Homeउत्तराखंडहजारों शिक्षकों को बड़ी राहत: शिक्षा विभाग को मिला अतिरिक्त समय, जानें...

हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत: शिक्षा विभाग को मिला अतिरिक्त समय, जानें कब जारी होगी तबादला सूची

हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के स्थानांतरण (तबादला) की राह देख रहे कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। शासन ने इस वर्ष की स्थानांतरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए शिक्षा विभाग को 55 दिनों का अतिरिक्त समय प्रदान किया है। कार्मिक विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद, शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने इस संबंध में शिक्षा महानिदेशक को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

क्यों बढ़ा समयसीमा का दायरा ?
उत्तराखंड लोक सेवक (स्थानांतरण अधिनियम)-2017 के तहत निर्धारित की गई प्रारंभिक समयसीमा के भीतर तबादला प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।
पहला लक्ष्य: पूर्व में यह प्रक्रिया 10 जून तक पूरी की जानी थी।
पहला विस्तार: इसके बाद विभाग को 30 जून तक के लिए 20 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया था, परंतु तकनीकी व अन्य कारणों से अंतिम आदेश जारी नहीं हो सके।
वर्तमान स्थिति: विसंगतियों को दूर करने और पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने आगामी सत्र के लिए 50 दिनों की मोहलत मांगी थी, जिसे शासन ने जनहित में बढ़ाकर 55 दिन कर दिया है।

अनुरोध (रिक्वेस्ट) आधारित तबादलों पर रहेगा जोर
जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस बार विभागीय आवश्यकताओं और नियमों को ध्यान में रखते हुए मुख्य रूप से अनुरोध आधारित स्थानांतरण किए जाएंगे। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से तय समय के भीतर संपन्न होनी चाहिए।

इन संवेदनशील श्रेणियों को मिलेगी प्राथमिकता
शिक्षकों की सामाजिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने इस बार अनुरोध आधारित तबादलों में कुछ विशेष श्रेणियों को वरीयता देने का निर्णय लिया है:
स्वास्थ्य एवं दिव्यांगता: गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारी, दिव्यांग कार्मिक, मानसिक रूप से अस्वस्थ या असहाय बच्चों के माता-पिता और दिव्यांग इकलौती संतान वाले कर्मचारी।
पारिवारिक स्थितियां: पति-पत्नी को एक ही स्थान पर तैनाती का विकल्प, विधवा या विधुर कर्मचारी, और न्यायालय द्वारा परित्यक्ता या तलाकशुदा घोषित महिला कर्मचारी।
वरिष्ठता: विभाग के वरिष्ठ और बुजुर्ग कार्मिकों को भी उनकी सुविधा के अनुसार प्राथमिकता सूची में रखा जाएगा।

कर्मचारियों को बड़ी राहत की उम्मीद
शासन द्वारा समयसीमा बढ़ाए जाने और प्राथमिकता श्रेणियों को स्पष्ट करने से उन हजारों शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से गंभीर पारिवारिक, चिकित्सीय या सामाजिक वजहों से गृह जनपद या सुगम स्थानों पर तबादले का इंतजार कर रहे थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments