कार्रवाई से अवैध नशीले पदार्थों के धंधे में लगे अन्य अपराधियों के मन में भी कानून का खौफ पैदा होगा। दर्ज किए गए मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि इस गिरोह के बाकी तारों का भी पता लगाया जा सके।

नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता और पुलिस-जनता सहयोग की आवश्यकता
नशे की समस्या केवल एक कानूनी या पुलिस संबंधी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक चुनौती भी बन चुकी है। विशेष रूप से बीस से पच्चीस वर्ष की आयु के युवाओं का इस दलदल में फंसना समाज के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है। बनभूलपुरा में पकड़ा गया इक्कीस वर्षीय तस्कर इस बात का उदाहरण है कि किस तरह युवा न केवल नशे के शिकार हो रहे हैं, बल्कि इसके अवैध व्यापार का हिस्सा भी बनते जा रहे हैं।

पुलिस प्रशासन ने आम जनता और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। समाज के सहयोग के बिना इस सामाजिक बुराई का पूरी तरह से सफाया करना संभव नहीं है। यदि माता-पिता और नागरिक अपने आसपास के माहौल पर नजर रखें और समय पर पुलिस को सूचित करें, तो कई युवाओं को राह भटकने से बचाया जा सकता है।

नैनीताल पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। आने वाले दिनों में इस प्रकार के गश्त और चेकिंग अभियानों को और अधिक तीव्र किया जाएगा ताकि देवभूमि की पवित्रता और युवाओं के भविष्य दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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