बाला गौरिया फिल्म टीजर पोस्टर लोकार्पण का मुख्य ध्येय उत्तराखंड की पावन भूमि पर न्याय के साक्षात अवतार माने जाने वाले पूज्य गोलज्यू महाराज के बचपन के पावन प्रसंगों को जन-जन तक पहुंचाना है। पहाड़ी अंचल की लोक आस्था में गोलज्यू देवता को अत्यंत न्यायप्रिय, करुणामयी और हर पीड़ित व्यक्ति के लिए अंतिम न्याय के द्वार के रूप में पूरी निष्ठा के साथ पूजा जाता है। उनके बाल्यकाल की असीम गाथाओं, अद्भुत लीलाओं, बाल रूप के सुंदर आख्यानों और जन-कल्याणकारी चरित्र पर आधारित यह सिनेमाई रचना न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अमूल्य है, बल्कि यह भावी पीढ़ियों के लिए एक महान नैतिक प्रेरणा स्रोत भी सिद्ध होगी।
इस कलात्मक प्रोजेक्ट का कुशल और बारीक निर्देशन जाने-माने निर्देशक नितिन तिवारी द्वारा किया गया है, जबकि इसके निर्माण और वित्तीय प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी अनुभवी निर्माता मनोज चंदोला ने निभाई है। फिल्म प्रेमियों, कला प्रशंसकों और श्रद्धालुओं के लिए यह सिनेमाघर में इस वर्ष शरद ऋतु के शुरुआती दौर यानी अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह में प्रदर्शित किए जाने की पूरी संभावना जताई गई है।
देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत और नई पीढ़ी का जुड़ाव
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने फिल्म निर्माण से जुड़ी संपूर्ण टीम, मुख्य कलाकारों, संगीतकारों और तकनीशियन वर्ग को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देवभूमि की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाज, युगों पुरानी लोकगाथाएं और हमारे इष्ट लोक देवताओं की महान विरासत ही इस राज्य की वास्तविक पहचान और आत्मा है।
जब ऐसी उच्च कोटि की कृतियों का निर्माण होता है, तो वे हमारी पौराणिक थाती को आधुनिक पीढ़ी के दिल और दिमाग से सीधे जोड़ने में एक मजबूत सेतु का कार्य करती हैं। ऐसी कलात्मक प्रस्तुतियां न केवल प्रदेश की सीमाओं के भीतर बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक पटल पर भी उत्तराखंड की मौलिक पहचान को पूरी प्रखरता के साथ रेखांकित करने में पूरी तरह सक्षम होती हैं।
उत्तराखंड में फिल्म पर्यटन और शूटिंग सुविधाओं का विस्तार
देवभूमि में सिनेमा निर्माण और सांस्कृतिक पर्यटन की असीम संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश शासन राज्य को फिल्म निर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर संकल्पबद्ध होकर काम कर रहा है। उत्तराखंड का नैसर्गिक सौंदर्य, शांत वातावरण, हरी-भरी घाटियां, बर्फ से ढकी गगनचुंबी चोटियां और विविध भौगोलिक परिदृश्य दुनिया भर के निर्देशकों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
राज्य सरकार की मंशा है कि देश और विदेश के बड़े सिनेमा निर्माताओं को यहां आकर कार्य करने का एक सर्वथा अनुकूल, सुरक्षित और सुगम वातावरण प्राप्त हो। इसके लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं, तकनीकी सहयोग और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित अनुमतियों की एक एकीकृत व्यवस्था तैयार की गई है।
नई पर्यटन नीति और फिल्म सिटी का विकास
पर्यटन नीति के विषय में विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की नई पर्यटन नीति में सिनेमा आधारित पर्यटन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। शूटिंग अनुमतियों की प्रक्रिया को बेहद सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाया गया है ताकि किसी भी निर्माता को प्रशासनिक औपचारिकताओं में बेवजह अपना समय न गंवाना पड़े।
इसके साथ ही राज्य के विभिन्न सुरम्य और प्राकृतिक स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त फिल्म सिटी विकसित करने का खाका भी तैयार किया गया है, जिससे विश्वस्तरीय उत्पादन सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही सुलभ हो सकेंगी।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आर्थिकी को बल
स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसरों का सृजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब बड़े पैमाने पर शूटिंग गतिविधियां आयोजित होंगी, तो हमारे स्थानीय युवाओं को अभिनय, संगीत, निर्देशन, छायांकन, संपादन और अन्य तकनीकी विधाओं में रोजगार और स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे।
इससे न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी एक नई ऊर्जा और मजबूती प्राप्त होगी। जब प्रदेश की बोलियों, भाषाओं, लोककलाओं और सुरम्य स्थलों का चित्रण बड़े पर्दे पर होगा, तो इससे दुनिया भर के पर्यटक इन स्थानों की ओर आकर्षित होंगे, जिससे आतिथ्य और सेवा क्षेत्र को सीधा लाभ पहुंचेगा।
लोक देवताओं के संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी
उत्तराखंड के लोक देवताओं और प्राचीन आख्यानों में हमारी सदियों पुरानी सांस्कृतिक चेतना, अटूट विश्वास और नैतिक जीवन मूल्य समाहित हैं। इन अमूल्य लोक थातियों का संरक्षण करना तथा इन्हें आने वाली संततियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाना समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक और नैतिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने सिनेमा जगत के अन्य निर्माताओं और निर्देशकों का भी आह्वान किया कि वे आगे आएं और देवभूमि की अन्य अप्रकाशित लोकगाथाओं, पौराणिक नायकों और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित विषयों का चयन कर नई फिल्मों का निर्माण करें। राज्य सरकार ऐसे सभी सृजनात्मक प्रयासों में हर संभव सहायता, अनुदान और प्रशासनिक प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।
लोकार्पण के इस विशिष्ट अवसर पर हिमाद्रि प्रोडक्शंस से जुड़े निर्माता मनोज चंदोला के साथ-साथ फिल्म के मुख्य कलाकार, संगीतकार, पटकथा लेखक और अन्य प्रमुख सहयोगी सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी सहयोगियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और यह विश्वास जताया कि यह फिल्म उत्तराखंड की संस्कृति को एक नया गौरव प्रदान करेगी।


