जिला सूचना अधिकारी स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी का निधन सूचना विभाग और पत्रकारिता जगत के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नजर नहीं आती। हल्द्वानी के मीडिया सेंटर में आयोजित एक विशेष शोक सभा के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दूरभाष के जरिए अपनी भावपूर्ण संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री ने इस दुखद घड़ी में दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए कहा कि श्री जोशी का इस तरह अचानक और असमय चले जाना केवल प्रशासनिक तंत्र ही नहीं, बल्कि उनके लिए व्यक्तिगत तौर पर भी एक बहुत बड़ा आघात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वर्गीय जोशी एक ऐसे समर्पित और कर्मठ व्यक्तित्व के धनी थे, जिन्होंने अपने व्यवहार और कार्यशैली से हर किसी के दिल में एक अमिट छाप छोड़ी है। सरकार इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव मदद सुनिश्चित करेगी।
जिला सूचना अधिकारी स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी का निधन और प्रशासनिक दायित्वों के प्रति उनका समर्पण
किसी भी जिले में सूचना अधिकारी की भूमिका शासन, प्रशासन और जनसंचार माध्यमों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील सेतु की होती है। जिला सूचना अधिकारी स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी का निधन इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में इस जिम्मेदारी को न केवल पेशेवर तरीके से निभाया, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
शोक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भावुक होकर स्वीकार किया कि उन्होंने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन उन्हें अपने एक ऐसे कर्मठ सहयोगी को इस प्रकार श्रद्धांजलि अर्पित करनी पड़ेगी। स्वर्गीय जोशी की कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे दिन हो या रात, परिस्थिति कैसी भी हो, अपने कर्तव्यों के संपादन के लिए सदैव तत्पर रहते थे। उन्होंने मीडिया और शासन के बीच एक आदर्श तालमेल स्थापित किया था। उनकी इसी कार्यकुशलता और मिलनसार स्वभाव का परिणाम था कि वे प्रशासनिक गलियारों से लेकर पत्रकारों के बीच बेहद लोकप्रिय और आदरणीय थे।
मीडिया सेंटर की शोक सभा में मुख्यमंत्री की दूरभाष से उपस्थिति और परिजनों को ढांढस
हल्द्वानी स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा का माहौल बेहद गमगीन था। वहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के चेहरे पर अपने एक प्रिय और सहयोगी साथी को खोने का स्पष्ट दुख दिखाई दे रहा था। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दूरभाष के माध्यम से शोक सभा को सीधे संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय जोशी भले ही आज भौतिक रूप से हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने उत्तम कार्यों, कार्यकुशलता और विनम्र व्यवहार से जो विशिष्ट पहचान बनाई है, वह सदैव अमर रहेगी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वह परिजनों को इस असीम दुख और वज्रपात को सहन करने की क्षमता प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने यह भरोसा भी दिलाया कि राज्य सरकार इस दुखद समय में दिवंगत अधिकारी के परिजनों को अकेला नहीं छोड़ेगी और भविष्य में भी परिवार की हर जरूरत का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
नवीन मीडिया सेंटर के नामकरण का प्रस्ताव और प्रशासनिक पहल
श्रद्धांजलि सभा के दौरान वहां मौजूद समस्त पत्रकार बंधुओं और मीडिया प्रतिनिधियों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री के समक्ष एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। पत्रकारों ने सामूहिक रूप से अनुरोध किया कि हल्द्वानी में निर्माणाधीन नवीन मीडिया सेंटर का नामकरण स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी के नाम पर किया जाए, ताकि उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाया जा सके।
पत्रकारों के इस भावनात्मक प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने बेहद सकारात्मक और संवेदनशील रुख अपनाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वर्गीय जोशी द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों और उनकी स्मृतियों को संजोकर रखने के लिए सरकार पूरी तरह से गंभीर है। इस संबंध में सभी हितधारकों और संबंधित अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करके आम सहमति से उचित कदम उठाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके योगदान से प्रेरणा ले सकें।
शोक सभा में उपस्थित प्रमुख जन प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और पत्रकार
स्वर्गीय अधिकारी को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित इस शोक सभा में प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों का विवरण इस प्रकार है:
प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी: जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टी.सी., अपर जिलाधिकारी विवेक राय, उपजिलाधिकारी रेखा कोहली और कोषाधिकारी द्वारिका प्रसाद वर्मा।
जनप्रतिनिधि एवं शासन के प्रतिनिधि: दर्जा राज्य मंत्री ध्रुव रौतेला और मीडिया समन्वयक कमलेश भट्ट।
सूचना विभाग एवं मीडिया प्रतिनिधि: सूचना अधिकारी मीडिया सेंटर अहमद नदीम, सूचना विभाग के समस्त कर्मचारी तथा हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में पत्रकारगण।
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने स्वर्गीय जोशी के साथ बिताए पलों को याद किया और कहा कि उनकी कार्यशैली और आत्मीयता को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
एक कर्मठ अधिकारी की अमिट छाप और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
प्रशासनिक सेवा में रहते हुए जनता, मीडिया और सरकार के बीच सकारात्मक संवाद बनाए रखना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। जिला सूचना अधिकारी स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी का निधन हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि कैसे एक व्यक्ति अपने सौम्य व्यवहार और काम के प्रति अटूट निष्ठा से सभी का प्रिय बन सकता है।
उन्होंने हमेशा समाचारों की सटीकता और त्वरित सूचना प्रवाह को प्राथमिकता दी। आपदा प्रबंधन का समय हो या फिर किसी बड़े राजकीय आयोजन की व्यवस्था, स्वर्गीय जोशी की कार्यक्षमता हमेशा अग्रिम पंक्ति में दिखाई देती थी। यही कारण है कि उनके जाने के बाद उत्पन्न हुआ शून्य इतनी आसानी से नहीं भरा जा सकता। मुख्यमंत्री द्वारा दी गई यह प्रतिबद्धता कि उनके नाम और काम को हमेशा याद रखा जाएगा, उनके द्वारा किए गए निस्वार्थ सेवा भाव का सच्चा सम्मान है। पूरा सूचना विभाग और उत्तराखंड का मीडिया जगत उनके योगदान को सदैव आदर और सम्मान के साथ स्मरण करता रहेगा।


