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सेवा संकल्प अभियान: पीएम मोदी के 25 वर्षों के सेवा सफर को धरातल पर उतारने उतरे सतपाल महाराज

सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 वर्षों के बेमिसाल सफर को राज्य के हर नागरिक तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने अपने अधीन आने वाले सभी प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलने वाले महीने भर के इस विशेष जनसेवा कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार करना और इसे राज्य के जमीनी स्तर पर सफलता पूर्वक लागू करना था। सरकार का स्पष्ट रूप से यह मानना है कि यह विशाल आयोजन केवल एक औपचारिक या प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह देश को समृद्ध बनाने, सुशासन को मजबूत करने और समाज के हर वर्ग के कल्याण के संकल्प को सिद्ध करने का एक बेहद सशक्त माध्यम है।

उत्तराखंड के पर्यटन, लोक निर्माण, धर्मस्व, संस्कृति, सिंचाई, लघु सिंचाई तथा ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने देहरादून के सुभाष रोड स्थित अपने आधिकारिक कैम्प कार्यालय में इस व्यापक रणनीति और कार्ययोजना पर अधिकारियों के साथ गहन चर्चा एवं मंथन किया। इस उच्चस्तरीय चर्चा के दौरान उन्होंने उपस्थित सभी विभागाध्यक्षों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

सेवा संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य और प्रशासनिक तैयारी
प्रदेश भर में आयोजित होने वाला यह एक माह का विशेष जनसेवा कार्यक्रम केवल कागजी योजनाओं, बैठकों या औपचारिक भाषणों तक ही सीमित नहीं रहेगा। राज्य सरकार की स्पष्ट योजना है कि इस पूरे अभियान को एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप दिया जाए, जिसमें आम नागरिकों, युवाओं और स्थानीय निवासियों की सीधी भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण घटक होगी। कैबिनेट मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि इस पूरी अवधि के दौरान राज्य के शहरी क्षेत्रों से लेकर दूर-दराज के सुदूर ग्रामीण और पर्वतीय इलाकों तक विविध प्रकार के सामाजिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य और विकास कार्यों का आयोजन नियमित और सुचारू रूप से किया जाए।

प्रशासनिक अमले को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे ब्लॉक स्तर पर विशेष ‘सेवा सेतु’ और जन-सुनवाई शिविरों का आयोजन करें। इन शिविरों का मुख्य ध्येय यह होगा कि ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आम लोगों की विभिन्न समस्याओं का तुरंत, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से समाधान किया जा सके। इसके साथ ही, सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देने के लिए पूरे राज्य में रक्तदान शिविरों का आयोजन, व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान और बड़े पैमाने पर पौधरोपण जैसे जनहित के कार्यों को तेज गति देने का निर्णय लिया गया है। इस पूरे महीने भर चलने वाले आयोजन में युवाओं की ऊर्जा, नवीन सोच और सक्रिय सहभागिता पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की बात कही गई है, ताकि आने वाली पीढ़ी में सेवा भाव, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण की चेतना को और अधिक गहराई से रोपा जा सके।

जन-भागीदारी और धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन
उत्तराखंड की विश्व स्तर पर पहचान एक पवित्र ‘देवभूमि’ के रूप में होती है, इसलिए इस पूरे सेवा अभियान में राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना का समावेश भी विशेष रूप से किया गया है। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि राज्य के सभी प्रमुख और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों, प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्रों, राशन वितरण केंद्रों, रसोई गैस वितरण केंद्रों और मोक्षदायिनी पवित्र गंगा नदी के तमाम प्रमुख तटों व घाटों पर आम जनभागीदारी के साथ दीप प्रज्वलन के भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

इन सभी आयोजनों में स्थानीय निवासियों, ग्रामवासियों, श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सीधी और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। दीप प्रज्वलन और जनसेवा के इन अत्यंत सुंदर, गरिमामय और प्रेरणादायक पलों की फोटो और वीडियो सामग्री तैयार करके विभिन्न आधुनिक माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर भी अपलोड की जाएगी। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मकता, निस्वार्थ सेवा और भ्रातृत्व का संदेश दूर-दूर तक पहुँचाना है।

इसके साथ ही, संस्कृति विभाग के अंतर्गत पंजीकृत स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक दलों को भी इस अभियान में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। ये सांस्कृतिक दल राज्य के गाँव-गाँव और पंचायत स्तर पर जाकर अपनी लोककला, नुक्कड़ नाटकों और पारंपरिक गीतों के मंचन के माध्यम से सरकार की लोक कल्याणकारी नीतियों, विकास योजनाओं और सामाजिक संदेशों की जानकारी बेहद सरल और रोचक भाषा में जन-जन तक पहुँचाएंगे।

