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सियासत से परे ‘ग्रेटर गौलापार’ का सपना, इंदिरा हृदयेश के विजन को नई ऊर्जा देने मैदान में उतरे युवा।

सियासत से परे ‘ग्रेटर गौलापार’ का सपना। भविष्य के हल्द्वानी की रूपरेखा कैसी होगी? इस सवाल का जवाब अब शहर के युवा उद्यमियों और नगर सरकार ने मिलकर खोजना शुरू कर दिया है। हाल ही में आयोजित “यंग बिजनेस मीट विद मेयर” कार्यक्रम में हल्द्वानी के सुव्यवस्थित विस्तार को लेकर एक बेहद महत्वाकांक्षी खाका खींचा गया। इस विजन के केंद्र में है—‘ग्रेटर गौलापार’, जिसे एक आधुनिक, स्मार्ट और विश्वस्तरीय सैटेलाइट टाउन के रूप में विकसित करने की वकालत की गई है।

युवाओं के कंधे पर टिकी है विकास की धुरी: महापौर
युवा व्यापारियों और पहली बार वोट डालने वाले नव-मतदाताओं से संवाद करते हुए महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने साफ किया कि कोई भी शहर सिर्फ बुनियादी ढांचे से नहीं, बल्कि युवाओं की सोच से आगे बढ़ता है।
“जब तक विकास की योजनाओं में युवाओं का नवाचार और ऊर्जा शामिल नहीं होगी, तब तक हम एक आत्मनिर्भर शहर की कल्पना नहीं कर सकते। पीएम नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम स्थानीय युवाओं को हर संभव मंच और अवसर देने के लिए तैयार है।” – गजराज सिंह बिष्ट, महापौर

व्यापार मंडल और युवाओं का ‘रोडमैप’: क्या हैं प्रमुख मांगें?
इस संवाद कार्यक्रम में युवा कारोबारियों ने केवल समस्याएं नहीं गिनाईं, बल्कि हल्द्वानी के कायाकल्प के लिए एक ठोस मांग पत्र और प्रस्ताव भी सौंपा। उनके एजेंडे में ये प्रमुख बिंदु शामिल रहे:
स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: चौड़ी सड़कें, मॉडर्न पार्किंग व्यवस्था और सुगम यातायात प्रबंधन।
बिजनेस फ्रेंडली इकोसिस्टम: बाजारों का आधुनिकीकरण, डिजिटल व्यापारिक टूल्स की उपलब्धता और एमएसएमई (लघु उद्योगों) का विस्तार।
युवा केंद्रित नीतियां: युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) सेंटर और स्टार्टअप्स के लिए आसान वित्तीय सहायता।
नया व्यावसायिक हब: गौलापार को भविष्य के एक बेहतरीन रेजिडेंशियल और कमर्शियल जोन के रूप में विकसित करना।
महापौर ने इन सभी व्यावहारिक सुझावों का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया कि इन्हें नगर निगम की आगामी कार्ययोजनाओं में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।

सियासत से परे, एक पुराने सपने को मिली नई उड़ान
‘ग्रेटर गौलापार’ की यह अवधारणा नई नहीं है। सालों पहले उत्तराखंड की राजनीति का बड़ा चेहरा रहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय इंदिरा हृदयेश ने इस क्षेत्र को सुनियोजित ढंग से बसाने का एक बड़ा ख्वाब देखा था। उनका मानना था कि हल्द्वानी के बढ़ते दबाव को कम करने का एकमात्र रास्ता गौलापार का आधुनिक विस्तार ही है।
आज जब दलीय राजनीति से ऊपर उठकर युवा व्यापारियों ने उसी पुराने विजन को नए जोश के साथ सरकार के सामने रखा है, तो सालों पुराने इस सपने को हकीकत में बदलने की उम्मीदें एक बार फिर जिंदा हो गई हैं।
इस महत्वपूर्ण मंथन में भाजपा जिला महामंत्री विनीत अग्रवाल समेत शहर के कई प्रतिष्ठित व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि, युवा उद्यमी और जागरूक नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने हल्द्वानी को एक नया मुकाम देने का संकल्प लिया।

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