श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर के माध्यम से पौड़ी गढ़वाल जिले के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत एकेश्वर (पणखेत) ब्लॉक सभागार में एक जन-कल्याणकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने न केवल इस शिविर का उद्घाटन कर वहां मौजूद जनसमूह और स्थानीय प्रतिनिधियों को संबोधित किया, बल्कि आम जनता के द्वार पर पहुंचकर उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को भी गहराई से सुना।
इस दौरान जनसमूह की ओर से आई विभिन्न प्रकार की शिकायतों और मांगों को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने संबंधित प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए, ताकि अधिकांश समस्याओं का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित किया जा सके। सरकार के इस तरह के कदमों से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने की मजभूरी से राहत मिलती नजर आ रही है।
श्रमिकों के परिश्रम और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर
इस अवसर पर एकत्रित जनसमूह और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने श्रमिकों के अप्रतिम योगदान की खुलकर सराहना की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारे श्रमिक भाई-बहन वास्तव में प्रदेश और पूरे देश के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। आज जहां भी बुनियादी ढांचे का विकास दिख रहा है, उसके पीछे इन्हीं मेहनतकश लोगों का खून और पसीना शामिल है। चाहे पहाड़ों के दुर्गम रास्तों पर बनने वाली सड़कें हों, विशाल भवनों का निर्माण हो, औद्योगिक इकाइयों का संचालन हो या फिर अन्य किसी भी प्रकार का श्रम-आधारित कार्य – इन सभी क्षेत्रों में श्रमिकों के कठोर परिश्रम के बिना प्रगति और विकास की कोई भी कल्पना अधूरी है।
सतपाल महाराज ने कहा कि एक श्रमिक केवल शारीरिक मेहनत ही नहीं करता, बल्कि वह अपने पसीने की हर एक बूंद से राज्य की तरक्की की एक नई पटकथा लिखता है। ऐसे में राज्य सरकार का यह नैतिक और प्रशासनिक दायित्व बनता है कि इन श्रमिकों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाए। सरकार का स्पष्ट ध्येय है कि प्रदेश के प्रत्येक पात्र श्रमिक को उसके हक अधिकार और कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पूरी पारदर्शिता, सुलभता और तय समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराया जाए। इसी उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए श्रम विभाग की ओर से इस प्रकार के विशेष अभियानों और शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पाने के लिए पंजीकरण बेहद जरूरी
अपने संबोधन के दौरान कैबिनेट मंत्री ने इस बात पर सबसे ज्यादा बल दिया कि हर एक श्रमिक का औपचारिक पंजीकरण होना और समय-समय पर उस पंजीकरण का नवीनीकरण कराया जाना बेहद आवश्यक है। जब तक कोई श्रमिक सरकारी अभिलेखों में पंजीकृत नहीं होगा, तब तक उसे सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा फायदा उठाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारों के लिए सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा सहायता, बीमा, पेंशन तथा अन्य कई प्रकार की कल्याणकारी व्यवस्थाएं तय की हैं।
उन्होंने क्षेत्रीय जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि जितने भी श्रमिक भाई-बहन अभी तक पंजीकृत नहीं हो पाए हैं, वे बिना किसी देरी के इन शिविरों में आकर अपना नाम दर्ज कराएं। इसके साथ ही, जिन लोगों का पंजीकरण पुराना हो चुका है और उसकी समय-सीमा समाप्त हो रही है, वे भी अनिवार्य रूप से उसका नवीनीकरण करा लें। इस प्रकार के शिविर आयोजित करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आम ग्रामीण और मजदूरों को छोटे-छोटे कागजी काम के लिए दूर-दराज स्थित जिला या तहसील मुख्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। विभाग खुद चलकर उनके दरवाजे तक आ रहा है, जो कि शासन की जन-केंद्रित कार्यशैली को दर्शाता है।
दफ्तरों से निकलकर जनता के द्वार तक पहुंची प्रशासनिक व्यवस्था
राज्य सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वर्तमान प्रशासनिक ढांचा केवल बंद दफ्तरों और फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सशक्त नेतृत्व में प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र पर काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति, विशेषकर गरीब और श्रमिक वर्ग तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच बिना किसी बाधा के हो।
सतपाल महाराज ने मौके पर मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भी कड़े शब्दों में हिदायत दी। उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाले हर एक श्रमिक के साथ बेहद सरल, सहज और सहयोगात्मक व्यवहार किया जाना चाहिए। अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे पंजीकरण और नवीनीकरण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की जानकारी आम बोलचाल की भाषा में श्रमिकों को समझाएं। किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से कागजी औपचारिकताओं में न उलझाया जाए और न ही उन्हें परेशान किया जाए। यदि कोई श्रमिक योजना की सभी शर्तें पूरी करता है, तो उसे योजना का लाभ बिना किसी देरी के त्वरित गति से मिलना चाहिए।
जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी
श्रमिक कल्याण के अलावा शिविर में एक बड़ा समय स्थानीय जन समस्याओं की सुनवाई के लिए भी समर्पित किया गया। ग्रामीणों ने पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ी अपनी तमाम तरह की परेशानियां मंत्री के समक्ष रखीं। सतपाल महाराज ने एक-एक करके सभी जनसमस्याओं को सुना और मौके पर ही मौजूद संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों को तलब कर उनके तुरंत समाधान के निर्देश दिए। कई मामलों में तो कागजी कार्रवाई पूरी करवाते हुए तात्कालिक समाधान भी निकाला गया, जिससे स्थानीय निवासियों में काफी संतोष देखने को मिला।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान स्थानीय स्तर के कई गणमान्य नागरिक, राजनीतिक प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष राकेश नैथानी, विधायक प्रतिनिधि देवेंद्र भट्ट, जिला महामंत्री महिपाल नेगी, वरिष्ठ नेता वेद प्रकाश वर्मा, प्रभारी बृजमोहन रावत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुयश रावत की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ ही प्रशासनिक पक्ष से उपजिलाधिकारी रेखा आर्य, खंड विकास अधिकारी सौरभ हांडा सहित स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, सिंचाई, लघु सिंचाई, पेयजल, चिकित्सा, ऊर्जा तथा बाल विकास विभाग से जुड़े तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मुस्तैद रहे, जिससे ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा संभव हो सका।


