कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक शिथिलता पर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने वर्षों से लटके मामलों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आम जनता को सीधी और त्वरित राहत पहुंचाई। इस जनसुनवाई में भूमि विवाद, धोखाधड़ी, सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे, सड़क हादसों, बैंक ऋण और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े अनेक मामलों की गहन समीक्षा की गई।
रामनगर के ढिकुली गांव में 31 वर्षों से अटका बंदोबस्त कार्य तत्काल पूरा करने के सख्त निर्देश
जनसुनवाई के दौरान सबसे प्रमुख और गंभीर मामला रामनगर तहसील के ढिकुली गांव से सामने आया। वहां पिछले 31 वर्षों से राजस्व विभाग द्वारा चलाया जा रहा भूमि बंदोबस्त का कार्य अब तक अधूरा पड़ा हुआ था। तीन दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया पूरी न होने पर आयुक्त ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अपर जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को इस लापरवाही के लिए आड़े हाथों लेते हुए निर्देश दिया कि बंदोबस्ती की कार्यवाही को बिना किसी देरी के तुरंत पूरा किया जाए।
सड़कों पर अवैध अतिक्रमण और बेतरतीब वाहनों के कारण हो रहे हादसों पर जताया गहरा रोष
सड़क सुरक्षा और अवैध अतिक्रमण के मुद्दे पर भी जनसुनवाई में सख्त प्रशासनिक कदम उठाए गए। गौजाजाली निवासी जरीन फातिमा ने शिकायत दर्ज कराई कि सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़े खनन वाहनों, बैलगाड़ियों और फेंकी गई भवन निर्माण सामग्री के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इसी लापरवाही की वजह से बीते महीने एक 12 वर्षीय मासूम बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
नगर मजिस्ट्रेट और पुलिस को नियमित प्रवर्तन कार्रवाई और सड़क सफाई का आदेश
इस दुखद घटना पर गहरा रोष जताते हुए आयुक्त दीपक रावत ने नगर मजिस्ट्रेट, पुलिस क्षेत्राधिकारी और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम को तुरंत मौके पर जाकर अभियान चलाने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों से अवैध कब्जे और मलबे को तुरंत हटाया जाए तथा अनियंत्रित वाहनों के खिलाफ नियमित रूप से प्रवर्तन कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार के चिराग को न बुझना पड़े।
एक ही पंजीकरण संख्या पर दो दोपहिया वाहनों के संचालन का गंभीर मामला आया सामने
जनसुनवाई में वाहन पंजीकरण से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा भी सामने आया। हल्द्वानी निवासी ईशा डंगवाल ने अवगत कराया कि उन्होंने मई महीने में एक नई स्कूटी खरीदी थी। परिवहन विभाग से मिले नंबर पर शहर में एक दूसरी स्कूटी भी संचालित हो रही है, जिसका चालान उनके मोबाइल पर आया।
परिवहन, पुलिस और ऑटोमोबाइल डीलर को मौके पर बुलाकर दिए जांच के आदेश
एक ही नंबर से दो वाहन चलने की शिकायत को आयुक्त ने अत्यंत गंभीर माना। उन्होंने तुरंत परिवहन विभाग, पुलिस अधिकारियों और संबंधित वाहन डीलर को मौके पर बुलाकर तलब किया और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा अपराध है और इसमें किसी भी स्तर की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग की सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा की गई धोखाधड़ी का हुआ पर्दाफाश
भूमि धोखाधड़ी और वित्तीय लेनदेन के मामलों में भी आयुक्त ने मौके पर ही कड़े फैसले सुनाए। अशोक सक्सेना और गोरी द्वारा गोलापार क्षेत्र में क्रय की गई भूमि के मामले में जब जांच की गई तो यह बात सामने आई कि बेची गई जमीन वास्तव में वन विभाग की है। इस पर आयुक्त ने वन विभाग को तत्काल उस भूमि को अपने अधिकार में लेने और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बिचौलियों द्वारा हड़पी गई राशि वापस कराई और पीड़ित को दी सीधी राहत
जनसुनवाई के दौरान एक अन्य भूमि विवाद के मामले में त्वरित न्याय करते हुए आयुक्त दीपक रावत ने बिचौलिए को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने संबंधित बिचौलिए को पीड़ित भूमि स्वामी को 50 हजार रुपये की धनराशि तुरंत लौटाने का आदेश दिया, जिससे पीड़ित पक्ष को मौके पर ही न्याय मिल सका।
खटीमा में बेची गई भूमि के बकाए भुगतान हेतु पुलिस क्षेत्राधिकारी को दिए निर्देश
खटीमा निवासी सविता बिंजोला द्वारा अपनी बेची गई जमीन के पैसे क्रेता से न मिलने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस प्रकरण पर गंभीरता से विचार करते हुए कुमाऊं आयुक्त ने पुलिस क्षेत्राधिकारी खटीमा को एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करने और नियमनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण बैंक ऋण और सरफेसी कार्रवाई से पीड़ित व्यक्ति को दी प्रशासनिक मदद
इसके अलावा हल्दूचौड़ निवासी भुवन चंद्र द्वारा ग्रामीण बैंक से लिए गए ऋण की अदायगी और सरफेसी की कार्रवाई रोके जाने से संबंधित अपनी समस्या रखी गई। इस प्रकरण पर आयुक्त ने उपजिलाधिकारी हल्द्वानी और बैंक अधिकारियों को संयुक्त रूप से जांच कर मानवीय आधार पर समाधान निकालने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की मिसाल
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की इस जनसुनवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। मौके पर ही अधिकारियों की जवाबदेही तय होने से न केवल वर्षों से परेशान फरियादियों को न्याय मिला, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और आम जनता का सरकार पर भरोसा और अधिक मजबूत हुआ।


