कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान आम जनता की गंभीर समस्याओं को बहुत ही ध्यानपूर्वक सुना और अधिकांश मामलों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण कर दिया। शनिवार को आयोजित इस जनता मिलन कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और प्रशासनिक परेशानियां आयुक्त के सामने रखीं। जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से भूमि विवाद, अवैध निर्माण, व्यापारिक धोखाधड़ी, वित्तीय हेराफेरी, पारिवारिक मनमुटाव और प्रशासनिक देरी से जुड़े कई संवेदनशील मामले सामने आए। आयुक्त ने प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर निष्पक्ष और ठोस कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए।
व्यापारिक धोखाधड़ी और वित्तीय मामलों पर सख्त रुख
जनता दरबार के दौरान व्यापार में धोखाधड़ी और पैसे हड़पने के कई मामले आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए गए। हल्द्वानी निवासी शिकायतकर्ता गुरुवचन कौर ने अपने व्यावसायिक साझेदार पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए गुहार लगाई। इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने स्पष्ट आदेश दिया कि यदि संबंधित व्यावसायिक कंपनी पूरी तरह बंद हो चुकी है, तो उसकी लिखित सूचना तुरंत प्रस्तुत की जाए। इसके साथ ही उन्होंने कंपनी प्रबंधन को निर्देश दिया कि पीड़ित पक्ष के साथ पूर्व में हुए समस्त वित्तीय लेनदेन का ब्योरा और बैंक खाता विवरण उपलब्ध कराते हुए नियम अनुसार देय धनराशि तुरंत वापस की जाए।
एक मामले में रामनगर निवासी प्रियांशु मनराल की संपत्ति और धनराशि वापस न मिलने की समस्या पर सुनवाई करते हुए आयुक्त ने हल्द्वानी के तहसीलदार को मामले की जांच कर जल्द से जल्द निस्तारण करने के आदेश दिए। वहीं ग्राम मंगोली निवासी शंकर सिंह द्वारा प्लॉट का सौदा रद्द होने के बाद भी पैसे वापस न मिलने की शिकायत पर भी प्रशासनिक अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सीलिंग भूमि और जमीन की अवैध बिक्री पर बड़ी कार्रवाई
भूमि से संबंधित विवादों को लेकर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कड़ा रुख अपनाया। कालाढूंगी निवासी हिमांशु पलड़िया और उनके सहयोगियों द्वारा सीलिंग की जमीन को नियम विरुद्ध तरीके से बेचने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए आयुक्त ने पीड़ित पक्ष को जमीन विक्रेता लखबीर सिंह कुलार के खिलाफ तुरंत पुलिस में प्रथम सूचना रिपोर्ट यानी प्राथमिकी दर्ज कराने की सलाह दी।
आयुक्त ने अपर जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि सीलिंग भूमि से जुड़े समस्त प्रकरणों की नियमित रूप से सुनवाई की जाए और पूर्व से लंबित पांच मामलों का शीघ्रता से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विवादित सीलिंग भूमि से संबंधित मामलों में आवश्यकता अनुसार तुरंत स्थगन आदेश यानी स्टे देने की प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि भू-माफिया सरकारी या विवादित जमीनों का गलत फायदा न उठा सकें।
इसके अतिरिक्त तिकोनिया निवासी रश्मि पवार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आयुक्त ने महेश ऐरी नामक व्यक्ति को दो प्लॉट गलत तरीके से बेचने का दोषी माना और उन्हें वर्तमान बाजार दर के अनुसार पीड़ित महिला को पूरा पैसा लौटाने का स्पष्ट निर्देश दिया।
आपसी विवाद और पड़ोसियों के बीच सुलह-समझौता
जनसुनवाई केवल प्रशासनिक कड़ाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि आयुक्त की सतर्कता से कई पारिवारिक और पड़ोसियों के बीच चल रहे लंबे विवादों का मौके पर ही शांतिपूर्ण समाधान कराया गया। मोटाहल्दू की निवासी कमला देवी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पड़ोसी द्वारा अपने खेत का ढलान नीचे कर दिया गया है, जिससे उनके घर में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है और मकान के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बन गया है। शिकायतकर्ता ने पड़ोसी द्वारा धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया था। आयुक्त ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई और आपसी सहमति से मामले का स्थायी निस्तारण करा दिया।
