पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि की राजधानी देहरादून स्थित प्रसिद्ध गांधी पार्क के परिसर से भारतीय जनता पार्टी महानगर इकाई के बैनर तले आयोजित एक बेहद खास और विशाल तिरंगा यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया। आगामी स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे व्यापक हर घर तिरंगा अभियान के तहत इस आयोजन को तैयार किया गया था। इस मौके पर एकत्रित हुए हजारों कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों और देशभक्त युवाओं का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्होंने इस जनसैलाब को संबोधित किया। अपने वक्तव्य में उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पर निकला यह विशाल जनसमूह केवल एक साधारण राजनीतिक या सामाजिक जुटान नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की अखंडता, गौरव और संप्रभुता का एक भव्य उत्सव है।
हाथों में लहराता तीन रंगों का यह ध्वज हर एक नागरिक के भीतर छिपी देशप्रेम की भावना को दर्शाता है। आज उत्तराखंड की आबो-हवा और इसके कण-कण में यह राष्ट्रभक्ति साफ तौर पर महसूस की जा सकती है। तिरंगा हम सभी देशवासियों के सम्मान और स्वाभिमान का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। इस ध्वज का सबसे ऊपरी केसरिया रंग हमारे वीर नायकों के अदम्य साहस को दर्शाता है। बीच की पट्टी का सफेद रंग हमारे समाज में शांति और पवित्रता बनाए रखने का संदेश देता है, जबकि निचली पट्टी का हरा रंग हमारी उपजाऊ धरती, खुशहाली और निरंतर आगे बढ़ते रहने के संकल्प को दिखाता है। ये तीनों रंग हमें अपने दैनिक जीवन में लगातार उन्नति करने और देश के लिए योगदान देने का रास्ता दिखाते हैं।
वीरों के पावन त्याग और राष्ट्रीय संकल्प की गूंज
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पुष्कर सिंह धामी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि आज हम जिस खुली हवा में अपनी आजादी का जश्न मना रहे हैं और गर्व से राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे हैं, वह स्वतंत्रता हमें बिना किसी संघर्ष के नहीं मिली है। इस ध्वज की आन और देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए हमारे पूर्वजों और वीर स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन का खुशी-खुशी बलिदान दिया है। न जाने कितने शूरवीरों ने हंसते हुए फांसी के फंदों को गले लगाया और अपना सब कुछ देश पर न्योछावर कर दिया, तब जाकर भारत को यह पहचान मिली है।
उन्होंने यात्रा में शामिल हुए सभी लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि जब हम इस तिरंगे को हाथ में थामकर आगे की ओर कदम बढ़ाते हैं, तो हमारे दिल में एक स्पष्ट संकल्प होना चाहिए। हमें यह कसम खानी होगी कि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए हम हर समय तत्पर रहेंगे। भविष्य में जब भी हमारे राष्ट्र के सामने कोई संकट या नई चुनौती खड़ी होगी, तब देश का प्रत्येक नागरिक एकजुट होकर एक दीवार की तरह उसका मुकाबला करेगा। राष्ट्रीय स्वाभिमान से बढ़कर हमारे लिए कोई दूसरा लक्ष्य नहीं हो सकता।
वैश्विक पटल पर भारत की नई पहचान और आर्थिक मजबूती
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान दौर भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारा देश इस समय अपने विकास के अमृत काल से गुजर रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों और मजबूत इच्छाशक्ति के कारण आज पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। भारत अब केवल एक दर्शक नहीं, बल्कि विश्व मंच पर एक मजबूत महाशक्ति के रूप में स्थापित हो चुका है। विश्व के बड़े-बड़े मंचों पर आज भारत की आवाज़ को बेहद गंभीरता से सुना जाता है।
इसके साथ ही देश की आर्थिक नीतियां भी तेजी से बदल रही हैं। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो चुका है। तकनीकी विकास, व्यापार, उद्योग और डिजिटल क्रांति जैसे कई आधुनिक क्षेत्रों में आज हमारा देश दुनिया के बड़े और विकसित देशों को दिशा दिखाने का काम कर रहा है। यह हर एक भारतीय के लिए बेहद गर्व और सम्मान का विषय है कि हमारा राष्ट्र आज हर मोर्चे पर आगे बढ़ रहा है।
सैन्य बल का बढ़ता साहस और उत्तराखंड का अतुलनीय योगदान
देश की सुरक्षा और सेना के सामर्थ्य पर बोलते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे देश के जवान अपनी बहादुरी और अनुशासन के लिए हमेशा से दुनिया भर में जाने जाते रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में हमारी थल सेना, वायु सेना और नौसेना का मनोबल और क्षमता पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। हमारी सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत हो चुकी है कि अब कोई भी विदेशी ताकत भारत की तरफ गलत नीयत से देखने की हिम्मत नहीं कर सकती।
चाहे दुश्मनों के घर में घुसकर की गई सैन्य कार्रवाई हो या फिर आधुनिक हथियारों से सीमाओं को सुरक्षित करना हो, भारत ने पूरी दुनिया को अपनी असली ताकत से परिचित करा दिया है। आज हमारा देश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। इसी क्रम में उन्होंने उत्तराखंड के विशेष योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारी यह पावन भूमि वीरों की जननी है। भारतीय सेना में सेवा देने वाला हर पांचवां जवान इसी उत्तराखंड की माटी से आता है।
