मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उधम सिंह नगर जिले के खटीमा स्थित लोहियाहेड कैंप कार्यालय में एक विशाल जनता मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में खटीमा और आसपास के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आगमन पर स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका बहुत ही गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आम जनता के बीच जाकर उनकी शिकायतों को बहुत ही ध्यान से और आत्मीयता के साथ सुना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य आम नागरिक की सेवा करना और उनकी समस्याओं को दूर करना है। जनता मिलन कार्यक्रम का उद्देश्य यही है कि लोगों को अपनी रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि सरकार खुद उनके पास जाकर उनकी बात सुने। इस दौरान भूमि, पेयजल, सड़क, बिजली, पेंशन और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी अनेक शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने रखी गईं।
लोहियाहेड कैंप कार्यालय में जनसमस्याओं की सीधी सुनवाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लोहियाहेड स्थित कैंप कार्यालय में सुबह से ही लोगों का जुटना शुरू हो गया था। क्षेत्र के हर वर्ग के लोग अपनी अर्जियां लेकर मुख्यमंत्री से मिलने का इंतजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक-एक करके सभी आवेदकों से मुलाकात की और उनकी बात को पूरे धैर्य के साथ सुना। उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि उनकी हर जायज मांग और समस्या पर सरकार पूरी गंभीरता के साथ विचार करेगी और उस पर उचित कदम उठाएगी।
जनता के बीच बैठकर उनकी बात सुनने की इस शैली से स्थानीय लोग काफी प्रभावित नजर आए। नागरिकों का कहना था कि जब प्रदेश का मुखिया सीधे उनकी समस्याओं को सुनता है, तो प्रशासनिक तंत्र भी अधिक सजग और सक्रिय हो जाता है। इससे आम जनता के मन में सरकार और प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होता है।
मौके पर ही समस्याओं का त्वरित समाधान और अधिकारियों को सख्त निर्देश
जनता मिलन कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केवल शिकायतें प्राप्त ही नहीं कीं, बल्कि कई मामलों का मौके पर ही तुरंत समाधान कराया। जो मामले प्रशासनिक स्तर पर तुरंत हल हो सकते थे, उनके लिए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को तुरंत बुलाकर त्वरित कार्रवाई करने के आदेश जारी किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि आम जनता से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की फाइलें सरकारी दफ्तरों में बेवजह अटकी नहीं रहनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर बिना किसी ठोस कारण के काम में देरी पाई जाती है या आम जनता को परेशान किया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर का वितरण और सामाजिक सुरक्षा की पहल
इस जन-सुनवाई कार्यक्रम के दौरान एक बेहद संवेदनशील और मानवीय दृश्य भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे अनेक दिव्यांगजनों को अपने हाथों से व्हीलचेयर का वितरण किया। जब दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर मिली, तो उनके चेहरों पर खुशी और राहत का भाव साफ नजर आया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों की देखभाल करना राज्य सरकार का सबसे पहला कर्तव्य है। दिव्यांग भाई-बहन समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें जीवन में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। सरकार का प्रयास है कि सभी दिव्यांगजनों को जरूरी सहायक उपकरण, आर्थिक मदद और पेंशन योजनाओं का लाभ समय पर मिले ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक जीवन जी सकें।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा और स्वयं सहायता समूहों को वाहनों की सौगात
उत्तराखंड के विकास में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दो नए व्यावसायिक वाहन हरी झंडी दिखाकर रवाना किए। यह कदम महिला समूहों की आर्थिक गतिविधियों को गति देने और उनके व्यापार को बढ़ाने में बहुत सहायक साबित होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर कहा कि जब राज्य की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तभी पूरे प्रदेश का वास्तविक और टिकाऊ विकास संभव हो पाएगा। महिला स्वयं सहायता समूह आज गांव-गांव में बेहतरीन काम कर रहे हैं और कई तरह के उत्पाद तैयार कर रहे हैं। इन वाहनों की मदद से महिलाएं अपने द्वारा बनाए गए सामान को बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगी, जिससे उनके काम में तेजी आएगी और उनकी आमदनी में भी अच्छी बढ़ोतरी होगी।
महिलाओं को स्वरोजगार और स्वावलंबन से जोड़ने की सरकारी नीतियां
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में विस्तार से बताया कि राज्य सरकार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई तरह की आसान और लाभकारी योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के तहत महिलाओं को कम ब्याज पर ऋण, प्रशिक्षण और विपणन की सुविधाएं दी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड की महिलाओं को केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें एक सफल उद्यमी और व्यापारी बनाना है। जब महिलाएं खुद कमाती हैं, तो उनके पूरे परिवार का जीवन स्तर सुधरता है और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी बेहतर होती है। सरकार भविष्य में भी महिला समूहों को हर तरह की तकनीकी और आर्थिक सहायता देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रसार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब, किसान, महिला और युवा वर्ग के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक और दूरगामी योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं ने देश और प्रदेश के करोड़ों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का प्राथमिक उद्देश्य यही है कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। चाहे वह आयुष्मान भारत योजना हो, उज्ज्वला योजना हो, प्रधानमंत्री आवास योजना हो या फिर किसान सम्मान निधि हो, हर योजना का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ किया जा रहा है।
अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने और पारदर्शिता का संकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि राज्य का कोई भी गरीब, असहाय या पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांवों में शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दें और मौके पर ही उनके फार्म भरवाएं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योजनाओं की जानकारी के अभाव में कई बार पात्र लोग सुविधाओं से दूर रह जाते हैं। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रशासनिक तंत्र को अधिक सक्रिय होना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा बिल्कुल साफ है कि विकास का फल केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर हर नागरिक को महसूस हो।
प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही और विकास कार्यों में तेजी के निर्देश
जनता की समस्याएं सुनने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों की एक बैठक लेकर विकास कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि खटीमा और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे सभी विकास कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकारी पैसे का पाई-पाई उपयोग जनता की भलाई के लिए होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे अपने दायित्वों का पालन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करें। जनहित के कामों में किसी भी तरह की लापरवाही या टालमटोल की नीति को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों में दिखा भारी उत्साह
खटीमा के लोहियाहेड में आयोजित इस जनता मिलन कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस प्रशासन के अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र के निवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर दिनभर हलचल बनी रही और लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की मुख्यमंत्री की यह पहल बेहद सराहनीय है, जिससे लोगों की छोटी-मोटी समस्याओं का तुरंत समाधान हो रहा है।
उत्तराखंड के चौमुखी विकास के लिए सरकार का दृष्टिकोण
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी क्षेत्रवासियों को धन्यवाद देते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल करने का जो संकल्प सरकार ने लिया है, उसे जनता के सहयोग से ही पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खटीमा उनका अपना गृह क्षेत्र है और यहां के लोगों का प्यार और आशीर्वाद हमेशा उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश के हर जिले, हर शहर और हर गांव के संतुलित विकास के लिए सरकार पूरी योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। आने वाले समय में जनहित की ऐसी कई और पहल की जाएंगी, जिससे राज्य के प्रत्येक नागरिक का जीवन और अधिक सुगम, सुरक्षित और खुशहाल बन सके।


