उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते मौसम का मिजाज बिगड़ने से पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने राज्य में 15 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।
सिरोबगड़ में भारी भूस्खलन, बदरीनाथ नेशनल हाईवे ठप
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच स्थित संवेदनशील सिरोबगड़-खांकरा लैंडस्लाइड जोन में शुक्रवार देर रात से लगातार विशाल चट्टानें और मलबा गिर रहा है। पिछले तीन दशकों से यह क्षेत्र भूस्खलन की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है। हर साल मानसून के दौरान यह मार्ग चारधाम यात्रा के लिए सबसे बड़ा अवरोध बन जाता है।
हाईवे पर लगा 10 किलोमीटर लंबा जाम, राहत कार्य जारी
शुक्रवार रात करीब दो बजे से बंद बदरीनाथ हाईवे को शनिवार तक भी पूरी तरह नहीं खोला जा सका। मिनी गोवा बीच से लेकर खांकरा तक का पूरा क्षेत्र इस वक्त भूस्खलन की चपेट में है। लगातार गिरते मलबे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की मशीनों और राहत कर्मियों को रास्ता साफ करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। मार्ग बंद होने से हाईवे के दोनों तरफ लगभग 10 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने कई जगहों पर वाहनों को रोक दिया है, जिससे हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग फंसे हुए हैं।
पौड़ी और देवप्रयाग मार्गों पर भी हादसों का साया
बारिश के चलते अन्य पहाड़ी मार्गों पर भी हालात गंभीर हैं। कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सतपुली मल्ली के पास पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने के कारण सब्जी से लदा एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, गनीमत रही कि चालक समेत सवार तीनों लोग समय रहते बाहर निकल आए और एक बड़ा हादसा टल गया। उधर, देवप्रयाग मार्ग पर डिग्री कॉलेज गदेरे और दुधारखाल मार्ग भी मलबा आने के कारण बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगातार काम कर रही हैं।
चीन सीमा को जोड़ने वाले तवाघाट-लिपुलेख मार्ग बंद
पिथौरागढ़ जिले में भी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। चीन सीमा को जोड़ने वाले सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तवाघाट-लिपुलेख और तवाघाट-सोबला-तिदांग मार्ग भूस्खलन के कारण पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे सीमावर्ती गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। लिपुलेख मार्ग मलघाट के पास और दारमा घाटी मार्ग पम्पावे के पास अवरुद्ध है। इसके अलावा, थल-मुनस्यारी मार्ग नौलड़ा और नया बस्ती के पास बंद है, जबकि जिले की 14 ग्रामीण सड़कें भी बंद पड़ी हैं।
कड़ी निगरानी में कैलास मानसरोवर यात्रा
इन विपरीत परिस्थितियों के बीच कैलास मानसरोवर यात्रा मौसम की सख्त निगरानी में जारी है। यात्रा के दूसरे दल के सदस्यों का गुंजी में स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। वहीं, पहला दल इस समय तिब्बत के तकलाकोट में ठहरा हुआ है, जो रविवार को कैलास मानसरोवर की ओर अपनी आगे की यात्रा शुरू करेगा।


