Homeउत्तराखंडफरार लूट का अभियुक्त हीरानगर पुलिस के शिकंजे में, हल्द्वानी पुलिस ने...

फरार लूट का अभियुक्त हीरानगर पुलिस के शिकंजे में, हल्द्वानी पुलिस ने कसा शिकंजा और सिखाया पाठ – अब कानून से भागना हुआ नामुमकिन

फरार लूट का अभियुक्त गिरफ्तार करने के अभियान में हल्द्वानी पुलिस को एक बेहद महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल हुई है। नैनीताल जिले में कानून व्यवस्था को सख्त बनाने और लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाने के लिए एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है। इसी कड़ी में हीरानगर पुलिस चौकी की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ऐसे शातिर आरोपी को धर दबोचा है जो पिछले दो वर्षों से पुलिस की पकड़ से लगातार बाहर चल रहा था। गिरफ्तार किया गया आरोपी लूट के गंभीर मामले में वांछित था और अदालत द्वारा उसके खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए वारंट जारी किया गया था। पुलिस की इस तत्परता से क्षेत्र में अपराधियों के बीच एक स्पष्ट संदेश गया है कि वे चाहे जितना भी छिपने की कोशिश कर लें, कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन है।

नैनीताल पुलिस का विशेष धरपकड़ अभियान
जनपद नैनीताल में पुलिस प्रशासन की ओर से अपराधियों और कानून का उल्लंघन करने वालों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मंजूनाथ टी.सी. के सीधे निर्देशों के तहत पूरे जिले में एक व्यापक और प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य मकसद उन तमाम अभियुक्तों को सलाखों के पीछे पहुंचाना है जो अलग-अलग मामलों में अदालती प्रक्रियाओं से भाग रहे हैं या लंबे समय से फरार चल रहे हैं।

पुलिस प्रमुख के कड़े रुख को देखते हुए सभी थाना क्षेत्रों और पुलिस चौकियों को मुस्तैद कर दिया गया है। इसी दिशा-निर्देश के तहत स्थानीय पुलिस टीमों को अपने-अपने इलाकों में वांछित और वारंटी अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी तलाश तेज करने के आदेश दिए गए थे। हीरानगर चौकी पुलिस ने भी अपने क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाई और उन अपराधियों का सुराग लगाना शुरू किया जो काफी समय से अपने ठिकानों से गायब थे।

लूट के मामले में दो साल से चल रहा था फरार
जिस आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उसकी पहचान अजय कुमार के रूप में हुई है। पच्चीस वर्षीय अजय कुमार पुत्र कुंदन राम, नैनीताल जिले के ही कालाढूंगी क्षेत्र के डाक बंगला बंदोबस्ती वार्ड नंबर एक का निवासी है। उस पर धारा 392 और धारा 411 के तहत गंभीर धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज है। यह मामला वर्ष 2022 का है जब आरोपी एक लूट की घटना में शामिल पाया गया था।

मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। वह न तो पुलिस की पूछताछ के सामने आया और न ही अदालत की कार्यवाही में शामिल हुआ। कानून से भागने की उसकी इस हरकत के कारण मामला अदालत में लगातार खिंचता जा रहा था। जब आरोपी ने खुद को पूरी तरह से छिपा लिया और अदालत के समन का कोई जवाब नहीं दिया, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

गैर-जमानती वारंट की तामील और पुलिस की रणनीति
संबंधित न्यायालय ने आरोपी के लगातार अनुपस्थित रहने पर उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। न्यायालय से आदेश प्राप्त होते ही हीरानगर पुलिस चौकी की टीम ने आरोपी को दबोचने के लिए अपनी रणनीति तैयार की। पुलिस को इस बात की पूरी जानकारी थी कि आरोपी बहुत ही चालाक है और जरा सी आहट मिलते ही दोबारा फरार हो सकता है।
पुलिस टीम ने सबसे पहले आरोपी की गतिविधियों और उसके संभावित ठिकानों के बारे में गुप्त जानकारियां जुटाईं। मुखबिरों को सतर्क किया गया और उसके घर व आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखनी शुरू की गई। जैसे ही पुलिस को यह ठोस सूचना मिली कि आरोपी अपने घर पर मौजूद है, बिना समय गंवाए पुलिस टीम ने वहां दबिश देने की योजना बनाई।

अचानक दबिश देकर आरोपी को घर से दबोचा
हीरानगर पुलिस चौकी प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने पूरी सावधानी और गोपनीयता बरतते हुए कालाढूंगी स्थित आरोपी के आवास पर अचानक छापा मारा। आरोपी अजय कुमार को संभलने या भागने का जरा सा भी मौका नहीं मिला। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के सामने आरोपी पूरी तरह बेबस हो गया और टीम ने उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को लेकर चौकी आई, जहां जरूरी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी की गई। अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट की शत-प्रतिशत तामील कराते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दो साल पुराने इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस ने एक बड़ी राहत की सांस ली है।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम का योगदान
लंबे समय से चकमा दे रहे इस शातिर आरोपी को पकड़ने में पुलिस टीम की मुस्तैदी और आपसी समन्वय की अहम भूमिका रही। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में हीरानगर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक संजीत राठौड़ की प्रमुख भूमिका रही, जिन्होंने पूरी दबिश की अगुवाई की।
इसके साथ ही टीम में मुख्य आरक्षी मनोज कुमार, आरक्षी गिरीश और कालाढूंगी से आरक्षी अमनदीप शामिल रहे। इन सभी पुलिसकर्मियों ने आपसी तालमेल और सतर्कता का परिचय देते हुए इस कार्रवाई को सफलता के साथ पूरा किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम के इस प्रयास की सराहना की है।

कानून व्यवस्था पर पड़ेगा सकारात्मक असर
इस तरह की गिरफ्तारियों से क्षेत्र में कानून का इकबाल बुलंद होता है। जो अपराधी यह सोचते हैं कि वे लंबे समय तक छिपकर कानून की नजरों से बच सकते हैं, उनके लिए यह कार्रवाई एक बड़ा सबक है। नैनीताल पुलिस की इस तत्परता से आम नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है।

पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि जिले में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। आने वाले दिनों में भी वांछितों और वारंटियों के खिलाफ यह अभियान इसी तरह से जारी रहेगा। जो भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा या अदालती आदेशों की अवहेलना करेगा, उसे हर हाल में कानून के सामने जवाबदेह बनाया जाएगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments