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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, कहा – ‘लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी थे अटल जी’

सीएम पुष्कर सिंह धामी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सरकारी आवास पर भारत रत्न, प्रख्यात कवि, ओजस्वी वक्ता और लोकतंत्र के सच्चे रक्षक श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी ओर से और समस्त प्रदेशवासियों की ओर से नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अटल जी के जीवन, उनके महान सिद्धांतों और भारत माता की सेवा में बिताए गए उनके हर एक पल को याद किया।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी एक ऐसे महान राजनेता थे, जिनका सम्मान दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हर भारतीय करता है। वे एक प्रखर वक्ता थे, जिनकी आवाज़ जब संसद या किसी मंच से गूंजती थी, तो पूरा देश उन्हें बहुत ध्यान और आदर से सुनता था। उनके शब्द लोगों के दिलों में देशप्रेम, साहस और नई ऊर्जा का संचार कर देते थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर कहा कि अटल जी का विराट व्यक्तित्व, राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, विचारों की दृढ़ता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता सदैव हम सभी के लिए प्रेरणा का एक बहुत बड़ा स्रोत बनी रहेगी।

अटल जी का विशाल व्यक्तित्व और अमिट छाप
अटल बिहारी वाजपेयी जी का व्यक्तित्व इतना विशाल था कि वे न केवल अपने समर्थकों के प्रिय थे, बल्कि अपने विरोधियों के दिल में भी सम्मान की जगह रखते थे। वे राजनीति में मर्यादा, सरलता और आत्मीयता के प्रतीक थे। जब भी देश के सामने कोई गंभीर समस्या या बड़ा संकट आया, उन्होंने एक कुशल और मजबूत नेता की तरह देश की कमान संभाली और भारत को हर मुश्किल से बाहर निकाला।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अटल जी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी विचारक थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में यह साबित किया कि पद और सत्ता से बड़ा देश का हित होता है। उनके जीवन का हर एक अध्याय हमें यह सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थिति में भी अपने आदर्शों, सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उनका जीवन आज के दौर के हर युवा और राजनेता के लिए एक खुली किताब की तरह है, जिसे पढ़कर देशसेवा का सच्चा मार्ग मिलता है।

लोकतंत्र और नैतिक मूल्यों के सच्चे प्रहरी
भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने में अटल बिहारी वाजपेयी जी का योगदान बहुत बड़ा और अनमोल रहा है। उन्होंने हमेशा संसद की मर्यादा, संवाद की परंपरा और लोकतंत्र की आत्मा का सम्मान किया। उनका मानना था कि राजनीति में असहमति हो सकती है, लेकिन कभी भी कटुता नहीं होनी चाहिए। वे हमेशा विपक्षी दलों के नेताओं की बातों को भी बहुत धैर्य से सुनते थे और सर्वसम्मति से फैसले लेने में विश्वास रखते थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने याद दिलाया कि अटल जी ने लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने देश में एक ऐसी राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत की, जहां राष्ट्रहित सबसे पहले आता था और दलगत राजनीति बाद में। उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन देश और देश के लोकतांत्रिक मूल्य हमेशा अमर रहने चाहिए।

ओजस्वी कवि और संवेदनशील हृदय के धनी
अटल जी एक महान नेता होने के साथ-साथ एक बेहद संवेदनशील कवि भी थे। उनकी लिखी कविताएं केवल शब्दों का मेल नहीं थीं, बल्कि वे उनके दिल की गहराई से निकली हुई भावनाएं थीं। उनकी कविताओं में देशप्रेम, मानव मूल्य, संघर्ष करने का जज्बा और उम्मीद की एक अटूट किरण दिखाई देती थी। “हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा” जैसी उनकी कालजयी पंक्तियां आज भी हर हताश और निराश व्यक्ति के मन में नई ऊर्जा भर देती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का कवि हृदय ही उन्हें एक बेहद संवेदनशील और दयालु नेता बनाता था। वे आम लोगों के दुख-दर्द को बहुत गहराई से समझते थे। जब भी वे बोलते थे या अपनी बात रखते थे, तो उसमें एक आम नागरिक की भावनाएं साफ झलकती थीं। उनकी यह संवेदनशीलता ही उन्हें देश के करोड़ों लोगों का सबसे प्रिय नेता बनाती थी।

