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दिशा समिति की बैठक में सांसद अजय भट्ट का सख्त रुख: बोले- विकास कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

दिशा समिति की बैठक के दौरान जनहित को सर्वोपरि रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के अंतर्गत आने वाली सभी प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न विकासपरक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों की कार्यप्रणाली को परखने के लिए जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन मंगलवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में किया गया। इस मैराथन बैठक की अध्यक्षता नैनीताल-ऊधमसिंहनगर लोकसभा क्षेत्र के वरिष्ठ सांसद और समिति के माननीय अध्यक्ष अजय भट्ट द्वारा की गई।

इस बैठक के दौरान सांसद ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि क्षेत्र के विकास कार्यों और आम जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लगभग छह घंटे से भी अधिक समय तक लगातार चली इस उच्च स्तरीय बैठक में सड़क सुरक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, शिक्षा, पेयजल, कृषि, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि और जल जीवन मिशन जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाओं की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में सांसद अजय भट्ट ने कहा कि पिछले तीन महीनों के भीतर जो भी निर्देश विभिन्न विभागों को दिए गए थे, आज उनकी वास्तविक प्रगति की जांच की जा रही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बेहतर कार्य करने वाले विभाग सराहनीय हैं, परंतु जिन क्षेत्रों में प्रगति धीमी पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

बिजली विभाग की करोड़ों की योजना की होगी उच्च स्तरीय जांच
इस महत्वपूर्ण बैठक में सांसद अजय भट्ट ने विद्युत विभाग के अंतर्गत संचालित की जा रही पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना यानी आरडीएसएस योजना की समीक्षा के दौरान अत्यधिक नाराजगी व्यक्त की। लगभग 351 करोड़ रुपये की इस भारी-भरकम बजट वाली योजना के अंतर्गत होने वाले कार्यों की कमान संभाल रहे अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए सांसद ने कहा कि इतनी बड़ी लागत से कार्य होने के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इसकी भनक तक नहीं है और जमीनी स्तर पर प्रगति भी अत्यंत निराशाजनक है। इस गंभीर विषय को देखते हुए उन्होंने जनपद के जिलाधिकारी को पूरे प्रकरण की तत्काल निष्पक्ष जांच करने और एक विस्तृत रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

स्मार्ट मीटर के अत्यधिक बिलों की शिकायत का होगा तुरंत निवारण
जनता से सीधे जुड़े इस बिजली संकट और स्मार्ट मीटर के मामले को जब हल्द्वानी के माननीय विधायक सुमित हृदयेश द्वारा बैठक में प्रमुखता से उठाया गया, तो सांसद अजय भट्ट ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों को तत्काल निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बिजली के बिल और स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली के संबंध में पूरी तरह से पारदर्शी और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही जिन उपभोक्ताओं को अत्यधिक बिल आने की शिकायतें हैं, उनके परिसरों की जांच कर सभी समस्याओं का समयबद्ध और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि जनता में किसी भी प्रकार का असंतोष न रहे।

गेठिया मानसिक चिकित्सालय को सितंबर तक पूर्ण करने की समयसीमा तय
कुमाऊं मंडल के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नैनीताल के गेठिया में निर्माणाधीन मानसिक चिकित्सालय परियोजना की प्रगति पर भी बैठक में गहरी चिंता व्यक्त की गई। सांसद ने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़ी यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना काफी पहले ही पूरी हो जानी चाहिए थी। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिए कि इस चिकित्सालय के शेष बचे सभी निर्माण कार्यों को सितंबर 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इस अस्पताल के शुरू हो जाने से कुमाऊं क्षेत्र के मानसिक रोगियों को उपचार के लिए राजधानी देहरादून या अन्य बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में भवाली में प्रस्तावित मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल की प्रगति के बारे में भी बताया कि इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और इस पर बहुत जल्द आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एनएचएआई और पुलिस को सख्त निर्देश
बरेली-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग सहित गोरापड़ाव, लालकुआं मार्ग और तीनपानी बाईपास क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और असमय जा रही मासूम जानों पर सांसद ने गहरा दुख और अत्यधिक चिंता प्रकट की। उन्होंने सड़क सुरक्षा के मानकों में ढिलाई बरतने पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील मोड़ों को तुरंत चिह्नित कर वहां सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। इसके साथ ही यूपीसीएल को रात के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पुलिस व परिवहन विभाग को रातभर सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर अंकुश लगाया जा सके। सड़कों की खुदाई के मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि यूयूएसडीए द्वारा किसी भी क्षेत्र में नई खुदाई तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि उनके द्वारा पहले से खोदी गई पुरानी सड़कों की पूरी तरह से मरम्मत और पुनर्स्थापन का कार्य पूरा नहीं कर लिया जाता।

आपदा प्रबंधन के लिए तीन माह का अग्रिम खाद्यान्न भंडारण
आगामी समय और पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों को भी इस बैठक में पुख्ता किया गया। सांसद अजय भट्ट ने जिला पूर्ति अधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि संभावित प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत जनपद के सुदूरवर्ती और संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में कम से कम तीन महीने का आवश्यक राशन, रसोई गैस और दैनिक उपयोग की अन्य जरूरी सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण पहले से ही सुनिश्चित कर लिया जाए ताकि किसी भी मार्ग के अवरुद्ध होने की स्थिति में आम जनता को कोई परेशानी न हो। लालकुआं क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले श्रीलंका टापू की विशिष्ट समस्याओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में गौला नदी का जलस्तर बढ़ने से इस टापू का संपर्क मुख्य भूमि से कट जाता है, इसलिए वहां स्वास्थ्य सेवाओं, आवश्यक दवाइयों और राशन की उपलब्धता हर हाल में बनाए रखी जाए।

कृषि, स्वरोजगार और शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया बढ़ावा
बैठक के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था और युवाओं के रोजगार पर भी व्यापक चर्चा हुई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने समिति को अवगत कराया कि जनपद के कुल 67,897 पंजीकृत किसानों में से वर्तमान में 58,436 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का सीधा लाभ मिल रहा है। इस पर सांसद ने अवशेष बचे सभी पात्र किसानों के दस्तावेजों को तुरंत दुरुस्त कर उन्हें भी इस कल्याणकारी योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कृषि और उद्यान विभाग को मशरूम उत्पादन जैसी नवीन और आजीविका परक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए कहा गया। शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सांसद ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को आदेश दिए कि जनपद के जितने भी राजकीय विद्यालयों के भवन जर्जर स्थिति में हैं, उनके स्थान पर नए और आधुनिक भवनों के निर्माण का प्रस्ताव तुरंत तैयार कर शासन को भेजा जाए और किसी भी विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

इस अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक के समापन अवसर पर ग्राम्य विकास विभाग की विभिन्न स्वरोजगार और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिला लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक भी प्रदान किए गए। साथ ही हल्द्वानी शहर में एचपीसीएल द्वारा बिछाई जा रही घरेलू गैस पाइपलाइन परियोजना की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था को तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा कर अधिक से अधिक परिवारों को स्वच्छ ईंधन का कनेक्शन देने के निर्देश दिए गए।

इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल, हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश, नैनीताल की विधायिका सरिता आर्या, हल्द्वानी नगर निगम के मेयर गजराज सिंह बिष्ट, उत्तराखंड सरकार के विभिन्न दायित्वधारी, जिले के समस्त ब्लॉक प्रमुख, दिशा समिति के सम्मानित सदस्यगण, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे सहित समस्त रेखीय विभागों के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और सम्मानित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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