जन प्रतिनिधियों के साथ संवाद और ब्लॉक स्तर पर क्रियान्वयन
किसी भी सरकारी नीति, कल्याणकारी योजना या राज्यव्यापी अभियान को धरातल पर पूरी तरह सफल बनाने के लिए स्थानीय प्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग और भागीदारी अत्यंत आवश्यक होती है। इसी व्यावहारिक बात को ध्यान में रखते हुए, उत्तराखंड सरकार ने पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक के सभी निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को इस अभियान की मुख्यधारा में पूरी तरह जोड़ने का एक व्यापक और व्यवस्थित खाका तैयार किया है।

अभियान के दौरान ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों, नगर निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों, माननीय विधायकों और सांसदों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों, चर्चाओं और ब्लॉक स्तरीय शिविरों का मुख्य ध्येय यही रहेगा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा’ के सिद्धांत को मूर्त रूप दिया जा सके।

इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, पेंशन योजनाओं और विकास परियोजनाओं की पूरी जानकारी और उनका प्रत्यक्ष लाभ उन जरूरतमंद लोगों तक बिना किसी रुकावट या प्रशासनिक विलंब के पहुंचे, जो वास्तव में इसके हकदार हैं। इससे शासन, प्रशासन और आम जनता के बीच एक मजबूत, पारदर्शी और भरोसेमंद तालमेल स्थापित होगा तथा आम नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी शिकायतों या समस्याओं के समाधान के लिए दूर-दराज के जिला या राज्य मुख्यालय स्थित सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

विभागों का आपसी समन्वय और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका
इस विशाल, बहुआयामी और महीने भर चलने वाले राज्यव्यापी आयोजन को सुचारू, सुव्यवस्थित और समयबद्ध रूप से चलाने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच मजबूत तालमेल और आपसी समन्वय की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया है। कैम्प कार्यालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सिंचाई, लघु सिंचाई, लोक निर्माण, धर्मस्व, संस्कृति, पर्यटन और ग्रामीण निर्माण विभाग के शीर्ष प्रशासनिक, तकनीकी और प्रबंधकीय अधिकारियों ने भाग लिया तथा अपने-अपने विभागों की भावी कार्ययोजना, तैयारियों और रूपरेखा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र सिंह भण्डारी, अपर निदेशक पूनम चंद, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष चंद्र पांडे, लघु सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता बी.के. तिवारी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता मुकेश सिंह परमार, ग्रामीण निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता विभू रावत और संस्कृति विभाग के अपर निर्देशक शेखर पटवा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सभी विभागों को उनकी विभागीय कार्यप्रणाली और विशेषज्ञता के अनुसार अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं ताकि तय समय सीमा के भीतर सभी निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा किया जा सके।

उदाहरण के तौर पर, पर्यटन और संस्कृति विभाग जहां जन जागरूकता, सेमिनार, प्रदर्शनियां, दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की पूरी कमान संभालेंगे, वहीं लोक निर्माण, सिंचाई, लघु सिंचाई और ग्रामीण निर्माण विभाग बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण सड़कों के रखरखाव, जल संरक्षण, स्वच्छता और ब्लॉक स्तरीय शिविरों के भौतिक आयोजनों पर अपना मुख्य ध्यान केंद्रित करेंगे।

समृद्ध भारत के सपने को साकार करने की दिशा में मजबूत कदम
समीक्षा बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर देकर कहा कि यह संपूर्ण प्रयास देश को वर्ष 2047 तक एक पूर्ण रूप से विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मील का पत्थर साबित होने वाला कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सार्वजनिक जीवन, सुशासन और निस्वार्थ जनसेवा के लंबे और प्रेरणादायक अनुभव से सीख लेते हुए, उत्तराखंड सरकार इस अभियान के माध्यम से राज्य के अंतिम छोर पर खड़े गरीब और वंचित व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाना चाहती है।

गरीब कल्याण, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, सुशासन, महिला सशक्तिकरण और पारदर्शी जन-सुविधाएं इस पूरी अवधि में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों के मुख्य आधार स्तंभ होंगे। सरकार का यह स्पष्ट और दृढ़ मानना है कि जब तक समाज के प्रत्येक वर्ग, क्षेत्र और व्यक्ति को बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षा और समान अवसर नहीं मिल जाते, तब तक समग्र विकास की अवधारणा अधूरी रहती है।

इसी प्रगतिशील और जन-केंद्रित सोच के साथ, पूरे प्रशासनिक अमले को पूरी निष्ठा, ईमानदारी, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ अपने दायित्वों का पालन करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस विस्तृत और व्यवस्थित कार्ययोजना से यह साफ जाहिर होता है कि राज्य सरकार आने वाले एक महीने तक प्रदेश के कोने-कोने में जनसेवा की एक नई चेतना और लहर चलाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इससे न केवल आम जनता को सीधा और त्वरित लाभ मिलेगा, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी अधिक पारदर्शिता, सुलभता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

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