भारतीय राजनीति और राष्ट्र निर्माण में अनमोल योगदान
भारतीय राजनीति के इतिहास में अटल बिहारी वाजपेयी जी का दौर एक स्वर्णिम अध्याय माना जाता है। प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश के विकास के लिए कई ऐतिहासिक और युग बदलने वाले फैसले लिए। उन्होंने भारत को एक आर्थिक और परमाणु शक्ति के रूप में दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि अटल जी के नेतृत्व में ही भारत ने दुनिया की परवाह किए बिना परमाणु परीक्षण कर अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की ताकत का परिचय दिया था। इसके साथ ही, देश के गांवों को आपस में जोड़ने के लिए शुरू की गई सड़कों की योजना ने भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर ही बदलकर रख दी। उन्होंने देश की सीमा से लेकर गांवों की गलियों तक विकास की एक नई लहर चलाई, जिसका लाभ आज पूरा भारत उठा रहा है।

देवभूमि उत्तराखंड से अटल जी का खास लगाव
श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का उत्तराखंड यानी हमारी देवभूमि से एक बहुत ही गहरा, आत्मीय और भावनात्मक रिश्ता रहा है। उत्तराखंड राज्य का निर्माण अटल जी के कार्यकाल के दौरान ही हुआ था। प्रदेश की जनता आज भी उन्हें राज्य के निर्माता के रूप में बहुत आदर और सम्मान के साथ याद करती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता अटल जी के इस उपकार को कभी नहीं भूल सकती। उन्होंने राज्य के लोगों की भावनाओं और लंबे संघर्ष को समझा और उत्तराखंड राज्य का सपना पूरा किया। अटल जी हमेशा उत्तराखंड के विकास और यहां के लोगों की खुशहाली के लिए चिंतित रहते थे। आज हमारी सरकार अटल जी के सपनों के उत्तराखंड का निर्माण करने के लिए दिन-रात पूरी ईमानदारी से काम कर रही है।

अटल जी के सपनों का भारत बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर यह संकल्प भी दोहराया कि हमें अटल जी के विचारों और उनके सपनों को साकार करने के लिए निरंतर काम करते रहना होगा। उन्होंने कहा कि अटल जी एक ऐसा भारत देखना चाहते थे जो पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो, जहां हर नागरिक को बराबरी का हक मिले, जहां कोई गरीब या बेबस न हो और जहां देश का हर कोना विकास की रोशनी से जगमगाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने वे उनके समय में थे। वे एक ऐसे मार्गदर्शक हैं जिनकी बातें समय बीतने के साथ और भी अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। हमें उनके बताए गए सत्य, अहिंसा, राष्ट्रसेवा और सामाजिक एकता के रास्ते पर चलकर आगे बढ़ना होगा।

हर भारतीय के दिल में सदा अमर रहेंगे अटल जी
अटल बिहारी वाजपेयी जी भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद न हों, लेकिन उनकी यादें, उनके सिद्धांत, उनकी ओजस्वी कविताएं और उनका महान काम हमेशा-हमेशा के लिए भारतीय जनता के दिलों में जीवित रहेगा। वे एक ऐसे जननेता थे जिन्होंने राजनीति को सिर्फ सत्ता का साधन नहीं, बल्कि जनता की सेवा का एक पवित्र जरिया बनाया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दी गई यह श्रद्धांजलि केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह देवभूमि की समस्त जनता की ओर से राष्ट्र निर्माण के उस महान नायक के प्रति सच्ची श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक थी। अटल जी की पुण्यतिथि पर पूरा देश उनके चरणों में अपना सिर झुकाता है और उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लेता है। उनका जीवन आने वाले सैकड़ों सालों तक भारतवासियों को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता रहेगा।

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