पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में अपने नैनीताल जनपद के एक दिवसीय भ्रमण के दौरान क्षेत्र की जनता को बुनियादी ढांचे से जुड़ी एक बहुत बड़ी सौगात दी है। अपने तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर नैनीताल जिले के अंतर्गत आने वाले राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी चोरगलिया स्थित बने अस्थाई हेलीपैड पर उतरा। हेलीपैड पर पहुँचने पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्रियों, क्षेत्रीय विधायकों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका बेहद गर्मजोशी और भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉक्टर मोहन सिंह बिष्ट, नैनीताल जिला पंचायत की अध्यक्ष दीपा दरमवाल, उत्तराखंड सरकार के विभिन्न दायित्वधारी, नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मंजूनाथ टीसी और भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
जनता के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, सुनी समस्याएं और दिए सख्त निर्देश
हेलीपैड पर औपचारिक स्वागत के बाद मुख्यमंत्री सीधे राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी के प्रांगण में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुँचे। यहाँ पहले से ही भारी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, ग्रामीण और अपनी शिकायतें लेकर आए लोग उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बिना किसी देरी के सीधे जनता के बीच जाकर उनसे मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम पूछा और एक-एक करके लोगों की समस्याओं और मांगों को बहुत ही संवेदनशीलता के साथ सुना।
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री के तेवर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर काफी स्पष्ट और सख्त नजर आए। उन्होंने मौके पर मौजूद सभी विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि जनता द्वारा लाई गई शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत निस्तारित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और त्वरित शासन पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान हमारी पहली जिम्मेदारी है। किसी भी नागरिक को अपने छोटे-छोटे सरकारी कामों, प्रमाण पत्रों या पेंशन से जुड़ी शिकायतों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। यदि किसी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही या काम में देरी की शिकायत मिलती है, तो संबंधित विभाग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शेर नाले पर बनकर तैयार हुआ आधुनिक और मजबूत दो लेन का पुल
जनसमस्याओं को सुनने और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना का औपचारिक लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी-चोरगलिया-सितारगंज मुख्य मार्ग में स्थित शेर नाले पर बने नए आरसीसी कंक्रीट पुल का फीता काटकर उद्घाटन किया।
इस नवनिर्मित पुल से जुड़ी मुख्य और महत्वपूर्ण बातें इस प्रकार हैं:
यह पुल हल्द्वानी, चोरगलिया और सितारगंज को आपस में जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित शेर नाले के ऊपर बनाया गया है। इस पूरी परियोजना को तैयार करने में कुल 993.00 लाख रुपये (लगभग 9.93 करोड़ रुपये) की लागत आई है। तकनीकी दृष्टि से यह 120 मीटर लंबा स्पान पुल है, जिसे दो लेन (डबल लेन) के रूप में निर्मित किया गया है। इस पुल का निर्माण उच्च गुणवत्ता वाले आरसीसी कंक्रीट से किया गया है, ताकि यह भारी बारिश और उफान वाले जलभराव को आसानी से झेल सके। इस पुल के बन जाने से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब बरसात के मौसम में भी इस रास्ते पर गाड़ियों की आवाजाही बंद नहीं होगी।
मानसून और बरसात के संकट से क्षेत्रवासियों को मिली हमेशा के लिए मुक्ति
उत्तराखंड के मैदानी और तराई-भाबर इलाकों में मानसून का मौसम अपने साथ कई तरह की चुनौतियां लेकर आता है। हल्द्वानी-चोरगलिया-सितारगंज मार्ग पर स्थित शेर नाला लंबे समय से स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़े संकट का कारण बना हुआ था। हर साल जब भी पहाड़ी इलाकों में और तराई के क्षेत्रों में भारी बरसात होती थी, तब शेर नाला अपने पूरे उफान पर आ जाता था।
नाले में पानी का स्तर अचानक बढ़ जाने के कारण सड़क पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता था। कई बार पानी का बहाव इतना तेज होता था कि यात्रियों को घंटों तक नाले के दोनों तरफ फंसे रहना पड़ता था। एम्बुलेंस, स्कूली बसें, और रोजमर्रा के काम पर जाने वाले लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुँच पाते थे। लोगों को वैकल्पिक रास्ते के रूप में कई किलोमीटर का लंबा और कठिन चक्कर लगाकर जाना पड़ता था, जिससे उनका समय, ईंधन और पैसा तीनों बर्बाद होते थे।
अब 120 मीटर लंबे इस दो लेन वाले आरसीसी कंक्रीट सेतु का लोकार्पण हो जाने से इस क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। इस आधुनिक पुल की वजह से अब नाले में कितना भी पानी आ जाए, यातायात पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों, किसानों और इस मार्ग से गुजरने वाले पर्यटकों को अब 12 महीने सुगम और सुरक्षित सफर की सुविधा मिलेगी। इस विकट और सालों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होने पर चोरगलिया और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों ने खुशी व्यक्त की और मुख्यमंत्री का दिल से आभार जताया।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख हस्तियां और गणमान्य व्यक्ति
इस भव्य लोकार्पण और जनसुनवाई कार्यक्रम में शासन, प्रशासन और संगठन के कई बड़े चेहरे शामिल हुए। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने वाले मुख्य व्यक्तियों में शामिल थे:
पुष्कर सिंह धामी (माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड)
महेंद्र भट्ट (प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी)
राम सिंह कैड़ा (कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार)
डॉक्टर मोहन सिंह बिष्ट (माननीय विधायक, लालकुआं क्षेत्र)
दीपा दरमवाल (अध्यक्ष, जिला पंचायत नैनीताल)
ललित मोहन रयाल (जिलाधिकारी, नैनीताल)
डॉक्टर मंजूनाथ टीसी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नैनीताल)
इसके अलावा उत्तराखंड सरकार के कई दायित्वधारी, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस बल और हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगी नई गति
उत्तराखंड में मजबूत सड़कों और सुरक्षित पुलों का निर्माण केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हल्द्वानी और सितारगंज के बीच व्यापारिक दृष्टिकोण से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
शेर नाले पर इस मजबूत पुल के बन जाने से क्षेत्र में माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। किसान अपनी फसलों और दूध उत्पादों को बिना किसी रुकावट के नजदीकी मंडियों तक पहुँचा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, कुमाऊं क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह मार्ग अब काफी सुरक्षित और सुविधाजनक हो गया है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी यह निर्माण कार्य एक वरदान साबित होगा, क्योंकि अब मरीजों को अस्पताल पहुँचाने में नाले के उफान की वजह से देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।


