स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रित परिवारों के कल्याण और सम्मान को लेकर उत्तराखंड सरकार ने एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि देश को आजादी दिलाने वाले अमर सेनानियों का योगदान अविस्मरणीय है और उनके परिवारों की हर न्यायसंगत मांग का समय पर समाधान करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक विशेष मुलाकात के दौरान हरिद्वार से आए स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के प्रतिनिधियों ने राज्य के मुख्य सेवक से भेंट की और अपने वर्ग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को उनके समक्ष रखा।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने कहा कि आज हम जिस आजाद हवा में सांस ले रहे हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों का आनंद उठा रहे हैं, वह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के अभूतपूर्व त्याग, अटूट संघर्ष और सर्वस्व बलिदान की बदौलत ही संभव हो सका है। राष्ट्र के इन महान नायकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना और उनके उत्तराधिकारियों का मान-सम्मान बनाए रखना केवल सरकार का ही नहीं, बल्कि समाज के हर एक नागरिक का पावन कर्तव्य है। सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है ताकि इन परिवारों को किसी भी तरह की सुविधा या प्रक्रियात्मक अड़चन का सामना न करना पड़े।
उत्तराखंड की पावन भूमि का स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान
देवभूमि के नाम से जानी जाने वाली उत्तराखंड की धरती न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसका इतिहास अदम्य साहस और देशभक्ति की गाथाओं से भरा हुआ है। आजादी के आंदोलन में इस पहाड़ी राज्य के निवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों से निकलकर देश की आजादी की अलख जगाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी।
मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का स्मरण कराते हुए कहा कि उत्तराखंड की इस वीरभूमि ने राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन में अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाई है। यहां के अनगिनत वीरों ने देश को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी। राज्य सरकार का यह निरंतर प्रयास है कि इन अमर बलिदानियों के योगदान को न केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित रखा जाए, बल्कि उसे आने वाली हर पीढ़ी के दिलों में भी जीवंत बनाए रखा जाए। जब तक युवा पीढ़ी अपने पूर्वजों के इस संघर्ष और मूल्यवान इतिहास को जानेगी नहीं, तब तक देशप्रेम की भावना को सही मायनों में मजबूत नहीं किया जा सकता।
आश्रित परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार की योजनाएं और ठोस कदम
उत्तराखंड सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों के सामाजिक तथा आर्थिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सचेत है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है, जिससे उनके आश्रितों को आर्थिक संबल मिल सके। इसके साथ ही, परिवारों की अन्य सामाजिक और प्रशासनिक जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
अमर सेनानियों की यादों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में उनके नाम पर स्मारकों का निर्माण, संस्थाओं का नामकरण और अन्य सम्मानजनक पहल की जा रही हैं। इन कदमों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नई पीढ़ी जब भी इन स्मारकों या संस्थाओं को देखे, तो उसे अपने वीरों के त्याग का स्मरण हो और उसमें राष्ट्र सेवा का जज्बा पैदा हो। सरकार का मानना है कि सम्मान केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह जमीन पर महसूस भी होना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल से संवाद और समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश
मुलाकात के दौरान हरिद्वार से आए स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र रघुवंशी के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने अपनी प्रमुख चिंताओं और मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष विस्तार से रखा। प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक स्तर पर आने वाली कुछ व्यावहारिक समस्याओं और पेंशन तथा सुविधाओं से जुड़े नियमों में सरलीकरण की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद उन्हें आश्वस्त किया कि उनके द्वारा उठाए गए सभी जायज और नियमानुसार उचित विषयों पर प्राथमिकता के साथ विचार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी स्वतंत्रता सेनानी परिवार को निराश नहीं होने देगी।
तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समिति द्वारा सौंपे गए सभी ज्ञापनों और प्रकरणों का बारीकी से परीक्षण किया जाए। जो भी मामले नियमों के दायरे में आते हैं, उनका बिना किसी अनावश्यक देरी के सकारात्मक समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री के इस त्वरित और संवेदनशील रुख से प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में बेहद संतोष देखने को मिला।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख व्यक्तित्व और आभार प्रदर्शन
इस गरिमामय मुलाकात के दौरान स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में सुरेश चंद्रा सुयाल, अनुराग सिंह गौतम तथा आदित्य सिंह सहित अन्य सम्मानित सदस्य शामिल थे।
प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान की रक्षा और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे निरंतर कदमों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार जिस संवेदनशीलता के साथ स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की सुध ले रही है, वह वास्तव में अनुकरणीय और प्रशंसनीय है।