दहेज और संपत्ति वापसी से जुड़े एक अन्य संवेदनशील मामले में लोरियासाल तल्ला निवासी सीमा रौतेला की शिकायत पर आयुक्त ने दोनों पक्षों को व्यावहारिक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के सामान की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग बनाकर अपने पास सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में न्यायालय की कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार का विवाद या गलतफहमी पैदा न हो।
बैंक और प्रशासनिक कार्यों की कार्यप्रणाली में सुधार
नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं और प्रशासनिक सेवाओं में हो रही देरी को लेकर भी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत काफी गंभीर नजर आए। फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी गोपाल राम ने शिकायत की कि संबंधित बैंक प्रबंधक द्वारा उनके खाते से जुड़ी आवश्यक जानकारी नहीं दी जा रही है और उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। आयुक्त ने तुरंत बैंक प्रबंधक को जनसुनवाई स्थल पर ही तलब किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों की उपस्थिति में उपभोक्ता की समस्या का त्वरित समाधान करवाया।
इसके अलावा रामनगर निवासी बलजीत सिंह की सामान्य जाति प्रमाण पत्र न बनने की समस्या पर संज्ञान लेते हुए आयुक्त ने रामनगर के तहसीलदार को तुरंत प्रमाण पत्र जारी करने का हुक्म दिया। हल्द्वानी निवासी अंजू भारती के धोखाधड़ी से जुड़े एक अन्य मामले में भी क्षेत्रीय लेखपाल को तुरंत जांच कर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
जनहित के निर्माण कार्य और रोजगार से जुड़े मामलों पर ध्यान
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को भी इस जनता दरबार में प्रमुखता से उठाया गया। किसान मोर्चा के अध्यक्ष महेंद्र सिंह नेगी ने गांव की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े एक महत्वपूर्ण मार्ग का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि श्रीमती शांति फुलारा के घर की ओर जाने वाले रास्ते पर लगभग १२ परिवार निवास करते हैं और उनकी आजीविका पूरी तरह खेती-किसानी पर निर्भर है। इस मार्ग पर ट्रैक्टर और सामान्य आवाजाही के लिए पक्के मार्ग का निर्माण होना अत्यंत आवश्यक है। इस मांग पर सकारात्मक विचार करते हुए आयुक्त ने मंडी समिति हल्द्वानी को तुरंत पक्के मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया।
इसी प्रकार दुग्ध संघ लालकुआं में ठेकेदार के अंतर्गत विगत तीन वर्षों से कार्यरत नीतू पांडे की समस्या पर आयुक्त ने आश्वासन दिया कि आगामी जनता दरबार में दुग्ध संघ के महाप्रबंधक को स्वयं उपस्थित रहने के लिए कहा जाएगा ताकि श्रमिक के हितों की रक्षा हो सके।
न्यायालय में विचाराधीन मामलों पर मानवीय दृष्टिकोण
जवाहर नवोदय विद्यालय सुयालवाड़ी में पिछले ८ वर्षों से रखरखाव के पद पर संविदा के रूप में कार्यरत एक महिला कर्मचारी को बिना कारण नौकरी से हटाए जाने का मामला भी सामने आया। पीड़ित महिला की व्यथा सुनने के बाद आयुक्त ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि चूंकि यह प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए कानूनी प्रक्रियाओं का सम्मान करना आवश्यक है। हालांकि, मानवीय आधार पर आयुक्त ने निर्देश दिया कि जब तक न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता या अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक संबंधित महिला कर्मचारी को उसके पद पर कार्य करने दिया जाए।
जनता दरबार का निष्कर्ष और प्रशासनिक संदेश
हल्द्वानी के कैंप कार्यालय में आयोजित इस विस्तृत जनता मिलन कार्यक्रम के माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने यह साफ संदेश दिया कि आम जनता की समस्याओं के प्रति शासन और प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है। किसी भी स्तर पर आम नागरिकों का उत्पीड़न, वित्तीय धोखाधड़ी या भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनता दरबार में आए अधिकांश मामलों का मौके पर ही निपटारा होने से दूर-दराज के क्षेत्रों से आए शिकायतकर्ताओं ने राहत की सांस ली। आयुक्त ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि जनता की शिकायतों को लंबित रखने के बजाय प्राथमिकता के आधार पर उनका त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करें।


