कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए गुरुवार को विभिन्न मतदान केंद्रों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में बनाए गए मतदान केंद्रों पर जाकर चल रहे कार्यों का बहुत ही गहराई से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने खालसा इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका महाविद्यालय और एमबी इंटर कॉलेज में स्थापित पुनरीक्षण बूथों का दौरा किया और वहां मौजूद व्यवस्थाओं को देखा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदाता सूची सुधार से जुड़े तमाम कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और बूथ स्तर के कर्मचारियों से बातचीत की और चल रही प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को पूरी तरह से सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया की नींव को और मजबूत बनाया जा सके।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति और जमीनी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक प्रमुख ने यह देखा कि अभियान से जुड़े कार्य तय मानकों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुचारु रूप से चल रहे हैं या नहीं। उन्होंने मौके पर रखे गए रजिस्टरों, प्राप्त आवेदनों और विभिन्न प्रपत्रों का बारीकी से मिलान किया। उन्होंने पाया कि बूथों पर काम नियमित रूप से संचालित हो रहा है और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं।
समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य मकसद हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ना और पुरानी कमियों को दूर करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस काम में किसी भी स्तर पर सुस्ती नहीं आनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि दैनिक आधार पर होने वाली प्रगति की रिपोर्ट तैयार की जाए और जहां भी काम में कोई बाधा आ रही हो, उसे तुरंत दूर किया जाए ताकि अभियान अपने निर्धारित समय के भीतर सफलता पूर्वक पूरा हो सके।
पूर्व में जारी नोटिसों की सुनवाई और निस्तारण प्रक्रिया
निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों पर चल रही नोटिस सुनवाई प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया। पूर्व में जिन मतदाताओं को किसी भी प्रकार के विवरण में भिन्नता, दोहरी प्रविष्टि या दस्तावेजी कमी के कारण नोटिस जारी किए गए थे, उनकी सुनवाई का काम विभिन्न बूथों पर लगातार जारी है।
प्रशासनिक प्रमुख ने सुनवाई की स्थिति का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि हर एक नोटिस की सुनवाई पूरी तरह से नियम संगत और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। किसी भी मतदाता को अपनी बात रखने और सही कागजात प्रस्तुत करने का पूरा मौका मिलना चाहिए। सुनवाई के दौरान इस बात का खास ख्याल रखा जाए कि कोई भी वैध नागरिक अपने मताधिकार के हक से वंचित न रह जाए और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में न रहने पाए।
बीएलओ और एईआरओ को केंद्रों पर अनिवार्य उपस्थिति के कड़े आदेश
मतदाता पुनरीक्षण कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित केंद्रों पर पूरी अवधि के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने साफ लहजे में कहा कि जो भी कर्मचारी अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतेगा या बिना किसी पूर्व सूचना के अपने केंद्र से गायब रहेगा, उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों की लगातार मौजूदगी से केंद्रों पर आने वाले आम नागरिकों को भटकना नहीं पड़ेगा और वे आसानी से अपनी बात अधिकारियों के सामने रख सकेंगे।
नोटिसों की तामील और रसीद प्रणाली का अवलोकन
निरीक्षण के दौरान उन्होंने इस बात की भी जांच की कि जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, वे उन तक सही समय पर पहुंचे हैं या नहीं। उन्होंने अधिकारियों से पूरी तामील प्रक्रिया की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने को कहा कि हर संबंधित व्यक्ति को नोटिस की सूचना समय पर प्राप्त हो चुकी हो।
साथ ही, नागरिकों द्वारा जमा कराए गए दस्तावेजों की एवज में उन्हें दी जाने वाली पावती रसीद की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि जो भी नागरिक अपने कागजात या आवेदन पत्र बूथ पर जमा कराता है, उसे तुरंत आधिकारिक रसीद दी जाए। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और नागरिकों को भी अपने आवेदन का रिकॉर्ड रखने में आसानी होगी।
मतदाता सूची में विवरणों की त्रुटि और सुधार की सरल व्यवस्था
यदि किसी नागरिक के नाम, पिता के नाम, माता के नाम, आयु, लिंग, पते या अन्य किसी व्यक्तिगत विवरण में किसी प्रकार की गलती या विसंगति दर्ज हो गई है, तो उसके निस्तारण के लिए बूथों पर अत्यंत सरल व्यवस्था बनाई गई है। प्रभावित व्यक्ति अपने निकटतम मतदान केंद्र पर जाकर अपनी जानकारी को ठीक करा सकता है।
इस व्यवस्था के तहत नागरिकों को लंबी प्रक्रियाओं या कठिन औपचारिकताओं से नहीं गुजरना पड़ेगा। वे सीधे अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी के पास जाकर सुधार फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं। प्रशासनिक तंत्र को यह निर्देश दिया गया है कि वे आम जनता को आवेदन भरने और सही प्रक्रिया समझने में पूरी मदद करें, ताकि कोई भी व्यक्ति प्रक्रिया की जटिलता के कारण पीछे न छूटे।
आवश्यक दस्तावेजों के साथ मौके पर ही निस्तारण का प्रावधान
बूथों पर आने वाले नागरिकों की समस्याओं का समाधान तेजी से करने के लिए आवश्यक कागजात के सत्यापन की व्यवस्था मौके पर ही की गई है। मतदाता अपने पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म तिथि के प्रमाण या अन्य जरूरी कागजात के साथ अपने बूथ पर पहुंच सकते हैं।
