कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा का सख्त रुख: उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान, मंत्री ने विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं और अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने निर्देश दिया कि पेयजल, सीवर, गैस पाइपलाइन, विद्युत केबल या ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के नाम पर जिन भी विभागों ने सड़कों को खोदा है, वे पहले उन्हें तत्काल पूर्व स्थिति में लाएं, इसके बाद ही किसी नए क्षेत्र में खुदाई की अनुमति दी जाएगी।
मानसून को लेकर विशेष तैयारियां और निर्देश
आगामी मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए शहरी विकास मंत्री ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए निम्नलिखित आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:
जल निकासी व्यवस्था: शहर के सभी प्रमुख नालों की तत्काल सफाई की जाए ताकि जल निकासी सुचारू रह सके।
पंपिंग व्यवस्था: निचले और जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में पानी निकालने के लिए पंपिंग की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सड़कों की मरम्मत: क्षतिग्रस्त मार्गों पर पैचवर्क, इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने और नाली निर्माण के कार्यों में तेजी लाई जाए।
अतिक्रमण पर कार्रवाई: यातायात को सुगम बनाने के लिए सड़कों और फुटपाथों से अवैध अतिक्रमण हटाया जाए और वेंडिंग जोन को तेजी से चिन्हित किया जाए।
लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस, हर हफ्ते देनी होगी रिपोर्ट
कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हल्द्वानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹2200 करोड़ की महायोजनाओं पर काम चल रहा है। इस भव्य विकास परियोजना में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यों में पारदर्शिता और गति बनाए रखने के लिए उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी प्रगति रिपोर्ट हर सप्ताह नगर आयुक्त को अनिवार्य रूप से सौंपें।
जमीनी हकीकत जानने पहुंचे मंत्री, किया स्थलीय निरीक्षण
समीक्षा बैठक के समापन के बाद मंत्री राम सिंह कैड़ा ने काठगोदाम के कालाटैक्स क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। वहां एशियाई विकास बैंक परियोजना के तहत चल रहे सीवरेज, नहर, सड़क और गैस पाइपलाइन कार्यों का जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए: निर्माण स्थलों पर नागरिकों की सुरक्षा के लिए उचित बैरिकेडिंग और स्पष्ट साइनेज लगाए जाएं। सड़क के गड्ढों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द भरा जाए और जमरानी बांध परियोजना के अंतर्गत आने वाली नहर की कवरिंग का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को भेजा जाए।


