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Uttarakhand Tourism: कोलकाता TTF में बोले सतपाल महाराज, बंगाल से उत्तराखंड का है गहरा सांस्कृतिक नाता

Uttarakhand Tourism: उत्तराखंड के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कोलकाता के बिस्वा बांग्ला मेला प्रांगण में आयोजित भारत के सबसे बड़े ट्रैवल ट्रेड शो (TTF – ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर) में देवभूमि का प्रतिनिधित्व किया। फेयरफेस्ट मीडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड आज केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पसंदीदा गंतव्य बनकर उभर रहा है।

चारधाम से आगे बढ़कर साहसिक और ग्रामीण पर्यटन पर जोर
पर्यटन मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पर्यटन नीति में बड़े बदलाव कर रही है। अब सरकार का प्रयास उत्तराखंड पर्यटन को सिर्फ चारधाम यात्रा तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे साहसिक, ग्रामीण, सीमांत, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

वाइब्रेंट विलेज और सीमांत क्षेत्रों में बड़े आयोजन
प्रधानमंत्री के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम को गति देने और सीमांत गांवों को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने दो प्रमुख आयोजनों का जिक्र किया:
नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन: चमोली के नीति घाटी में समुद्र तल से 14,300 फीट से अधिक की ऊंचाई पर आयोजित इस रेस में देश भर के 1200 से अधिक साहसिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन: इसमें देश के 26 से अधिक राज्यों के लगभग 1000 धावकों ने भाग लिया। ये दोनों आयोजन दुनिया की सबसे ऊंची और चुनौतीपूर्ण मैराथनों में गिने जाते हैं।

बंगाल के साथ भावनात्मक जुड़ाव और नई नीतियां
सतपाल महाराज ने कहा कि बंगाल और पूर्वी भारत के लोगों का उत्तराखंड से एक विशेष भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है। आगामी त्योहारों जैसे दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और सर्दियों की छुट्टियों के पीक सीजन से ठीक पहले उत्तराखंड की नई पर्यटन पेशकशों को प्रदर्शित करने के लिए कोलकाता का यह मंच बेहद आदर्श है।
पर्यटन व्यवसाय को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए मुख्य कदम निम्नलिखित हैं:
सुरक्षित चारधाम यात्रा: उत्तराखंड देश के उन पहले राज्यों में शामिल है जिसने चारधाम यात्रा में आधार-आधारित प्रामाणिक पंजीकरण व्यवस्था लागू की है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
नई बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति: होमस्टे स्वामियों और होटल व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के लिए आसान पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई है।
ट्रैकिंग रूट्स की जीपीएस मैपिंग: राज्य के 100 से अधिक ट्रैकिंग रूट्स की GPS मैपिंग की जा रही है, जिससे ट्रैकिंग अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगी।

इस विशेष अवसर पर पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री शंकर घोष, गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन, थाईलैंड की महावाणिज्यदूत सुश्री सिरिपोर्न तांतिपन्याथेप, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा और फेयरफेस्ट मीडिया के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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