वहां मौजूद बूथ लेवल अधिकारी प्राप्त दस्तावेजों की तुरंत जांच करेंगे और नियमानुसार प्रविष्टियों में संशोधन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। इस मौके पर ही निस्तारण की नीति से लोगों का समय बचेगा और उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि सही कागजात मिलने पर काम को बिना किसी देरी के तुरंत पूरा किया जाए।
समयबद्ध समाधान और जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक प्रमुख ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि हर नोटिस और हर आवेदन का निस्तारण एक तय समय सीमा के भीतर होना चाहिए। काम को बेवजह लटकाने की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर मामले का समयबद्ध निस्तारण ही इस अभियान की वास्तविक सफलता होगी।
इसके साथ ही मतदान केंद्रों पर आने वाले आम नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों की सुविधा का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रों पर बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल और छाया का प्रबंध होना चाहिए ताकि अपना विवरण सत्यापित कराने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की शारीरिक या व्यावहारिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मतदाता सूची की शुद्धता, प्रामाणिकता और निष्पक्षता की गारंटी
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मूल उद्देश्य एक ऐसी मतदाता सूची तैयार करना है जो पूरी तरह से शुद्ध, प्रामाणिक और त्रुटिरहित हो। इसके लिए काम कर रहे पूरे प्रशासनिक अमले को पूरी निष्पक्षता और तटस्थता के साथ काम करने के लिए निर्देशित किया गया है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण बुनियाद होती है। यदि बुनियाद साफ और सही होगी तो पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था पारदर्शी बनेगी। इसलिए किसी भी दबाव या पक्षपात से मुक्त होकर केवल और केवल नियमों के आधार पर ही नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन करने का काम किया जाना चाहिए।
पात्र मतदाताओं के नाम दर्ज कराने के लिए विशेष प्रोत्साहन
जिन मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं या जिनके नाम में कोई संशय है, उन्हें निर्धारित तिथि पर अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ बूथ पर उपस्थित होने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए स्थानीय स्तर पर मुनादी और व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जानकारी देने को कहा गया है।
प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र नागरिक जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है या नियम अनुसार मतदान का अधिकार रखता है, उसका नाम सूची में शामिल होने से न छूटे। कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे नागरिकों से दोस्ताना व्यवहार करें और उन्हें अपनी प्रविष्टियों को सही कराने के लिए प्रेरित करें।
निर्वाचन कर्मियों के बीच बेहतर तालमेल और सतर्कता
अभियान की सफलता के लिए क्षेत्र में तैनात सभी बीएलओ, सुपरवाइजर, एईआरओ और अन्य निर्वाचन कर्मियों के बीच आपसी समन्वय को बेहद जरूरी बताया गया है। अधिकारियों को आपस में लगातार संपर्क बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति में तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लेने की सलाह दी गई है।
कर्मचारियों को पूरी प्रक्रिया के दौरान पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेजों की जांच में किसी भी तरह की चूक न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। यदि कहीं पर भी कोई समस्या या तकनीकी बाधा आती है, तो उसका समाधान आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करके तुरंत निकाला जाए।
नागरिकों से आगे आकर सत्यापन कराने की पुरजोर अपील
प्रशासन की तरफ से क्षेत्र के सभी निवासियों और मतदाताओं से यह भावुक और महत्वपूर्ण अपील की गई है कि वे इस अभियान में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। नागरिक स्वयं आगे आएं और अपने संबंधित बूथों पर पहुंचकर मतदाता सूची में दर्ज अपने और अपने परिवार के विवरण की जांच अवश्य करें।
यदि सूची में कोई जानकारी गलत दर्ज है या किसी मृत अथवा स्थानांतरित व्यक्ति का नाम अभी भी दर्ज है, तो उसकी सूचना तुरंत बीएलओ को दें। जनता के सहयोग के बिना मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध और अद्यतन बना पाना संभव नहीं है। इसलिए हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने मताधिकार की सुरक्षा के लिए इस सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा बने।
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
निरीक्षण के इस पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सक्रिय और मुस्तैद दिखाई दिया। मौके पर तहसीलदार कुलदीप पांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने अपने क्षेत्र में चल रहे कार्यों की प्रगति से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया।
इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों के पर्यवेक्षक, बूथ लेवल अधिकारी और निर्वाचन कार्य से जुड़े कई अन्य कर्मचारी भी अपने-अपने केंद्रों पर उपस्थित थे। निरीक्षण के अंत में प्रशासनिक प्रमुख ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अभियान के अंतिम चरण तक इसी तरह की मुस्तैदी, लगन और पारदर्शिता के साथ कार्य जारी रखने की हिदायत दी।