हमारी सरकार अपने इन महान योद्धाओं, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान करना अपना सबसे बड़ा कर्तव्य मानती है। इसी सोच के तहत देहरादून की धरती पर एक अत्यंत भव्य और विशाल सैन्य धाम का निर्माण कराया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को हमारे शहीदों के त्याग की याद दिलाता रहेगा। पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए भी सरकार कई कल्याणकारी नीतियां चला रही है।
उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति और रिवर्स पलायन की सफलता
राज्य की आंतरिक प्रगति और भावी योजनाओं का खाका प्रस्तुत करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि केंद्र और राज्य की साझा नीतियों के बल पर उत्तराखंड आज सफलता के नए रिकॉर्ड बना रहा है। वर्ष 2047 तक भारत को एक पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में हमारा राज्य अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान दे रहा है। राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास और नए उद्योगों की स्थापना से आम जनता की जीवन शैली में बड़ा बदलाव आया है।
ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस आर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा सकारात्मक असर यह हुआ है कि राज्य में अब रिवर्स पलायन की शुरुआत हो चुकी है। जो युवा पहले काम की तलाश में अपने गांव और घर छोड़कर बाहर चले गए थे, वे अब वापस लौटकर यहीं अपने रोजगार और व्यवसाय से जुड़ रहे हैं। हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को नौकरियां और नए अवसर उपलब्ध करा रही है, जिससे राज्य का हर परिवार आत्मनिर्भर बन सके।
हर घर तिरंगा फहराने की जन-अपील
अपने संबोधन के समापन चरण में पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरी यात्रा को एक महान राष्ट्रीय कार्य की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हमारे दिलों में बसी राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रकटीकरण है। उन्होंने वहां मौजूद सभी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से यह विशेष अपील की कि आने वाले स्वतंत्रता दिवस पर वे अपने-अपने परिसरों और घरों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा जरूर फहराएं।
उन्होंने कहा कि हमें अपने भीतर देशभक्ति की इस भावना को हमेशा जीवित रखना होगा। साथ ही हर नागरिक को यह प्रण लेना होगा कि वह अपने निजी और सामाजिक प्रयासों से उत्तराखंड को देश का सबसे समृद्ध, सुरक्षित और अग्रणी राज्य बनाने में अपना पूरा योगदान देगा।
संगठन का विचार और जनसमूह का अपार उत्साह
इस भव्य आयोजन के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं के भीतर दिख रहे राष्ट्रप्रेम की सराहना की और कहा कि यह यात्रा हमें उन महान सपूतों की याद दिलाती है जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सब कुछ दान कर दिया था। तिरंगा हमारी राष्ट्रीय पहचान का सबसे बड़ा ध्वज है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस अभियान को अपने-अपने क्षेत्रों में और व्यापक बनाएं ताकि हर घर तक यह संदेश पहुंच सके।
कार्यक्रम के शुरुआती चरण में महानगर इकाई के अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने मुख्य मंच पर पधारे सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। उन्होंने उपस्थित युवाओं और कार्यकर्ताओं में तिरंगे का वितरण किया और सभी को इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने की शपथ दिलाई।
वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
गांधी पार्क से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी इस ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा में शासन और पार्टी संगठन के कई प्रमुख चेहरे शामिल रहे। इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, सौरभ बहुगुणा के साथ-साथ राज्यसभा सांसद नरेश बंसल भी मौजूद रहे। संगठन की ओर से प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत, तरुण बंसल और राकेश गिरी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय विधायक विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, देहरादून नगर निगम के महापौर सौरभ थपलियाल, दायित्वधारी ज्योति प्रसाद गैरोला, श्याम अग्रवाल, विनोद उनियाल, कुलदीप बुटोला और भगवत प्रसाद मकवाना भी यात्रा के साक्षी बने।
महानगर संगठन की ओर से उपाध्यक्ष राजेंद्र ढिल्लों, सुनील शर्मा, संकेत नौटियाल, राजेश कंबोज, ओम कक्कड़, महामंत्री विजेंद्र थपलियाल, संदीप मुखर्जी, सचिव जगदीश सेमवाल, मोहित शर्मा, विनोद शर्मा, प्रदीप कुमार, मोतीराम, महिपाल और संदीप बिजल्वान सहित पार्टी के सभी मंडल अध्यक्ष, पार्षद और सैकड़ों निष्ठावान कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक साथ मिलकर देश की प्रगति और सुरक्षा के लिए काम करने का संकल्प दोहराया।


