जमीनी खेल प्रतिभाओं को तराशने की मुहिम: उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य की खेल मंत्री रेखा आर्या ने ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’ के तहत होने वाले चयन ट्रायल्स की आधिकारिक तिथियों की घोषणा कर दी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को तलाशना, उन्हें उन्नत प्रशिक्षण देना और आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
खेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि संपूर्ण चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रखा जाएगा ताकि हर योग्य खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा साबित करने का समान अवसर मिल सके। इसके लिए उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारियों को समयबद्ध और सुचारू संचालन के निर्देश जारी किए हैं।
चयन ट्रायल का पूरा शेड्यूल
मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना (8 से 14 वर्ष): इस आयु वर्ग के उभरते खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल 14 जुलाई से शुरू होंगे। यह चयन प्रक्रिया ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, वार्ड, विकासखंड और जिला स्तर पर चरणबद्ध तरीके से आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना (14 से 23 वर्ष): इस श्रेणी के युवा खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल 1 अगस्त से आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य योजनाएं और मिलने वाले लाभ
मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना (8-14 वर्ष आयु वर्ग)
चयनित संख्या: प्रदेश के प्रत्येक जिले से 150 बालक और 150 बालिकाओं (कुल 300 खिलाड़ी प्रति जिला) का चयन किया जाएगा।
वित्तीय लाभ: चयनित खिलाड़ियों को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए ₹1500 प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना (14-23 वर्ष आयु वर्ग)
चयनित संख्या: इस योजना के तहत हर जनपद से 100 बालक और 100 बालिकाओं (कुल 200 खिलाड़ी प्रति जिला) को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।
वित्तीय लाभ: इसके अंतर्गत खिलाड़ियों को ₹2000 प्रति माह की छात्रवृत्ति के साथ-साथ खेल किट और उपकरण खरीदने के लिए ₹10,000 प्रति वर्ष की अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
खेल मंत्री की अपील
खेल मंत्री रेखा आर्या ने राज्य के सभी पात्र खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे समय पर पंजीकरण कराकर इन ट्रायल्स में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने दोहराया कि सरकार का अंतिम लक्ष्य उत्तराखंड को देश के अग्रणी खेल राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।


