हरिद्वार पुलिस: हरिद्वार पुलिस ने तीर्थ नगरी हरिद्वार में एक बार फिर खाकी का मानवीय चेहरा सामने लाते हुए यह साबित किया है कि सुरक्षा के साथ-साथ समाज की सेवा और इंसानियत भी उनकी बड़ी जिम्मेदारी है। हरिद्वार पुलिस ने हर की पौड़ी क्षेत्र में सेवा करने वाले “भंडारे वाले बाबा” के नाम से प्रसिद्ध एक व्यक्ति का पूरे हिंदू रीति-रिवाज और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया। पुलिस की इस संवेदनशील पहल की स्थानीय लोगों द्वारा काफी सराहना की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले थे रमाशंकर
घटनाक्रम के अनुसार, बीती नौ जुलाई को पुलिस नियंत्रण कक्ष के समीप एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। कोतवाली नगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की और मृतक की शिनाख्त के प्रयास तेज किए। जांच के दौरान मृतक की पहचान अट्ठावन वर्षीय रमाशंकर गुप्ता के रूप में हुई, जो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के निवासी थे। रमाशंकर पिछले लंबे समय से हरिद्वार के हर की पौड़ी क्षेत्र में श्रद्धालुओं के सहयोग से छोटे-छोटे भंडारे आयोजित कराते थे, जिसके कारण वे लोगों के बीच भंडारे वाले बाबा के रूप में लोकप्रिय थे।
परिजनों की आर्थिक तंगी के कारण पुलिस ने बढ़ाया हाथ
शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने तत्काल मृतक के परिजनों से उत्तर प्रदेश में संपर्क किया। बातचीत के दौरान परिजनों ने अपनी अत्यधिक आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए हरिद्वार आने और शव ले जाने में असमर्थता जताई। परिजनों की लाचारी को देखते हुए कोतवाली नगर पुलिस ने पूरी जिम्मेदारी खुद उठाने का निर्णय लिया। बारह जुलाई को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस टीम ने खड़खड़ी श्मशान घाट में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार रमाशंकर गुप्ता का आदरपूर्वक अंतिम संस्कार कर दिया।
हरिद्वार पुलिस ने इस कार्य के माध्यम से समाज को संदेश दिया है कि केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट के समय संवेदना और मानवता का परिचय देना भी पुलिस बल की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।


