बदरीनाथ धाम दान घोटाला: प्रसिद्ध तीर्थस्थल बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे की कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जांच प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। बदरी-केदार मंदिर समिति की विशेष जांच टीम ने बुधवार को मंदिर परिसर का दौरा कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। इस दौरान टीम ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, दान गणना से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण किया। इसके साथ ही, घटना के समय मौजूद रहे कर्मचारियों से भी गहन पूछताछ की गई है।
सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों के बयानों से बढ़ रही जांच
विभागीय सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा के दौरान कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जो पूर्व में दर्ज मामले की कड़ियों को जोड़ने में मददगार साबित हो रहे हैं। इस मामले में पहले ही निलंबित किए जा चुके कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पुलिस प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। वर्तमान में पुलिस और मंदिर समिति की विभागीय टीमें अलग-अलग स्तरों पर इस प्रकरण की तहकीकात कर रही हैं। जांच टीम ने उन नियमित कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए हैं जो सामान्य तौर पर दान गणना प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। कई कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि संबंधित तिथि को उन्हें इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया था।
वीआईपी दर्शन शुल्क भी आया जांच के दायरे में
इस पूरे घटनाक्रम ने तब नया मोड़ ले लिया, जब श्रद्धालुओं से वीआईपी दर्शन के नाम पर वसूले जाने वाले शुल्क का मुद्दा भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया गया। अब इस बात की कड़ाई से समीक्षा की जा रही है कि वीआईपी दर्शन के लिए लिया गया शुल्क मंदिर समिति के निर्धारित नियमों, प्रस्तावों और आधिकारिक स्वीकृति के अनुरूप था या नहीं। प्रशासनिक अधिकारी इस संबंध में उपलब्ध निर्णय संबंधी दस्तावेजों का मिलान कर रहे हैं।
उच्चस्तरीय समिति करेगी मौका मुआयना मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय जांच समिति भी पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी कर रही है। यह समिति जल्द ही बदरीनाथ धाम का जमीनी निरीक्षण करेगी और वहां तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों से सीधे तौर पर विस्तृत जानकारी एकत्र करेगी।
निष्पक्षता और कड़ी कार्रवाई की प्रतिबद्धता बदरी-केदार मंदिर समिति के प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि पूरी जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाया गया है। समिति ने आश्वस्त किया है कि यदि जांच के अंतिम निष्कर्षों में किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन, हेराफेरी या प्रशासनिक लापरवाही सिद्ध होती है, तो दोषियों के खिलाफ कानून और सेवा नियमावली के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, अंतिम रिपोर्ट आने तक आधिकारिक और विधिक जांच जारी है।


