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कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने 5 करोड़ से अधिक की 52 विकास परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने नैनीताल स्थित जिला विकास प्राधिकरण सभागार में एक उच्च स्तरीय मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल रहे कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने उत्तराखंड पेयजल निगम की निर्माण विंग द्वारा कुमाऊं मंडल में चलाई जा रही 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति को परखना, वित्तीय और भौतिक प्रगति का आंकलन करना और विकास कार्यों को समय पर पूरा कराने की रणनीति बनाना था। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर, पूरी पारदर्शिता और उच्चतम गुणवत्ता के साथ पूरे होने चाहिए।

कुमाऊं मंडल में 52 में से 48 बड़ी परियोजनाओं पर काम तेज
बैठक के दौरान उत्तराखंड पेयजल निगम की निर्माण विंग के महाप्रबंधक ने मंडल भर की सभी परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में कुमाऊं मंडल के सभी छह जिलों में कुल 52 बड़े निर्माण कार्य स्वीकृत हैं जिनकी लागत 5 करोड़ रुपये से अधिक है।
इन 52 परियोजनाओं में से 48 कार्यों पर वर्तमान में तेजी से काम चल रहा है। केवल दो परियोजनाएं तकनीकी या कानूनी कारणों से रुकी हुई हैं, जिनमें से एक परियोजना वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया में फंसी है और दूसरी परियोजना अदालत में मामला लंबित होने के कारण आगे नहीं बढ़ पाई है। शेष सभी परियोजनाओं में निर्माण कार्य सुचारू रूप से जारी है।

जिलों के अनुसार निर्माण कार्यों का विवरण
प्रगति रिपोर्ट के अनुसार कुमाऊं मंडल के अलग-अलग जनपदों में चल रहे निर्माण कार्यों का विवरण इस प्रकार है:
ऊधम सिंह नगर: इस जिले में कुल 7 बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
चंपावत: चंपावत जिले में सबसे अधिक 15 विकास परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है।
नैनीताल: नैनीताल जिले के भीतर 7 मुख्य परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जनपद में 6 निर्माण कार्यों पर प्रगति दर्ज की गई है।
पिथौरागढ़: सीमांत जिले पिथौरागढ़ में 5 महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम चल रहा है।
बागेश्वर: बागेश्वर जिले में 1 बड़े निर्माण कार्य को गति दी जा रही है।
खेल विभाग: खेल विंग से जुड़ी 4 बड़ी परियोजनाओं में से 3 परियोजनाओं पर काम प्रगति पर है।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर
समीक्षा के दौरान प्रशासनिक प्रमुख ने प्रत्येक परियोजना की भौतिक स्थिति और उस पर हुए वित्तीय खर्च का बारीकी से हिसाब-किताब लिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता को समय पर विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए निर्माण कार्यों की गति में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं किसी प्रशासनिक, तकनीकी या अंतर-विभागीय मुद्दों के कारण धीमी पड़ी हैं, उनके समाधान के लिए तुरंत संबंधित विभागों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। अंतर-विभागीय समन्वय बनाकर सभी अड़चनों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए ताकि काम तय समय पर पूरा हो सके।

जिलों में चल रही प्रमुख विकास योजनाएं
बैठक में पेयजल निगम द्वारा संचालित प्रमुख जनहित की परियोजनाओं की सूची भी प्रस्तुत की गई, जो सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से जुड़ी हुई हैं:
1. ऊधम सिंह नगर जिले की परियोजनाएं
ऊधम सिंह नगर में राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर का निर्माण, सितारगंज जेल परिसर का विस्तारीकरण तथा केंद्रीय कारागार और संपूर्णानंद शिविर सितारगंज में बुनियादी ढांचे का विकास कार्य तेजी से चल रहा है।
2. नैनीताल जिले की परियोजनाएं
नैनीताल जिले में यात्रियों और पर्यटकों की सुविधा के लिए काठगोदाम में आधुनिक बस टर्मिनल, रामनगर में बस टर्मिनल और बस डिपो का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा नैनीताल शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए मेट्रोपोल होटल परिसर में सतह पार्किंग का काम भी चल रहा है।
3. चंपावत जिले की परियोजनाएं
चंपावत में 15 विभिन्न विकास कार्य जारी हैं। इनमें टनकपुर में अंतरराज्यीय बस अड्डे के तहत आधुनिक रोडवेज बस टर्मिनल डिपो, वर्कशॉप इमारत और क्षेत्रीय वर्कशॉप का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त चंपावत और लोहाघाट में अग्निशमन केंद्र, चंपावत में बहुमंजिला पार्किंग और टनकपुर में इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
4. अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की परियोजनाएं
अल्मोड़ा: सोबन सिंह जीना आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान का विकास कार्य, इसके साथ ही द्वाराहाट, सल्ट और दन्या में राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है।
बागेश्वर: गरुड़ क्षेत्र में राजकीय पॉलिटेक्निक की नई इमारत का निर्माण जारी है।
पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ शहर में बेस अस्पताल परिसर का विस्तार, गणाई गंगोली में नए पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग में नए परीक्षा भवन का निर्माण कराया जा रहा है।

अंतर-विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी का निर्देश
बैठक के अंतिम चरण में मंडल स्तर पर विकास कार्यों की नियमित निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे केवल फाइलों तक सीमित न रहकर खुद मौके पर जाकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करें।
जमीन से जुड़े विवादों और वन विभाग से जुड़ी अनुमतियों को समय पर सुलझाने के लिए अधिकारियों को विशेष कार्ययोजना बनाने की हिदायत दी गई। सभी विभागीय प्रमुखों को निर्देश दिया गया कि वे हर महीने अपनी-अपनी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट समीक्षा के लिए प्रस्तुत करें।

समीक्षा बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
नैनीताल में आयोजित इस महत्वपूर्ण मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में शासन और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पेयजल निगम के मुख्य अभियंता आलोक कुमार, निर्माण एवं पेयजल निगम के महाप्रबंधक अनुज पांडे, अल्मोड़ा के अधीक्षण अभियंता संदीप कश्यप, ऊधम सिंह नगर के अधीक्षण अभियंता मनीष करारा, हल्द्वानी के अधीक्षण अभियंता ए.के. कटारिया, अर्थ एवं संख्या विभाग के संयुक्त निदेशक राजेंद्र तिवारी, रुद्रपुर के प्रोजेक्ट मैनेजर नरेंद्र नवानी, हल्द्वानी के प्रोजेक्ट मैनेजर एस.पी. बडोनी तथा खेल इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र कुमार सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

कुमाऊं मंडल में 5 करोड़ से अधिक लागत वाली 52 परियोजनाओं की समीक्षा यह दर्शाती है कि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम चल रहा है। प्रशासनिक सख्ती और नियमित मॉनिटरिंग से निश्चित रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और खेल से जुड़ी ये तमाम परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों और यहां आने वाले पर्यटकों दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा।

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