
अजय सिंह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह अवसर ऐतिहासिक रहा क्योंकि पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की संसद को संबोधित किया। समारोह में उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया, जो भारत और सेशेल्स के बीच गहरे संबंधों का प्रतीक है।
अपने तीन‑दिवसीय दौरे के दौरान मोदी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। भारत ने सेशेल्स को 175 मिलियन डॉलर की विकास सहायता देने का वादा किया, जिसमें गश्ती नौकाएँ, एम्बुलेंस और विभिन्न विकास परियोजनाएँ शामिल हैं। यह कदम हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को और मज़बूत करता है।
मोदी ने अपने संबोधन में “विजन महासागर” की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, सहयोग और सतत विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स मिलकर समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर काम करेंगे।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय से भी मुलाक़ात की और उन्हें भारत‑सेशेल्स संबंधों का सांस्कृतिक सेतु बताया। भारतीय प्रवासी समुदाय ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपने बीच पाकर गर्व महसूस किया।
यह दौरा भारत‑सेशेल्स के 50 वर्षों के राजनयिक संबंधों को और मज़बूत करता है। सोशल मीडिया पर इस ख़बर ने ज़बरदस्त चर्चा पैदा की है – कुछ लोग इसे भारत की बढ़ती वैश्विक नेतृत्व क्षमता का प्रमाण मान रहे हैं, जबकि कुछ घरेलू मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की माँग कर रहे हैं।