तत्काल टिकट बुक करने वाले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। यदि आप भी अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं और ऐन वक्त पर टिकट न मिलने की वजह से परेशान रहते थे, तो अब आपकी यह समस्या हमेशा के लिए समाप्त होने जा रही है। भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम यानी आईआरसीटीसी ने अपने यात्रियों को एक बेहतरीन और तीव्र डिजिटल अनुभव देने के लिए अपनी बिल्कुल नई वेबसाइट और अपग्रेड पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को लॉन्च करने का फैसला किया है। इस नए डिजिटल बदलाव के बाद अब यात्रियों को तत्काल टिकट बुक करने के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही बार-बार सर्वर डाउन होने की समस्या का सामना करना पड़ेगा।
भारतीय रेलवे के इस ऐतिहासिक कदम के बाद अब रेल टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से बदलने वाली है। रेलवे मंत्रालय और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा हाल ही में इस पूरे नए सिस्टम की समीक्षा की गई है, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए लाइव करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस नई प्रणाली के आ जाने से न केवल टिकट बुकिंग की रफ्तार पांच गुना बढ़ जाएगी, बल्कि यात्रियों को पुराने सिस्टम में मिलने वाली कई अन्य तकनीकी दिक्कतों से भी हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा।
अब बिना कैप्चा कोड के बेहद तेजी से बुक होगी तत्काल टिकट
इस नए सिस्टम की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि अब यात्रियों को टिकट बुक करते समय किसी भी प्रकार के कैप्चा कोड को दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। पुरानी वेबसाइट पर जब भी कोई यात्री तत्काल समय पर टिकट बुक करने का प्रयास करता था, तो उसे एक जटिल कैप्चा कोड भरना पड़ता था। कई बार कैप्चा कोड गलत हो जाने के कारण या फिर उसे लोड होने में समय लगने की वजह से पलक झपकते ही सारी तत्काल सीटें फुल हो जाती थीं। आईआरसीटीसी ने यात्रियों की इसी सबसे बड़ी परेशानी को समझा है और अब नई वेबसाइट से इस कैप्चा की अनिवार्यता को पूरी तरह से हटा दिया गया है। अब यात्री बिना किसी रुकावट के सीधे भुगतान के विकल्प पर जा सकेंगे और अपनी सीट सुरक्षित कर सकेंगे।
प्रति मिनट डेढ़ लाख से अधिक टिकट बुक करने की क्षमता
भारतीय रेलवे के पुराने डिजिटल ढांचे में क्षमता की एक बड़ी सीमा थी। पुराने सिस्टम के तहत एक मिनट में केवल 32 हजार रेल टिकट ही बुक किए जा सकते थे। यही कारण था कि जैसे ही सुबह 10 बजे और 11 बजे तत्काल बुकिंग की खिड़की खुलती थी, वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक आ जाने के कारण सर्वर पूरी तरह से ठप हो जाता था। लेकिन आईआरसीटीसी के इस नए और आधुनिक सिस्टम के बाद अब प्रति मिनट टिकट बुक करने की क्षमता को लगभग पांच गुना बढ़ा दिया गया है। अब इस नई वेबसाइट की मदद से एक मिनट के भीतर 1.5 लाख यानी डेढ़ लाख से भी अधिक टिकट बेहद आसानी से बुक किए जा सकेंगे। इतनी बड़ी क्षमता होने के कारण अब सर्वर क्रैश होने या वेबसाइट के हैंग होने की समस्या नहीं आएगी।
पीएनआर स्टेटस चेक करने की क्षमता में भी दस गुना बढ़ोतरी
ट्रेन टिकट बुक करने के साथ-साथ यात्रियों को अपने टिकट की स्थिति यानी पीएनआर स्टेटस जानने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। पुराने सिस्टम के जरिए एक मिनट में केवल 4 लाख पीएनआर स्टेटस ही चेक किए जा सकते थे, जिससे त्योहारों या छुट्टियों के दिनों में यात्रियों को अपनी वेटिंग टिकट का स्टेटस देखने में बहुत समय लगता था। नए अपग्रेड सिस्टम के आने के बाद अब प्रति मिनट पीएनआर स्टेटस चेक करने की क्षमता को सीधे 40 लाख कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब रेलवे का यह नया नेटवर्क पहले के मुकाबले दस गुना ज्यादा ट्रैफिक को बेहद आसानी से संभाल सकता है।
टिकट बुक करते समय ही मिलेगा सीट और बर्थ चुनने का नया विकल्प
आईआरसीटीसी की इस नई वेबसाइट में यात्रियों की सुविधा के लिए कई नए फीचर्स को भी जोड़ा गया है। अब जब आप यात्रा के लिए टिकट बुक कर रहे होंगे, ठीक उसी समय आपको अपनी मनपसंद सीट और बर्थ चुनने का स्पष्ट विकल्प दिखाई देगा। इसके लिए आपको बुकिंग प्रक्रिया के दौरान अलग से किसी आंतरिक मेनू में जाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री लोअर, मिडिल, अपर या साइड लोअर बर्थ का चयन अपनी बुकिंग स्क्रीन पर ही एक क्लिक में कर सकेंगे, जिससे बुकिंग का बहुमूल्य समय बचेगा।
किराया कैलेंडर से मिलेगी सटीक कीमतों की जानकारी
चूंकि भारतीय रेलवे में कुछ विशेष ट्रेनों के लिए डायनेमिक प्राइसिंग यानी मांग के अनुसार किराए में बदलाव की व्यवस्था लागू होती है, इसलिए यात्रियों को अक्सर यह समझने में दिक्कत होती थी कि किस दिन कितना किराया लगेगा। इस समस्या के समाधान के लिए आईआरसीटीसी ने नई वेबसाइट पर एक विशेष ‘फेयर कैलेंडर’ यानी किराया कैलेंडर की शुरुआत की है। इस कैलेंडर के माध्यम से यात्री पूरे महीने की विभिन्न तारीखों पर टिकट की सटीक कीमतों को लाइव देख सकेंगे। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने और बजट के अनुसार सही तारीख चुनने में बहुत मदद मिलेगी।
सभी क्षेत्रीय भाषाओं का मिलेगा मजबूत सपोर्ट
भारत एक विविधताओं वाला देश है जहां अलग-अलग राज्यों में विभिन्न भाषाएं बोली जाती हैं। कई बार अंग्रेजी या शुद्ध हिंदी की समझ न होने के कारण ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को खुद से ऑनलाइन टिकट बुक करने में परेशानी होती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए अब नई वेबसाइट पर देश की सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं का सपोर्ट दिया गया है। अब यात्री अपनी सुविधा के अनुसार मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बांग्ला, गुजराती और पंजाबी जैसी कई भाषाओं में वेबसाइट का उपयोग करके आसानी से अपनी ट्रेन टिकट सुरक्षित कर सकते हैं।
यह नया बदलाव भारतीय रेलवे के इतिहास में डिजिटल क्रांति की तरह है। अब आम यात्रियों को दलालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और वे खुद अपने मोबाइल या लैपटॉप से बिना किसी तकनीकी बाधा के कुछ ही सेकंड के भीतर अपनी कन्फर्म टिकट प्राप्त कर सकेंगे।


